
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली/गुवाहाटी:असम विधानसभा चुनाव के प्रचार के अंतिम दिन कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राज्य की जनता भ्रष्ट और अहंकारी सरकार को सत्ता से बाहर करने का मन बना चुकी है और कांग्रेस 126 सदस्यीय विधानसभा में 72 से 73 सीटें जीतकर बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है।गुवाहाटी में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा कि आज असम में लड़ाई कांग्रेस की नहीं, बल्कि जनता बनाम मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की है और कांग्रेस इस लड़ाई में जनता का साथ दे रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने जनता के बजाय खुद का विकास किया है और राज्य में सिंडिकेट चल रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने हजारों बीघा जमीन अपने पूंजीपति मित्रों को बांट दी है। पिछले कुछ वर्षों में मंत्रियों की संपत्ति में हजारों करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जबकि आम जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है।प्रधानमंत्री के ‘ना खाऊंगा, न खाने दूंगा’ के नारे पर तंज कसते हुए खरगे ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री भाजपा के ‘गोद लिए हुए बेटे’ हैं, जिन्हें भ्रष्टाचार की खुली छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख की बात करते हैं, तो फिर मुख्यमंत्री की जांच क्यों नहीं हो रही है।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के खिलाफ दर्ज एफआईआर से जुड़े प्रश्न पर खरगे ने कहा कि पार्टी इनसे डरने वाली नहीं है और ऐसे मामले पहले भी देख चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर नरेंद्र मोदी और अमित शाह विपक्षी नेताओं को परेशान करते हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को भ्रष्ट बताकर जेल भेजा जाता है, बाद में उन्हें भाजपा में शामिल कर लिया जाता है।कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर महिलाओं को मिल रही वर्तमान सरकारी योजनाओं की राशि बंद नहीं होगी, बल्कि उसे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिलाओं में डर फैलाने की कोशिश कर रही है, जो निराधार है।खरगे ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर ‘असम के बेटे’ जुबीन गर्ग को 100 दिनों के भीतर न्याय दिलाया जाएगा और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इस मामले में फास्ट-ट्रैक कोर्ट तुरंत बनाने के बजाय छह महीने बाद क्यों बनाई गई और पूछा कि मुख्यमंत्री किसे बचाना चाहते हैं।खरगे ने असम के बाहर रह रहे प्रवासी मतदाताओं से अपील की कि वे 9 अप्रैल को भारी संख्या में मतदान करें और राज्य में परिवर्तन का हिस्सा बनें।वहीं, असम कांग्रेस प्रभारी महासचिव जितेंद्र सिंह अलवर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने चुनाव हलफनामे में अपने परिवार की संपत्तियों की गलत जानकारी दी है, जिसके आधार पर वे भविष्य में अयोग्य घोषित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में चुनाव आयोग से शिकायत की गई है, हालांकि उससे ज्यादा उम्मीद नहीं है। जरूरत पड़ी तो कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट भी जाएगी।इस अवसर पर लोकसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा और राज्यसभा सांसद अशोक सिंह भी उपस्थित रहे।
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