
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:कांग्रेस ने रविवार को अपना 140 वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया। इंदिरा भवन स्थित पार्टी मुख्यालय पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी का झंडा फहराया और पार्टी के योगदान व आदर्शों को स्मरण किया। इस अवसर पर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, कोषाध्यक्ष अजय माकन, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने सभी कांग्रेसजनों को स्थापना दिवस की बधाई दी और नए साल की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कांग्रेस के गौरवशाली इतिहास को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि 28 दिसंबर 1885 को मुंबई में कांग्रेस की स्थापना हुई थी। तब से 62 साल तक करोड़ों कांग्रेसजनों ने अंग्रेजों से संघर्ष किया, त्याग और बलिदान दिया, जेल में यातनाएं सहीं, तब जाकर देश आजाद हुआ। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों एवं कांग्रेस के निर्माताओं को श्रद्धांजलि दी और कहा कि कांग्रेस उनके सपनों के भारत के लिए हर संभव प्रयास जारी रखेगी।मल्लिकार्जुन खरगे ने वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि आज संविधान और लोकतंत्र दोनों खतरे में हैं। उन्होंने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो कहते हैं कांग्रेस खत्म हो गई, उन्हें वे बताना चाहते हैं कि पार्टी के पास सत्ता कम हो सकती है, लेकिन उसकी रीढ़ अभी भी सीधी है। कांग्रेस ने संविधान, धर्मनिरपेक्षता और गरीबों के हकों से कभी समझौता नहीं किया। कांग्रेस ने कभी धर्म के नाम पर वोट नहीं मांगा और न ही मंदिर-मस्जिद के नाम पर नफरत फैलाई। कांग्रेस जोड़ती है, जबकि भाजपा तोड़ने का काम करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक विचारधारा है और विचारधारा कभी मरती नहीं है।कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज सत्ता में बैठे लोग सच्चाई के साथ नहीं हैं, इसलिए कभी आंकड़े छिपाए जाते हैं, कभी जनगणना रोकी जाती है और कभी संविधान बदलने की बातें होती हैं। उन्होंने भाजपा-आरएसएस के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पूर्वज इतिहास से भाग रहे थे। उन्होंने याद दिलाया कि देश के सर्वोच्च मूल्यों, एकता, अखंडता, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भाजपा-आरएसएस के नेताओं ने देश के संविधान, तिरंगे, अशोक चक्र और वंदे मातरम तक को स्वीकार नहीं किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 2025 महात्मा गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने की शताब्दी, संविधान को अपनाए जाने के 75 वर्ष और वंदे मातरम की 150वीं जयंती का वर्ष है। वहीं 2026 में दादाभाई नौरोजी की 200वीं जयंती और सरोजिनी नायडू के कांग्रेस अध्यक्ष बनने की शताब्दी है।मल्लिकार्जुन खरगे ने कांग्रेस के नेतृत्व में दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनने और खेती, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, हरित क्रांति, सूचना व संचार क्रांति तथा उदारीकरण जैसे क्षेत्रों में भारत के द्वारा ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल करने का उल्लेख किया। यूपीए सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने आगे कहा कि सोनिया गांधी और डॉ. मन मोहन सिंह के नेतृत्व में सूचना का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, मनरेगा,खाद्य सुरक्षा कानून,वन अधिकार कानून एवं भूमि अधिग्रहण कानून जैसे ऐतिहासिक अधिकार आधारित कानून बने। उन्होंने कहा कि आज मोदी सरकार कांग्रेस द्वारा बनाए गए संस्थानों को कमजोर कर रही है। जल, जंगल और जमीन को लूटा जा रहा है। पिछले 11 वर्षों में भाजपा सरकार ने चंद पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए कई कानूनों को बदला, मनरेगा को नष्ट कर दिया और जनता के अधिकारों को कुचलने का काम किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गरीबों और मजदूरों के हक में मनरेगा की बहाली के लिए मोदी सरकार को मजबूर कर देगी।
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