
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़:हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में बुधवार को अहम घोषणा की है। उन्होंने हरियाणा के शहरी परिवहन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी निर्णय का जिक्र करते हुए बताया कि सरकार ने 24 फरवरी को आयोजित बैठक में गुरुग्राम–फरीदाबाद–नोएडा–ग्रेटर नोएडा नमो भारत आरआरटीएस सह मेट्रो कॉरिडोर के लिए फाइनल अलाइनमेंट को स्वीकृति दे दी है। इसकी डीपीआर को अंतिम रूप देने के लिए भारत सरकार की एजेंसी एनसीआरटीसी को निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “नमो भारत” के विज़न के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों को तेज़, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन से जोड़ना है। प्रोजेक्ट के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लगभग 64 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर होगा, जिसमें से करीब 52 किलोमीटर हरियाणा में है। यह केवल एक नई रेल लाइन नहीं, बल्कि एनसीआर क्षेत्र के भीतर गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा जैसे बड़े आर्थिक केंद्रों को एकीकृत करने वाला एक परिवर्तनकारी कदम है।

इससे लाखों यात्रियों को तेज़ और निर्बाध यात्रा का विकल्प मिलेगा। साथ ही सड़क जाम से होने वाली परेशानी का हल होगा और पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने सदन को अवगत करवाया कि गुरुग्राम क्षेत्र में इफको चौक से ग्वाल पहाड़ी तक लगभग 14.5 किलोमीटर का इंटीग्रेटेड आरआरटीएस और मेट्रो सेक्शन तय किया गया है। इसमें सेक्टर-29, मिलेनियम सिटी सेंटर, सेक्टर-52, वजीराबाद, सेक्टर-57 तथा सेक्टर-58/61 जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल होंगे। यह दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन, गुरुग्राम मेट्रो कॉरिडोर और रैपिड मेट्रो से जुड़कर यात्रियों को मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इसका उद्देश्य केवल यात्रा समय कम करना नहीं, बल्कि पूरे शहर के ट्रांजिट नेटवर्क को एकीकृत करना है।

इसी प्रकार फरीदाबाद क्षेत्र में सैनिक कॉलोनी से बादशाहपुर तक लगभग 16 किलोमीटर का इंटीग्रेटेड सेक्शन स्वीकृत किया गया है,जिसमें एनआईटी क्षेत्र ,बाटा चौक, सेक्टर-12 से 15 तथा नए फरीदाबाद के प्रमुख हिस्से शामिल होंगे। यह दिल्ली मेट्रो की वॉयलेट लाइन से जुड़कर क्षेत्रीय संपर्क को और मजबूत करेगा तथा औद्योगिक और आवासीय विकास को नई गति देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने इस परियोजना में केवल इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि नागरिकों की सुविधा और पर्यावरणीय संतुलन को भी प्राथमिकता दी है। शहरों के भीतर बनने वाले वायाडक्ट पर नॉइज़-बैरियर लगाने का निर्णय लिया गया है, ताकि आधुनिक परिवहन के साथ जीवन की गुणवत्ता प्रभावित न हो और लोगों को ध्वनि प्रदूषण से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि यह परियोजना हरियाणा के लिए निवेश, रोजगार और संतुलित शहरी विकास के नए अवसर लेकर आएगी।

गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों में बढ़ती आबादी और यातायात के दबाव को देखते हुए यह कॉरिडोर भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से हम इस परियोजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे इस सदन को आश्वस्त करते हैं कि डीपीआर को शीघ्र अंतिम रूप देकर कार्य को गति दी जाएगी, ताकि हरियाणा के नागरिकों को विश्व स्तरीय, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके। यह केवल एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि हरियाणा के भविष्य को जोड़ने वाला एक सशक्त कदम है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने एक और घोषणा करते हुए कहा कि छछरौली के तीन खसरा नंबर 125, 152, 134 की जमीन का मालिकाना हक 1887 से लेकर अब तक सरकार का रहा है, लेकिन यह जमीन शुरू से गैर मुमकिन आबादी के तौर पर दर्ज रही है। इस ज़मीन के ऊपर उस समय से लोगों ने मकान बनाए हुए हैं। सन् 2020 तक इन जमीनों की रजिस्ट्री भी होती रही है। उन्होंने कहा कि मालिकाना हक को लेकर वहां के निवासी पूर्व मंत्री श्री कंवर पाल के पास भी गए। लोगों के पुराने समय से वहां बसे होने की वजह से सरकार ने निर्णय लिया है कि ऐसे परिवारों को मौके पर कब्ज़ा अनुसार रिकॉर्ड एवं सर्वे द्वारा पुष्टि करके मालिकाना हक दिया जाएगा।
Related posts
0
0
votes
Article Rating
Subscribe
Login
0 Comments
Oldest
Newest
Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

