अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली: कांग्रेस ने कहा है कि चुनाव के जरिए रिजीम (सत्ता) बदलना लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा है, लेकिन सत्ता खोने के डर से बौखलाई हुई भाजपा इस लोकतांत्रिक विरोध को राष्ट्रविरोधी बता रही है। पार्टी ने कहा कि उसका मकसद ‘वोट चोर’ सरकार को लोकतांत्रिक व्यवस्था के अंतर्गत हराकर मौजूदा रिजीम को बदलना है। कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए पार्टी के मीडिया एवं पब्लिसिटी के चेयरमैन पवन खेड़ा ने कहा कि देशभर में युवाओं और आम लोगों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दे रहा है। कांग्रेस के ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ अभियान के अलावा जनता भी चुनावी गड़बड़ियों को लेकर लगातार सवाल पूछ रही है, लेकिन जब भाजपा को लोकतंत्र में सवाल झेलने पड़ते हैं, तो यही लोकतंत्र उन्हें देशद्रोह लगता है।

राज्यसभा सांसद खेड़ा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा नेताओं की टिप्पणियों पर करारा पलटवार करते हुए कहा कि मोदी सरकार का नैरेटिव कमजोर पड़ रहा है और सत्ता जाने की आशंका से ऐसे बयान दिए जा रहे हैं। उन्होंने राजनाथ सिंह से पूछा कि क्या किसी विपक्ष को सड़कों पर आकर सरकार के पक्ष में आंदोलन करते देखा है?

कांग्रेस नेता ने विभिन्न वर्षों में हुए सत्ता परिवर्तनों का उदाहरण देते हुए कहा कि चुनाव के जरिए सरकार बदलना लोकतंत्र की सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के 2014 से पहले के एक भाषण का वीडियो दिखाते हुए कहा कि उस समय वह स्वयं केंद्र सरकार को ‘उखाड़ फेंकने’ की बात करते थे। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2012-13 में जब तत्कालीन यूपीए सरकार के खिलाफ आंदोलन हो रहा था, तब भाजपा उसका समर्थन कर रही थी। कांग्रेस नेता ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से सवाल पूछे जाते हैं, तो पूरी भाजपा जवाब देने के लिए सामने आ जाती है, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सवालों का सामना करने से बचते हैं। उन्होंने सवाल किया कि मोदी सरकार ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए तैयार क्यों नहीं है?उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने पूरे भारत का संघीकरण कर दिया। आरएसएस ने हर संस्था में अपने लोगों को भर्ती कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसी रिजीम को बदलने की बात कर रही है और बदलकर रहेगी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को फटकार वाली झूठी खबर चलाने को लेकर पूछे गए प्रश्न पर खेड़ा ने कहा कि असलियत में कोर्ट ने किसी अन्य याचिकाकर्ता के बारे में टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी को ठीक से जाने बिना भाजपा ने प्रेस वार्ता कर दी और राहुल गांधी के खिलाफ झूठी खबरें चलाई गईं। उन्होंने इसे सुप्रीम कोर्ट का अपमान बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस झूठ पर भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन और गोदी मीडिया सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगेंगे? राजस्थान भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ के पाकिस्तान को समर्थन करने के बयान से जुड़े प्रश्न का उत्तर देते हुए खेड़ा ने कहा कि भाजपा व उसके वैचारिक पूर्वजों और पाकिस्तान के बीच यह जुगलबंदी 1937 से चली आ रही है। उन्होंने याद दिलाया कि हिंदू महासभा और मुस्लिम लीग के बीच गठबंधन सरकारें भी बनी थीं। उन्हीं सरकारों में पाकिस्तान बनाने का प्रस्ताव पारित हुआ और श्यामा प्रसाद मुखर्जी चुप रहे।
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