अजीत सिन्हा की रिपोर्ट फरीदाबाद:जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के एलुमनी अफेयर्स सेल द्वारा ‘गोल्डन जुबली एलुमनी मीट’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसका शीर्षक ‘संगम-2026’ है। यह पुनर्मिलन समारोह 12 फरवरी 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में होगा कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए प्रो. मुनीश वशिष्ठ (डीन, इंस्टीट्यूशन) और प्रो. संजीव गोयल (डीन, एलुमनाई अफेयर्स) ने बताया कि यह आयोजन पूर्ववर्ती वाईएमसीए इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग के 1972-76 बैच के 50 वर्ष पूरे होने का अवसर है। इस बैच में कुल 113 छात्र थे. इस बैच के सदस्य अब 70 वर्ष से अधिक आयु के है और इनमें से लगभग 70-80 प्रतिशत ने उद्यमिता और व्यवसाय के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इस बैच के 15 सदस्य अब दुनिया में नहीं है।

इस बैच के कई सदस्यों ने ऐसे सफल उद्यम स्थापित किए हैं,जिन्होंने भारत की औद्योगिक एवं आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इनमें प्रमुख कंपनियों के नाम हैं— भारती एंटरप्राइजेज, फुजी जेमको प्रा. लि., हिंद हाइड्रॉलिक्स, वेलोसिटी ट्रांसमिशन्स,रचिटेक, हैप्पी फोर्जिंग,कैरी मोर,बीजी2 इंडिया।ये सफलताएँ संस्थान में निहित उद्यमी भावना, तकनीकी उत्कृष्टता और अटूट दृढ़ता का जीवंत प्रमाण हैं। ‘संगम-2026’ कार्यक्रम में बैच के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र राकेश भारती मित्तल, उपाध्यक्ष, भारती एंटरप्राइजेज सहित विभिन्न क्षेत्रों के अन्य वरिष्ठ कॉर्पोरेट लीडर्स और पूर्व छात्र उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार समारोह को संबोधित करेंगे तथा विश्वविद्यालय के भविष्य के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को साझा करेंगे, जिनमें शैक्षणिक उन्नयन, लड़कों का नया छात्रावास, नए उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना, तथा संस्थान को ‘राष्ट्रीय महत्व का संस्थान’ बनाने की रूपरेखा शामिल होगी। उनका संबोधन उपस्थित सभी में गर्व और नई प्रतिबद्धता जगाएगा। संगम-2026 पुरानी यादों,भावुक पुनर्मिलन और नई प्रेरणा का हृदयस्पर्शी मेलजोल होगा। इसमें विश्वविद्यालय के उत्साही छात्र क्लबों द्वारा जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, 1972-76 काल के पूर्व शिक्षकों से आत्मीय मुलाकातें, तथा परिसर का भ्रमण शामिल होगा,जिसमें पूर्व छा त्र अपने पुराने संस्थान को एक साधारण इंस्टीट्यूट से आधुनिक एवं विस्तृत विश्वविद्यालय के रूप में बदलते देख सकेंगे।

बैच की स्मृतियों, चित्रों, रोचक किस्सों और उपलब्धियों से सजी एक विशेष स्मृति पुस्तिका सभी के लिए अमूल्य स्मृति बनेगी। भारती छात्रवृत्ति प्राप्त छात्रों को राकेश भारती मित्तल से मिलने-बातचीत का विशेष अवसर प्राप्त होगा। पूर्व छात्र अपने व्यक्तिगत सफर,उपलब्धियों और प्रिय स्मृतियों को साझा करते हुए प्रेरक भाषण देंगे। साथ ही, उन शिक्षकों एवं कर्मचारियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी, जिन्होंने उनके जीवन-निर्माण में योगदान दिया। संगम-2026 संस्थान की विरासत का उत्सव है जो आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी।
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