Athrav – Online News Portal
फरीदाबाद राष्ट्रीय वीडियो स्वास्थ्य

 डा. विश्वरूप रॉय चौधरी ने कोरोना वायरस को कमजोर वायरस बताया, इंडिया को अपना डब्लूएचओ बनाना चाहिए, सुनिए वीडियो में।  

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
फरीदाबाद:तीन दिन में शुगर को बिना दवाई कंट्रोल करने का फार्मूला बताने वाले डॉक्टर विश्वरूप रॉय चौधरी ने कोविड-19 को नार्मल फ्लू  बताया है और अपने दावे के पीछे ब्रिटेन के उन डॉक्टर्स का हवाला भी दिया है जिन्होंने कोविड -19 को पहले बहुत खतरनाक माना था लेकिन अब वह खुद ही इसे नार्मल फ्लू बता रहे हैं। डॉ. विश्वरूपरॉय चौधरी के मुताबिक कोविड -19 की इंटेंसिटी आम फ्लू जितनी भी नहीं है जिसे अब यूके की  न्यू एंड इमर्जिंग रेस्पिरेटरी थ्रेट वायरस ग्रुप ने भी स्वीकार कर लिया है। डा. रॉयचौधरी के मुताबिक यूके के इस ग्रुप ने स्वीकार किया है कि पहले उन्हें लग रहा था कोविड-19 की मोर्टलिटी रेट 3 से 4% होगी लेकिन यह .002 परसेंट है जो कि नॉर्मल फ्लू से भी कम है। उन्होंने कहा कि इसे महामारी बताने में ड्रग माफिया की भी संलिप्तता है।   
शेयर कर बताया कि किस तरह एपिडेमियोलॉजिस्ट नील फर्गुसन ने यह स्वीकार किया है कि कोविड-19 के बारे में वह कितने  गलत थे । उन्होंने पहले अनुमान लगाया था कि कोविड-19 से अमेरिका में करीब 2200000 मौतें होंगी और यूके में मौतों की संख्या 500000 होगी लेकिन अब उनका कहना है कि यूके में अस्पताल बेहतर स्थिति में है और यूके में कोविड-19 से मौतों की संख्या करीब 20,000 या उससे कम ही होगी। डा.राय चौधरी के मुताबिक इटली का ही अगर पिछले 10 साल का आंकड़ा देखा जाए तो इस सीजन के दौरान चाहे कोई भी वायरस हो उनके यहां मौतों की संख्या 20 से 25000 रहती है । वहां बूढ़े लोगों की संख्या ज्यादा है। इसी तरह यूरोप में भी किसी भी इंफेक्शन या किसी अन्य बीमारी से इस सीजन में मौतों की संख्या में इजाफा रहता है लेकिन कोविड-19 पहली बीमारी है जिसमें एक-एक मौत का आंकड़ा प्रचारित किया जा रहा है । इसके पीछे कहीं ना कहीं ड्रग माफिया भी है। उन्होंने कहा कि हर साल भारत में निमोनिया से डेढ़ से 200000 मौतें होती हैं ।
मलेरिया से इतनी ही मौतें होती हैं और कई सारी बीमारियों से मौतें होती हैं लेकिन कहीं भी इसे इस तरह से प्रचारित नहीं किया जाता।  उनके मुताबिक कोविड-19 मरीजों को एड्स की दवा दी जा रही है, मलेरिया की दवा दी जा रही है जिसका इस बीमारी से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि एड्स की दवाइयों के अपने साइड इफ़ेक्ट्स हैं। उन्होंने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी और अपने खान-पान में बदलाव कर सिट्रिक फलों का जूस, सलाद, नारियल पानी लेने की सलाह दी । जानते हैं उनसे कि इसे किस तरह से लेना है जिससे कोविड-19 से बचाव हो सके और अगर यह बीमारी हो गई है तो उसे कैसे ठीक किया जाए।

Related posts

34 वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले में सुरक्षा के कडे़ इंतजाम, डीजीपी मनोज यादव ने किया सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण

Ajit Sinha

राष्ट्रीय अधिवेशन: ‘‘भाजपा देश की आशा और विपक्ष में निराशा’’ का मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया अनुमोदन

Ajit Sinha

हरियाणा स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. रणदीप पूनिया ने आज गुरुग्राम के नागरिक अस्पताल का किया निरीक्षण

Ajit Sinha
error: Content is protected !!