अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
पंचकूला:हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा के निजी सहायक (P.A.) दीपक कौशिक के खिलाफ सोशल मीडिया पर एक झूठी और भ्रामक खबर चलाकर उनकी छवि धूमिल करने के प्रयास का मामला सामने आया है। मामले की जांच के बाद पंचकूला पुलिस ने के-9 मीडिया चैनल के संचालक अरुण कुमार को 16 जुलाई को गोहाना से गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, दीपक कौशिक निवासी सेक्टर-20 पंचकूला ने 10 जुलाई को पुलिस को शिकायत दी थी कि वह मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा के कार्यालय में बतौर सिविल इंजीनियर कार्यरत हैं। 5 जुलाई को वह मंत्री जी के साथ सेक्टर-5 स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसी दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर ‘के-9 मीडिया’ नामक चैनल द्वारा एक झूठी खबरें प्रसारित होने की जानकारी मिली की जिसमें बताया गया कि मंत्री जी के पी.ए. ने चंडीगढ़ स्थित एक कोठी में महिला सफाई कर्मचारी से छेड़छाड़ की है।

जबकि वास्तविकता यह है कि पी.ए. ने सफाई कर्मचारी को केवल सफाई ठीक से न करने पर टोका था। सफाई कर्मचारी ने स्वयं एक वीडियो जारी कर किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ से साफ इनकार किया है।एसीपी विक्रम नेहरा ने मामले की जानकारी सांझा करते हुए बताया कि मंत्री जी के पी.आर.ओ लवेश शर्मा ने जब चैनल संचालक अरुण कुमार से बात की तो उसने खबर हटाने की एवज में पैसों की मांग की। लवेश शर्मा ने इस संबंध में उनके साथी अनिल शर्मा से बात करके कहा कि आप भी अरुण शर्मा से इस बारे में बात करे जिस पर अरुण शर्मा ने पैसो की डिमांड की थी। जांच में यह भी सामने आया था कि यह खबर ‘खरी-खरी न्यूज’ और ‘सत्य खबर’ नामक फेसबुक चैनलों पर भी प्रसारित की गई थी। इनको भी जल्द जांच में शामिल किया जाएगा। इनके अलावा अगर इस खबर चलवाने के लिए प्रेरित करने वाले अन्य किसी की भागिदारी पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एसीपी विक्रम नेहरा ने आगे बताया कि पंचकूला के सेक्टर-5 थाना में भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2), 353(2) व 308(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरु की गई जिसमें साइबर क्राइम थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर युद्धवीर सिंह व सेक्टर-5 थाना में तैनात जांच अधिकारी भूप सिंह ने मामले की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान गवाह सचिन द्वारा दिए गए एक लाख रुपये मौका से बरामद किए गए, जिनकी जानकारी पहले ही शिकायतकर्ता दीपक कौशिक ने पुलिस को दी थी। इसके अतिरिक्त अरुण कुमार के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। गौरतलब है कि के-9 मीडिया संचालक अरुण कुमार के खिलाफ पहले भी भ्रामक खबर चलाने का मुकदमा थाना गोहाना में दर्ज हो चुका है।पुलिस ने आरोपी अरुण कुमार को 16 जुलाई को विधिवत गिरफ्तार कर आज अदालत में पेश किया, जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। रिमांड के दौरान पुलिस उस मोबाइल और लैपटॉप को बरामद करेगी जिससे वीडियो अपलोड की गई थी।
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