
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत विभिन्न भाजपा शासित प्रदेशों में दलितों और पिछड़ों के खिलाफ उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं पर जोरदार हमला बोला है। कांग्रेस अनुसूचित विभाग के अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में विश्वकर्मा समाज की एक बेटी के दुष्कर्म-हत्या का मामला उठाते हुए पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को रोके जाने पर सवाल उठाए और मौजूदा हालात को अघोषित आपातकाल करार दिया।राजेंद्र पाल गौतम नई दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और ओडिशा प्रभारी अजय कुमार लल्लू तथा पूर्व सांसद रवि वर्मा के साथ पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा दमनकारी नीति अपना रही है और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी सत्ता के इशारों पर अपनी ताकत का इस्तेमाल विपक्ष, दलितों, पिछड़ों की आवाज को दबाने के लिए कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था का जिक्र करते हुए गौतम ने गाजीपुर की घटना के साथ हरदोई में कुशवाहा समाज की बेटी की हत्या और प्रतापगढ़ में एक दलित लड़की की हत्या कर उसे पेड़ से लटकाए जाने के हालिया मामले सामने रखे। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने जाने वाले विपक्षी नेताओं को रोका जाता है और जो वहां पहुंचने में सफल हो जाते हैं, उन पर दबंगों द्वारा हमला होता है लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है, उल्टा विपक्षी नेताओं पर ही कार्रवाई की जाती है। कांग्रेस नेता ने बताया कि सोमवार को उनके साथ अनिल जयहिंद, अजय कुमार लल्लू, रवि वर्मा, सुभाषिनी यादव, जितेंद्र बघेल और राज्यसभा सांसद कर्मवीर बौद्ध समेत पार्टी के कई नेता गाजीपुर के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे। उनके दौरे को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। वाराणसी एयरपोर्ट पर ही उन्हें रोक दिया गया और गाजीपुर नहीं जाने दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा धारा 163 लागू होने का हवाला दिया गया और पार्टी नेताओं को वाराणसी के कांग्रेस कार्यालय भी जाने नहीं दिया गया। पुलिस द्वारा उन्हें कैदियों की वैन में बिठाकर थाने ले जाया गया और पूरे दिन वहां रखा गया। उन्होंने प्रशासन पर कानून के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि गाजीपुर के डीएम ने धारा 163 के अपने आदेश में पीड़िता की पहचान उजागर कर दी।गौतम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल किया कि क्या अघोषित आपातकाल लगा दी गई है? क्या कांग्रेस नेता अपराधी हैं कि उन्हें रोकने के लिए इतना पुलिस बल लगा दिया गया। उन्होंने यह भी पूछा कि कांग्रेस नेताओं को वाराणसी में उनके पार्टी कार्यालय भी क्यों नहीं जाने दिया गया? उन्होंने कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार करने और उनके मौलिक अधिकारों का हनन करने वाले पुलिस के अधिकारियों और डीएम पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की।कांग्रेस नेता ने मध्य प्रदेश में एक दिव्यांग दलित दूल्हे को घोड़ी से उतारकर मारपीट करने और राजस्थान में 16 वर्षीय किशोर को पुलिस हिरासत में बुरी तरह पीटने जैसी घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भाजपा-शासित पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार और महाराष्ट्र में दलित उत्पीड़न के 76 प्रतिशत मामले सामने आए हैं।गौतम ने कड़े शब्दों में कहा कि भाजपा दलितों, पिछड़ों और बाबा साहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर के संविधान से नफरत करती है।वहीं अजय कुमार लल्लू ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को जंगलराज करार दिया। उन्होंने एनसीआरबी डेटा का हवाला देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में हर वर्ष महिलाओं पर अत्याचार के 65 हजार से ज्यादा मामले दर्ज हो रहे हैं। उन्होंने कटाक्ष किया कि राज्य में अपराध का यह आलम है, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दूसरे प्रदेशों में जाकर फ़िल्मी डायलॉग बोलते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई गंभीर घटनाओं में पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए मूकदर्शक बनी हुई है, जबकि विपक्षी नेताओं को रोकने में प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है।
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