
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:देहरादून में नस्लीय हमले में त्रिपुरा के 24 वर्षीय छात्र एंजेल चकमा की हत्या पर कांग्रेस ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की है। पार्टी ने कहा कि मामले में शीघ्र कानूनी कार्रवाई हो, फरार मुख्य आरोपी को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी के कारणों की जांच कराई जाए।नई दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए लोकसभा में पार्टी के उपनेता और असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने अपने संबोधन की शुरुआत में एंजेल चकमा के अंतिम शब्दों को दोहराते हुए कहा कि “मैं भारतीय हूं, मैं चीन से नहीं आया हूं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि नॉर्थ ईस्ट के लोग भारतीय हैं, चीनी नहीं।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने घटना का ब्यौरा देते हुए बताया कि 9 दिसंबर को त्रिपुरा का निवासी एंजेल चकमा और उसका भाई उत्तराखंड के देहरादून में बाजार गए थे। वहां कुछ लोगों ने उसे ‘चीनी’ कहकर चिढ़ाया। जब एंजेल ने पलटकर कहा कि-“मैं भारतीय हूं, चीनी नहीं हूं। मैं भारतीय होने का क्या प्रमाण दूं?” तो पांच लोगों ने उस पर पीछे से हमला कर दिया। 14 दिनों तक जिंदगी और मौत की जंग लड़ने के बाद एंजेल ने दम तोड़ दिया। गोगोई ने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि आज भी नॉर्थ ईस्ट के लोगों को अपनी भारतीयता का प्रमाण देना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नॉर्थ ईस्ट के युवा शिक्षा के लिए देश के हर कोने में जाते हैं, एंजेल भी इसी उद्देश्य से उत्तराखंड गए थे, वहां उन्हें शिक्षा तो मिली, लेकिन अपनी जान गंवानी पड़ी। कांग्रेस नेता ने स्थानीय पुलिस की भूमिका पर गंभीर चिंता व्यक्त की। एंजेल चकमा के परिजनों के बयानों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि घटना के लगभग 12 दिन बाद एफआईआर दर्ज की गई और छात्रों के प्रदर्शन के बाद ही कार्रवाई शुरू हुई। मुख्य आरोपी अब भी फरार है और चार अन्य लोगों की गिरफ्तारी हुई है।

गोगोई ने सवाल उठाया कि क्या देश के विभिन्न हिस्सों में नॉर्थ ईस्ट के युवाओं के साथ पुलिस थानों में इसी तरह का व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी राज्य या समाज को दोष देने का मुद्दा नहीं है, बल्कि व्यवस्था और मानसिकता पर मंथन करने की जरूरत है। उन्होंने यह सवाल भी किया कि क्या हम अपने देश की विविधता समझाने में कहीं पीछे तो नहीं रह गए?मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि मौजूदा सरकार “वन इंडिया” की बात तो करती है, लेकिन उसमें बस रही विविधताओं की बात नहीं करती। उन्होंने असम के कारबी आंगलोंग का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के मूल निवासियों को भी बाहरी बताया जा रहा है।गोगोई ने यह सुझाव भी दिया कि सरकार को देश के अन्य हिस्सों के लोगों को नॉर्थ ईस्ट के पर्यटन और इतिहास (जैसे त्रिपुरा के ऊनाकोटी में प्राचीन शिव मंदिरों और असम की शहीद कनकलता बरुआ की वीरगाथा) से रूबरू कराने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
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