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ब्रेकिंग न्यूज़ :कांग्रेस पार्टी ने आज आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा,मोदी सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है- इंग्लिश में वीडियो सुने।

नई दिल्ली/ अजीत सिन्हा
डॉ॰ सैयद नासिर हुसैन ने कहा कि आज की इस प्रेस वार्ता में आप तमाम मीडिया के दोस्तों का स्वागत करता हूं। हमारे साथ में हमारे वरिष्ठ लीडर और लोकसभा के सांसद डी.के सुरेश साहब हैं, उन्हीं के साथ में अभी-अभी आपके सामने एक और वरिष्ठ लीडर और राज्यसभा के सांसद एल. हनुमनथैया जी ने अपनी बात रखी और एक हमारे राज्यसभा के सांसद, कर्नाटक से हैं, जनाब जी.सी चंद्रशेखर साहब हमारे साथ में हैं, प्रणव झा जी, एआईसीसी सेक्रेटरी हैं, संजीव सिंह जी जो हमारे एआईसीसी के मीडिया कॉर्डिनेटर हैं।

जैसे तमाम लोगों को अभी बताया गया, पार्लियामेंट का सत्र चल रहा है। देश के महत्वपूर्ण मुद्दों के ऊपर बहस हो रही है। वहाँ पर भारतीय जनता पार्टी के लोग, वरिष्ठ मंत्री, प्रधानमंत्री सारे के सारे आकर अपनी सरकार की स्वच्छता और शुचिता के बारे में लगातार बात करते रहते हैं। जहाँ पर बड़े-बड़े क्लेम कर रहे हैं, जहाँ पर महत्वपूर्ण मुद्दों पर बड़ी बहस हो रही है, इस बीच में एक ऐसा मुद्दा कर्नाटक का हमारे सामने आया है, जो अभी-अभी हनुमनथैया साहब जी ने आपके बीच में अपनी बात रखते समय आपको बताया है, किस तरह से कर्नाटक में करप्शन हो रहा है। ये सरकार जो अपने आपको ईमानदार सरकार बताती रहती है, ये सरकार जो अपने आपको शुचिता की सरकार बताती रहती है। ये सरकार जो अपने आपको भ्रष्टाचार के खिलाफ वाली सरकार बताती रहती है। लेकिन हम तमाम लोगों को पता है कि किस तरह से मोदी सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है। किस तरह से ये अपने सूट-बूट की सरकार बनी हुई है। किस तरह से ये अपने पूंजीपति दोस्तों की मदद करती रहती है और कहाँ-कहाँ से इनको पैसा आता है।

अभी कर्नाटक में जिस तरह से ये बात बाहर निकल कर आई है। कर्नाटक का एक बड़ा एसोसिएशन, कर्नाटक का कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन जिसके 50,000 मैंबर हैं। 50,000 कॉन्ट्रैक्टर जिसके मैंबर हैं, जुलाई 06, 2021 को एक प्रेस वार्ता करके वो खुलेआम कहते हैं कि कर्नाटक की सरकार 40 प्रतिशत कमीशन मांग रही है। कर्नाटक के मंत्री 40 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं। कर्नाटक के बीजेपी के एमएलए, यहाँ तक कि जिला परिषद मैंबर और कॉर्पोरेटर तक 40-40 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं। उन्होंने चिट्ठी लिखी थी प्रधानमंत्री को, उन्होंने चिट्ठी लिखी थी गवर्नर को, उन्होंने चिट्ठी लिखी थी कर्नाटक के मुख्यमंत्री को, लेकिन मुख्यमंत्री कहते हैं कि आपके पास सबूत क्या है। जब इतना बड़ा एसोसिएशन कह रहा है, एलिगेशन लगा रहा है, वो कह रहा है कि हम सबूत आपके सामने लाकर रखेंगे, लेकिन कोई जांच नहीं होती है। जांच क्यों नहीं होती है, क्योंकि वहाँ के मुख्यमंत्री, खुद एस.आर. बोम्मई वो खुद क्रिप्टो करेंसी केस में उनके रिश्तेदार फंसे हुए हैँ। इसके पहले जो मुख्यमंत्री थे बीएस येदयुरप्पा साहब को भी करप्शन के एलिगेशन में, भ्रष्टाचार के एलिगेशन में उनको हटाना पड़ा। इसके पहले भी वो जेल में जा चुके हैँ। जितने भी भारतीय जनता पार्टी के अब तक मुख्यमंत्री बने, सबके ऊपर एलिगेशन आए। तो ये किस तरह की तहकीकात करेंगे, किस तरह की जांच करेंगे ये लोग? गवर्नर को भी जब चिट्ठी दी गई, उनकी तरफ से भी कोई जवाब नहीं आया, तो ये कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन लगातार प्रेस वार्ता के ऊपर प्रेस वार्ता करके ये कह रहे हैं कि 40 प्रतिशत की ये सरकार है, 40 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं। ये देश के प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर मांग करते हैं, लेकिन देश के प्रधानमंत्री, क्योंकि उनकी सरकार यहाँ पर भी है, उनकी सरकार वहाँ पर भी है, उनके खुद के मुख्यमंत्री हैं, इसलिए कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। कहीं भी कोई ईडी, सीबीआई, कोई रेड नहीं होती है, लेकिन प्रधानमंत्री इस पर चुप रहते हैं।

आज हम तमाम सांसद कर्नाटक से यहाँ पर इसलिए आए हैं, इसलिए खड़े हुए हैं कि हम पूछना चाहते हैं प्रधानमंत्री जी से कि इतने एलिगेशन के बावजूद आप क्यों चुप्पी साधे हुए हैं? क्यों इस सरकार को आप बर्खास्त नहीं करते हैं? आज एक बड़ा मामला सामने आया है, एक संतोष नाम का इंसान, जो हिंदू वाहिनी के नेशनल सेक्रेटरी है, भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता है, वो एक संतोष पाटिल, वो कॉन्ट्रैक्टर है। वो कॉन्ट्रैक्टर अपना काम करता है। आरडीपीआर मिनिस्टर ईश्वरप्पा उसको काम देते हैं, उसके बाद में ईश्वरप्पा की मिनिस्ट्री से, उनके ऑफिस से कॉल उसको जाती है। उनके लोग, उनके खास लोग जाकर उन्हें तंग करते हैं, ह्रास करते हैं, टॉर्चर करते हैं। उसको कहते हैं कि 40 प्रतिशत वहाँ पर कमीशन देना पड़ेगा। वो संतोष पाटिल 15 लाख रुपए दे देते हैं। ईश्वरप्पा को 80 बार मिलता है, 80 बार ईश्वरप्पा को जाकर मिलता है, वो संतोष पाटिल गिरिराज सिंह को आकर दिल्ली मिलता है, प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखता है, अरुण सिंह, जो जनरल सेक्रेटरी, भारतीय जनता पार्टी के जनरल सेक्रेटरी, इंचार्ज कर्नाटक हैं, उनको मिलता है, बीएल संतोष, जो ऑर्गेनाइजेशन देखते हैं यहाँ पर, जो कर्नाटक से हैं, उनको मिलता है। सबको मिलकर शिकायत करने के बाद भी उसकी कोई सुनवाई नहीं होती है। जिस तरह से करप्शन, जिस तरह से भ्रष्टाचार कर्नाटक में फैला हुआ है, जिस तरह से हर डिपार्टमेंट में, जिस तरह से हर मिनिस्ट्री में करप्शन लगातार हो रहा है, ये हम नहीं कह रहे हैं, वहाँ के कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन जिसकी 50,000 की मैंबरशिप है, वो लोग कह रहे हैं। वो लोग कह रहे हैं कि अगर सुनवाई नहीं हुई, अगर तहकीकात नहीं हुई वहाँ, तो अप्रैल तक उन्होंने डेडलाइन दी है। अगर कोई कमीशन नहीं बैठेगा, कोई जांच नहीं बैठेगी, तो वो मास स्ट्राइक करने के लिए तैयार हैं और प्रोटेस्ट करने जा रहे हैं वो लोग। आज हम लोग इन प्रधानमंत्री से जो बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, ये भारतीय जनता पार्टी के सारे नेता, जो बड़ी-बड़ी बातें लोकसभा में, राज्यसभा में खड़े होकर कहते हैं, उनसे पूछने आए हैं, उनसे जवाबदेही मांगने के लिए हम आए हैं यहाँ पर कि आखिरकार इस तरह का भ्रष्टाचार चलता रहेगा, आप इस तरह से चुप्पी साधेंगे, तो कैसे सरकार वहाँ पर चलेगी? हम ये मांग कर रहे हैं कि वहाँ की सरकार को जल्द से जल्द बर्खास्त करें ताकि एक इंडिपेंडेट जांच हाईकोर्ट द्वारा वहाँ पर हो और इन तमाम मामलों में हर अलग-अलग डिपार्टमेंट में, अलग-अलग मिनिस्ट्री में जो करप्शन, जो भ्रष्टाचार हो रहा है, उसकी तहकीकात सही तरीके से हो और ये हमारी डिमांड है कि प्रधानमंत्री जी को तुरंत इसमें इंटरवीन करना पड़ेगा। एक जांच सेटअप करना पड़ेगा और कर्नाटक की सरकार को बर्खास्त करना पड़ेगा।

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