अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:प्रवर्तन निदेशालय (ईडी),जम्मू उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने 22 अगस्त 2025 को जम्मू और उधमपुर में संरक्षक भूमि हड़पने के मामले में विभिन्नपटवारियों , तहसीलदारों, मध्यस्थों और भूमि हड़पने वालों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) , 2002 के प्रावधानों के तहत तलाशी अभियान चलाया, जो लगभग 502.5 कनाल संरक्षक भूमि (निकासीकर्ताओं द्वारा छोड़ी गई भूमि, जो पहले पाकिस्तान चले गए थे) से जुड़े धोखाधड़ी वाले भूमि हड़पने और भ्रष्टाचार में लिप्त थे।
ईडी ने एसीबी, जम्मू और कश्मीर पुलिस द्वारा दर्ज की गई विभिन्न एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। ईडी की जांच से पता चला कि जम्मू और उसके आसपास लगभग 502.5 कनाल सरकारी कस्टोडियन भूमि (निकासीकर्ताओं द्वारा छोड़ी गई भूमि, जो पहले पाकिस्तान चले गए थे) की धोखाधड़ी से कब्जा करने में कई सरकारी राजस्व अधिकारियों, निजी व्यक्तियों, भूमि हड़पने वालों और बिचौलियों से जुड़े एक पूरे पारिस्थितिकी तंत्र शामिल था, जो मिलीभगत करके काम कर रहे थे।
कथित भूमि का मूल्य लगभग 20 करोड़ रुपये है। जाली पुरानी तारीख के दाखिल-खारिज रिकॉर्ड, मुख्तारनामे, विक्रय विलेख और आधिकारिक राजस्व रिकॉर्ड में झूठी प्रविष्टियाँ बनाकर 2022 से भूमि का अवैध कब्जा किया गया। इस तरह धोखाधड़ी से कब्जा की गई सरकारी संरक्षक भूमि को बाद में जाली दस्तावेजों के माध्यम से बेच दिया गया, और बिक्री की आय (अपराध की आय) को आरोपी व्यक्तियों से संबंधित कई खातों के माध्यम से व्यक्तिगत उपयोग के लिए स्थानांतरित किया गया। तलाशी में संपत्ति, राजस्व रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों से संबंधित कई आपत्तिजनक दस्तावेज मिले हैं। आगे की जांच जारी है।
Related posts
0
0
votes
Article Rating
Subscribe
Login
0 Comments
Oldest
Newest
Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments