अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:आज देशभर से आए किसान संगठनों के प्रतिनिधिमंडल से जनसंसद में मुलाकात हुई। बैठक के दौरान भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की प्रस्तावित शर्तों पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया तथा किसानों पर इस समझौते से पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल भी इसी बात से इत्तेफ़ाक रखता है कि भारतीय कृषि बाज़ार को अमेरिकी कृषि उत्पादों और कंपनियों के लिए खोले जाने से भारी सब्सिडी पाने वाले अमेरिकी बड़े किसानों के सामने छोटे और सीमांत भारतीय किसानों को असमान प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। इसका सीधा असर भारतीय किसानों की फसल, उनकी आय, स्थानीय बाज़ार और कृषि आधारित आजीविका पर पड़ रहा है, जिसके प्रभाव अभी से ज़मीनी स्तर पर दिखाई दे रहे हैं।

किसानों में इस समझौते से बहुत नाराज़गी है क्योंकि यह विषय केवल व्यापार नीति तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि आत्मनिर्भरता से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है.प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया गया कि किसानों के हितों से जुड़े सभी मुद्दों को संसद एवं संबंधित मंचों पर मजबूती से रखूंगा। किसानों का हित सर्वोपरि है और देशभर के करोड़ों किसानों व खेतिहर मज़दूरों के भविष्य के लिए उनके साथ हर लड़ाई लड़ने को तैयार हूं।
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