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अपराध गुडगाँव

साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश, सिम बॉक्स के जरिए कॉल डायवर्ट कर साइबर अपराध को दिया जाता था अंजाम, 5 आरोपित पकड़े गए।


अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
फिलीपींस/कंबोडिया से संचालित एक साइबर फ्रॉड गिरोह का साइबर अपराध पश्चिम , गुरुग्राम की टीम ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस टीम ने छापेमारी के दौरान पांच आरोपितों को गिरफ्तार किए है जिनके नाम राहुल कुमार,यश अमृत सिंह डूंगर,भाविका रमेश भागचंदानी, लितेश और सागर हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने अब तक 13 सिम बॉक्स, 7 वाईफाई TAPO कैमरा विद हुमन डिटेक्शन, 7 वाई-फाई राउटर्स, 7 इनवर्टर, 30 बैटरी, 29 TAPO वाई-फाई स्विचस, 28 इथरनेट वायर, 504 सिम कार्ड, 1 रेलवे टिकट, चाइना कार्टून बॉक्स बरामद किए है। सिम बॉक्स के जरिए कॉल डायवर्ट कर साइबर अपराध को दिया जाता था अंजाम,चीन/नेपाल -बिहार रूट के माध्यम से होती थी अवैध उपकरणों की सप्लाई। 

पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि थाना साइबर अपराध पश्चिम, गुरुग्राम में व्यक्तियों/मकान मालिकों से 4 अलग-अलग शिकायतें तथा थाना साइबर दक्षिण, गुरुग्राम में 1 शिकायत प्राप्त हुई, जिनमें शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उनके किरायेदारों द्वारा उनके मकानों में अवैध रूप से सिम बॉक्स (GSM Gateway) का संचालन किया जा रहा है, जिसका उपयोग अनधिकृत दूरसंचार गतिविधियों व साइबर अपराध को अंजाम देने में किया जा सकता है। प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए थाना साइबर अपराध पश्चिम, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत 4 अलग-अलग मुकदमा  तथा साइबर दक्षिण, गुरुग्राम में 1 मुकदमा अंकित किया गया।

उनका कहना है कि त्वरित कार्रवाई करते हुए सहायक पुलिस आयुक्त, साइबर अपराध, गुरुग्राम  प्रियांशु दीवान के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई। तथा पुलिस टीमों द्वारा शिकायतकर्ताओं को साथ लेकर संबंधित स्थानों यू-ब्लॉक, गुरुग्राम, चकरपुर, गुरुग्राम में रेड की गई। रेड के दौरान अलग-अलग कमरों/स्थानों से अवैध रूप से संचालित 13 सिम बॉक्स, 7 वाईफाई TAPO कैमरा विद हुमन डिटेक्शन, 7 वाई-फाई राउटर्स, 7 इनवर्टर, 30 बैटरी, 29 TAPO वाई-फाई स्विचस, 28 इथरनेट वायर, 504 सिम कार्ड, 1 रेलवे टिकट, चाइना कार्टून बॉक्स बरामद किए गए, जिन्हें  पुलिस कब्जा में लिया गया।

मुकदमा के अनुसंधान के दौरान तकनीकी सहायता, मोबाइल नंबरों, डिजिटल साक्ष्यों व अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस की अलग-अलग टीमों द्वारा उपरोक्त वारदात में शामिल 5 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपितों  के नाम 1. राहुल कुमार निवासी ग्राम नगला नोक्स, जिला कासगंज (उत्तर-प्रदेश),2. यश अमृत सिंह डूंगर निवासी 32, रिवेरा ग्रीन बंगलोज, साणंद, जिला अहमदाबाद (गुजरात),3. भाविका रमेश भागचंदानी निवासी प्लॉट नं. 229, मंगलश्वर नगर, बिहाइंड लीलाशाह कुटिया, अंजार, जिला कच्छ (गुजरात),4. लितेश निवासी जलगांव (महाराष्ट्र) व 5. सागर निवासी जलगांव (महाराष्ट्र) है। उनका कहना है कि पुलिस टीम द्वारा आरोपित राहुल कुमार को कासगंज, जिला कासगंज (उत्तर-प्रदेश) से, आरोपत  सागर को गुरुग्राम से, आरोपित यश को अहमदाबाद से, आरोपित भाविका को गुरुग्राम से व आरोपित लितेश को जलगांव (महाराष्ट्र) से काबू किया गया। पूछताछ में आरोपित राहुल ने खुलासा किया कि इसके एक अन्य साथी के माध्यम से इसका संपर्क फिलीपींस में बैठे व्यक्ति से हुआ था। उसी के माध्यम से इसके पास सिम बॉक्स, राउटर व अन्य सामान आया था। आरोपित ने यह भी बताया कि उसने वीडियो कॉल के माध्यम से फिलीपींस में बैठे व्यक्ति की सहायता से सिम बॉक्स को सेटअप किया तथा इन उपकरणों को यू-ब्लॉक, डीएलएफ फेज-3, गुरुग्राम सहित अन्य स्थानों तक पहुंचाया था, जिसके बदले उसे पैसे मिले थे। आरोपित सागर के नाम से रूम रेंट तथा इंटरनेट कनेक्शन था। आरोपित भाविका कंबोडिया में बैठे उनके अन्य साथी से संपर्क में रहती थी तथा आरोपित यश के माध्यम से USDT को रुपए में तथा रुपए को USDT में कन्वर्ट करवाती थी।उनका कहना है कि पूछताछ में यह भी सामने आया कि उपरोक्त उपकरणों का उपयोग इंटरनेट के माध्यम से कॉल रूटिंग, कॉल डायवर्सन तथा अन्य अवैध गतिविधियों के लिए किया जा रहा था, जिनके माध्यम से साइबर फ्रॉड जैसी आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया जा सकता था। आरोपितों  ने खुलासा किया कि यह अवैध उपकरण फिलीपींस से नेपाल लाए जाते थे, नेपाल से बिहार भेजे जाते थे और उसके बाद भारत के अलग-अलग राज्यों/शहरों में सप्लाई किए जाते थे। उपरोक्त उपकरणों के माध्यम से डिजिटल अरेस्टिंग की वारदातों का अंजाम दिया जाता था तथा आरोपितों द्वारा डिजिटल अरेस्टिंग तथा विभिन्न साइबर अपराधों में प्रयोग की गई 2258 फर्जी सिम कार्ड में रिचार्ज करवाया गया था। जांच में यह भी सामने आया है कि उपरोक्त आरोपित साइबर स्लेवरी में भी शामिल थे तथा व्यक्तियों को कंबोडिया भेजते थे जहां पर उनसे साइबर अपराध करवाए जाते थे। उनका कहना है की अनुसंधान के दौरान गिरफ्तार आरोपितों से गहनता से  पूछताछ की गई। पूछताछ व तकनीकी अनुसंधान में इनके आपसी संपर्क, डिजिटल चैट, मोबाइल फोन व अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। आरोपितों  के कब्जा से मोबाइल फोन व अन्य डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए हैं, जिन्हें नियमानुसार पुलिस कब्जा में लेकर आगामी जांच की जा रही है। पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि यह गिरोह संगठित रूप से कार्य कर रहा था और सिम बॉक्स के माध्यम से दूरसंचार प्रणाली का दुरुपयोग करके साइबर अपराधियों को तकनीकी सहायता उपलब्ध करवा रहा था। आरोपितों की भूमिका अवैध सिम बॉक्स संचालन, उपकरणों की डिलीवरी, सेटअप, कॉल रूटिंग व साइबर अपराधियों से समन्वय स्थापित करने में पाई गई है। मुकदमों का अनुसंधान जारी है।

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