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सीएम अरविंद केजरीवाल ने पीएम नरेंद्र मोदी से राशन की होम डिलीवरी योजना पर लगी रोक को हटाने की अपील की

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
नई दिल्ली:मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पीएम नरेंद्र मोदी से राशन की होम डिलीवरी योजना पर लगी रोक को हटाने की अपील की है। सीएम ने कहा कि राशन को हर गरीब आदमी के घर तक पहुंचाने की सारी तैयारी हो चुकी थी,लेकिन इस योजना को शुरू होने से पहले ही रोक दिया गया। जब लोगों के घर पिज्जा और बर्गर की होम डिलीवरी हो सकती है, तो गरीब लोगों के घर राशन की होम डिलीवरी क्यों नहीं हो सकती? पिछले 75 साल से देश की गरीब जनता राशन माफिया का शिकार हो रही है। सीएम ने कहा कि दिल्ली सरकार ने योजना पर पांच बार केंद्र सरकार की अप्रूवल ली है। हमने केंद्र के सभी सुझावों को माना और योजना से ‘मुख्यमंत्री’ का नाम भी हटा दिया। केंद्र सरकार ने कहा है कि हाईकोर्ट में राशन दुकानदारों का केस चलने के कारण योजना रोकी जा रही है, लेकिन न तो हाईकोर्ट ने योजना पर रोक लगाई है और न ही केंद्र ने कोर्ट में कोई आपत्ति दर्ज कराई है। यह राशन न ‘आप’ का है न भाजपा का है, बल्कि जनता का है। कृपया इसे लागू करने दें और सारा श्रेय आपका को दिया जाएगा।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार द्वारा घर-घर राशन योजना को रोके जाने को लेकर आज डिजिटल प्रेस काॅन्फ्रेंस की। सीएम कहा कि आज मैं बेहद व्यथित हूं और मैं सीधे आप से बात करना चाहता हूँ। अगर मुझसे कोई हिमाकत हो जाए,कोई गलती हो जाए तो मुझे माफ कर दीजिएगा। दिल्ली में अगले हफ्ते से घर-घर राशन पहुंचाने का काम शुरू होने वाला था। इस नई व्यवस्था में एक गरीब आदमी को राशन लेने राशन की दुकान पर नहीं जाना पड़ता, बल्कि सरकार राशन पैक करके उसके घर भिजवा देती। सारी व्यवस्था हो चुकी थी। टेंडर हो चुके थे। वर्क ऑर्डर जारी कर दिए गए थे। बस अगले हफ्ते से यह शुरू होने वाला था। यह एक क्रांतिकारी काम होने वाला था और अचानक आपने दो दिन पहले इसको रोक दिया। आपने ऐसा क्यों किया? सीएम ने कहा कि पिछले 75 साल से इस देश की गरीब जनता राशन माफिया का शिकार होती आई है। पिछले 75 सालों से हर महीने फाइलों में जनता के नाम का राशन जारी होता है, पर उनको मिलता नहीं है,उसका अधिकांश हिस्सा चोरी हो जाता है। ये राशन माफिया बहुत ताकतवर हैं। आज से 17 साल पहले मैंने इस माफिया को ललकारने की हिम्मत की थी। तब मैं दिल्ली की झुग्गियों में एक एनजीओ में काम किया करता था। उन झुग्गियों में गरीबों को उनका राशन नहीं मिलता था। उनका राशन चोरी हो जाता था। तब हमने हिम्मत की गरीब लोगों को उनका राशन दिलवाने की। नतीजन हम पर सात बार खतरनाक हमले हुए। एक बार तो इन लोगों ने हमारी एक बहन का गला काट दिया, लेकिन भगवान की दया से वो उस वक्त बच गई। तब मैंने कसम खाई थी कि इस व्यवस्था को अपने जीवन में कभी न कभी जरूर ठीक करूगा। तब तो दूर-दूर तक सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन दिल्ली का मुख्यमंत्री बन जाऊंगा। पर कहते हैं न, जब आप निःस्वार्थ भाव से कोई संकल्प करते हैं, तो ऊपर वाला भी अपने तरीके से आपका संकल्प पूरा करने में मदद करता है। इस ब्रह्मांड की सारी शक्तियां आपकी मदद करती हैं। सीएम ने आगे कहा कि बताया जाता हैं कि इन राशन माफियाओं के तार बहुत ऊपर तक हैं। 75 साल में आज तक कोई सरकार इस माफिया को खत्म करने की हिम्मत नहीं कर पाई। दिल्ली में पहली बार एक ऐसी सरकार आई है, जिसने यह हिम्मत दिखाई है। अगर ये घर-घर राशन व्यवस्था लागू हो जाती, तो राशन माफिया का खात्मा हो जाता। लेकिन देखिए, यह राशन माफिया कितना ताकतवर निकला। दिल्ली में यह योजना अगले हफ्ते से लागू होने वाली थी और एक हफ्ते पहले, इन्होंने इसे खारिज करवा दिया। सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आपने यह कह कर हमारी स्कीम खारिज की है कि हमने केंद्र सरकार से इसकी मंजूरी नहीं ली, लेकिन यह गलत है। हमने एक बार नहीं, पांच-पांच बार आपकी मंजूरी ली है। केंद्र सरकार को हमने इतने सारे पत्र लिखकर बताया कि हम ये योजना दिल्ली में लागू करने जा रहे हैं। कानूनन हमें दिल्ली में यह योजना लागू करने के लिए केंद्र सरकार से कोई मंजूरी लेने की जरूरत नहीं है। कानूनन इस स्कीम को लागू करने में राज्य सरकार पूरी तरह से सक्षम है। लेकिन हम केंद्र सरकार से किसी तरह का कोई विवाद नहीं चाहते थे। इसलिए हमने एक बार नहीं, बल्कि पांच-पांच बार आपका अप्रूवल लिया है। मार्च के महीने में हमारी योजना पर आपकी सरकार ने कुछ आपत्ति लगाई। हमने आपके सारे आपत्तियों को दूर किए। हमने इस योजना का नाम “मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना” रखा था। आपने आपत्ति लगाया था कि हम इस योजना का नाम मुख्यमंत्री के नाम से नहीं रख सकते। पर हमारा मकसद अपना नाम चमकाना नहीं था। हमारा तो एक ही मकसद था कि किसी भी तरह ये स्कीम लागू हो और गरीबों को उनका राशन मिलने लगे। हमने आपकी बात मान ली और स्कीम का नाम ही हटा दिया। आपकी जितनी आपत्तियां थी, हमने सारी मान ली। इन सबके बाद आप कहते हैं कि हमने आपकी मंजूरी नहीं ली? तो और कैसे अप्रूवल लेते हैं? इन सबके बाद भी आपने ये स्कीम खारिज कर दी? क्यों? लोग पूछ रहे हैं। अगर इस देश में पिज्जा की होम डिलीवरी हो सकती है। बर्गर की होम डिलीवरी हो सकती है, स्मार्ट फोन और कपड़ों की भी होम डिलीवरी हो सकती है, तो फिर गरीबों के घरों में राशन की होम डिलीवरी क्यों नहीं होनी चाहिए। सारा देश जानना चाहता है। आपने यह स्कीम खारिज क्यों की?
सीएम ने आगे कहा कि आपने यह भी लिखा है कि चूंकि राशन दुकानदारों ने दिल्ली हाईकोर्ट में इस योजना के खिलाफ केस कर रखा है। इसलिए ये स्कीम खारिज की जा रही है। पर इस बात पर आप स्कीम कैसे खारिज कर सकते हैं? ये राशन दुकानदार इस स्कीम के खिलाफ हाईकोर्ट से स्टे लेने गए थे। हाईकोर्ट ने इन्हें स्टे देने से मना कर दिया। जब हाईकोर्ट ने स्कीम पर स्टे नहीं दिया, तो आपने इस स्कीम पर स्टे कैसे लगा दिया? आपको उनसे इतनी हमदर्दी है। अगर आप इन राशन माफिया के साथ खड़े होंगे, तो इस देश के गरीब लोगों के साथ कौन खड़ा होगा? दिल्ली के उन 70 लाख गरीब लोगों की फिर कौन सुनेगा? जिनका हर महीने राशन चोरी हो जाता है। उन 20 लाख गरीब परिवारों की कौन सुनेगा? और हाईकोर्ट के केस में केंद्र सरकार भी पार्टी है। कोर्ट में केंद्र सरकार ने अपना जवाब दाखिल किया है और हमारी इस योजना के खिलाफ एक भी आपत्ति नहीं की? जब कोर्ट में आपको हमारी इस योजना के खिलाफ कोई आपत्ति नहीं है, तो फिर कोर्ट के बाहर अब इस योजना को खारिज क्यों किया जा रहा है? मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कोरोना का कठिन समय है। मैं कई लोगों को जानता हूं जो कोरोना के होने की डर से राशन लेने नहीं जाते हैं। राशन दुकानों पर भीड़ लगती है। लोगों को लगता है कि अगर वे राशन लेने गए तो उन्हें कोरोना हो जाएगा। ये सब गरीब लोग हैं। कई लोग अपनी नौकरी खो चुके हैं। उनके घर में खाने को नहीं है। अगर हम इनके घर तक राशन पहुंचाना चाह रहे थे, तो इसमें आपको क्यों आपत्ति है। कहा जा रहा है कि तीसरी लहर बच्चों पर भारी पड़ेगी। अगर उस भीड़ की वजह से उनके माता पिता को कोरोना हो गया, तो उनके बच्चे भी तो फिर कोरोना ग्रसित हो जाएंगे। मुझे लगता है कि कोरोना काल के दौरान सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरे देश में घर-घर राशन पहुंचाने की इस योजना को लागू कर देनी चाहिए। यह दुकानें सुपर स्प्रेडर हैं। इस स्कीम के लागू होने के बाद राशन की दुकानों पर लगने वाली इस भीड़ से बचा जा सकेगा। कितने ऐसे बुजुर्ग हैं, जो राशन दुकान से राशन लेने नहीं जा सकते हैं। कितने ऐसी गर्भवती महिलाएं हैं, जो राशन की दुकान ने राशन लेने नहीं जा सकती हैं। अगर हम उनके घर राशन पहुंचाना चाह रहे हैं, तो इसमें क्या समस्या है?
उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार के कुछ अफसरों का कहना है कि इस स्कीम के खारिज करने का असली कारण यह है, क्योंकि यह केंद्र सरकार का राशन है। आप यह योजना लागू करके इसका क्रेडिट नहीं ले सकते, आप इसका श्रेय नहीं ले सकते। तो यकीन मानिए, यह काम मैं रत्ती भर भी क्रेडिट लेने के लिए नहीं कर रहा। मेरा सिर्फ एक ही मकसद है कि किसी भी तरह गरीबों को उनका पूरा राशन मिले। मेरा अनुरोध है कि आप इसे लागू करने दीजिए, इसका सारा क्रेडिट आपका, सारा श्रेय आपका। मैं खुद सारी दुनिया से कहूंगा कि यह योजना मोदी जी ने लागू की। यह राशन मेरा या आपका नहीं है। यह राशन भाजपा या आम आदमी पार्टी का नहीं है। यह राशन इस देश के लोगों का है। इस राशन की चोरी होने से बचाने की जिम्मेदारी हम दोनों की है।’सीएम ने कहा कि इस वक्त देश बहुत भारी संकट से गुजर रहा है। यह वक्त एक-दूसरे का हाथ पकड़ कर मदद करने का है। यह वक्त एक-दूसरे से लड़ने का नहीं है। लोगों को लगने लगा है कि इतनी मुसीबत के समय में भी केंद्र सरकार सबसे लड़ रही है। केंद्र सरकार ममता दीदी से लड़ रही है, झारखंड सरकार से लड़ रही है, लक्ष्यद्वीप के लोगों से लड़ रही है, केंद्र सरकार महाराष्ट्र सरकार से लड़ रही है, केरल से लड़ रही है, दिल्ली के लोगों से लड़ रही है, किसानों से लड़ रही है। लोग इस बात से बहुत दुखी हैं कि केंद्र सरकार सबसे लड़ रही है। ऐसे देश कैसे चलेगा? आप हम सबसे क्यों लड़ रहे हैं? हम सब आपके ही हैं। हम सब भारतवासी ही हैं। हम सब आपस में लड़ेंगे, तो करोना से कैसे जीतेंगे? हमें आपस में नहीं लड़ना है। हम सबको मिलकर करोना से लड़ना है। सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कल सब लोग अखबारों की ये हेडलाइन पढ़ना चाहेंगे कि मोदी जी ने दिल्ली सरकार के साथ मिलकर दिल्ली के हर गरीब के घर राशन पहुंचाया। लोग ये खबर पढ़ना चाहते हैं। लोग टीवी चैनलों पर यह ब्रेकिंग न्यूज देखना चाहते हैं मोदी जी और केजरीवाल ने मिल कर दिल्ली के गरीब लोगों के घरों तक राशन पहुंचाया। लोग ये खबर पढ़ना और सुनना चाहते हैं। लोग ये नहीं सुनना चाहते कि केंद्र सरकार ने फिर से दिल्ली सरकार से झगड़ा कर लिया, केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार की एक और अच्छी योजना रोक दी। मैं हाथ जोड़कर, दिल्ली के 70 लाख गरीब लोगों की ओर से आपसे विनती करता हूं कि कृपया इस योजना को मत रोकिए, ये राष्ट्रहित में है। इसे होने दीजिए। सीएम ने अंत में कहा कि आज तक राष्ट्रहित के सभी कामों में मैंने आपका साथ दिया। मैंने हमेशा कहा है कि राष्ट्रहित के किसी भी काम में राजनीति नहीं होनी चाहिए। अगर कोई विपक्षी पार्टी की सरकार भी राष्ट्रहित में कोई काम करती है, तो हम हमेशा उसका साथ देते हैं। राष्ट्रहित के इस काम में आप भी हमारा साथ दीजिए। अभी तक की सरकारों ने देश के गरीब लोगों को 75 साल तक राशन की लाइनों में खड़ा रखा। इन्हें अगले 75 साल भी राशन की लाइनों में खड़ा मत रखिए। नही ंतो ये लोग मुझे और आपको कभी माफ नहीं करेंगे।

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