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फरीदाबाद

फरीदाबाद: रजिस्ट्रियों से पहले नगर निगम से घर से बैठे-बैठे नो ड्यूज सर्टिफिकेट ले सकते हैं-डा. यश गर्ग

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
फरीदाबाद: सम्पत्तियों को क्रय-विक्रय करने के लिए होने वाली रजिस्ट्रियों से पूर्व फरीदाबाद नगर निगम से नो डयूज़ सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग,हरियाणा के द्वारा लांच किए गए नो. डयूज़ सार्टिफिकेट मैनेजमैन्ट सिस्टम को एक बेहतर सिस्टम बताते हुए निगमायुक्त डा. यश गर्ग ने नागरिकों को निगम कार्यालयों में आने की बजाए अपने घर बैठे-बैठे ulbhryndc.org के माध्यम से अपना नो डयूज प्राप्त करने की सलाह दी है। निगमायुक्त के अनुसार नो डयूज़ जारी करने या इस सम्बन्ध में नागरिकों के द्वारा सिस्टम के माध्यम से उठाई जा रही आपत्तियों का एक निर्धारित समय सीमा में निगम के सम्बन्धित अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा समाधान किया जाना आवश्यक है और इसमें कोताही बरतने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई  करने के निर्देश  जारी कर दिए गए  हैं।

डा. गर्ग ने नो डयूज़ सर्टिफिकेट मैनेजमैंट सिस्टम के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा सरकार की नीति के अनुसार फरीदाबाद नगर निगम क्षेत्र में नागरिकों को अपनी सम्पत्ति को बेचने, उसे ट्रांसफर करने, लीज पर देने आदि से पूर्व नगर निगम से नो डयूज प्राप्त किया जाना आवश्यक  किया गया है और इसे प्राप्त करने के लिए पूर्व में प्रचलित जटिल प्रक्रिया का सरलीकरण करते हुए उक्त नो डयूज़ सार्टिफिकेट मैनेजमैन्ट सिस्टम को सरकार के द्वारा लांच किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी प्रापर्टी का नो डयूज बिना किसी परेशानी  के प्राप्त कर सकते हैं।  उन्होंने बताया कि इसका तरीका बड़ा ही आसान है। जिन नागरिकों को निगम से अपनी प्रापर्टी की आई.डी. नहीं मिली हुई है उसे स्वयं को अपने मोबाईल नम्बर के माध्यम से ulbhryndc.org    पर जाकर पंजीकृत करना होगा।  इसके बाद लाग-ईन करके सर्च प्रापर्टी के विकल्प में उपलब्ध अपनी कालोनी या सेक्टर को चयन करेगा तो उस क्षेत्र की सीमा लाल रंग में सिस्टम पर दर्षित होगी, जहां पर नागरिक अपनी प्रापर्टी का चयन करके आनलाईन ही सेल्फ असेसमेंट करके सम्पति कर जमा कर सकते हैं। जैसे ही नागरिक सम्पति कर व विकास शुल्क  जमा करेगा तो उसे अस्थाई प्रापर्टी आई.डी. मिल जाएगी  और इसके बाद ही रजिस्ट्री के लिए उसे टोकन प्राप्त हो सकेगा।

निगमायुक्त के अनुसार जिन नागरिकों की प्रापर्टी एन.डी.सी. पोर्टल पर दर्ज है, उसे नागरिक प्रापर्टी आई.डी. (जो कि उनकी पिछले साल की संपति कर की रसीद पर उललेखित है) से सर्च कर सकते हैं। प्रापर्टी आई.डी. पर निगम के द्वारा संपति कर के दर्ज किये गये ब्यौरे से यदि नागरिक सहमत हैं तो वे आनलाईन अदायगी कर दें और यदि उक्त ब्यौरे से असहमत हैं तो वे दस्तावेज के प्रमाण के साथ अपनी आनलाईन आपत्ति दर्ज कर सकते हैं, जिससे कि निगम के संबधित कर्मचारियों के द्वारा ऐसे दस्तावेजों की वेरिफिकेषन करके नागरिकों के द्वारा दर्ज की गई आपत्ति का निर्धारित समय सीमा में निपटारा किया जा सके और निगम के द्वारा की जाने वाली कार्यवाही का स्टेटस संबधित नागरिक अपने मोबाईल पर देख सकंेगें।

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