अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़/करनाल: हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवी एवं एसीबी) की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में एसवी एवं एसीबी करनाल की टीम ने नगर निगम करनाल में सहायक के पद पर कार्यरत राम सिंह को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपित के कब्जे से रिश्वत की राशि बरामद कर ली गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता के पिता के नाम पर दुकान नंबर 15, मुगल कैनाल, करनाल में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। उनके पिता के निधन के बाद दुकान के उक्त हिस्से का स्वामित्व शिकायतकर्ता और उसके भाइयों के नाम हस्तांतरित किया जाना था। इस संबंध में ट्रांसफर लेटर जारी करने तथा सेल/कन्वेयन्स डीड की रजिस्ट्री कराने के बदले आरोपित राम सिंह ने शिकायतकर्ता विक्रम और उसके चाचा भारत भूषण से पहले 75,000 रुपये की रिश्वत मांगी और बाद में 50,000 रुपये में सौदा तय हुआ। आरोपित पहले ही शिकायतकर्ता से 30,000 रुपये की रिश्वत लेकर ट्रांसफर लेटर जारी कर चुका था। इसके बाद उसने शेष 20,000 रुपये रजिस्ट्री के दिन यानी 23 अक्टूबर को देने के लिए कहा।

शिकायत के आधार पर एसवी एवं एसीबी करनाल की टीम ने कार्रवाई करते हुए तहसील परिसर, करनाल में जाल बिछाया। इस दौरान आरोपित राम सिंह को शिकायतकर्ता से 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए राजपत्रित अधिकारी और छाया गवाह की मौजूदगी में रंगे हाथों पकड़ लिया गया। रिश्वत की राशि मौके से बरामद कर ली गई।इस मामले में आरोपित राम सिंह के खिलाफ एफआईआर नंबर 29, दिनांक 23 अक्टूबर 2026, धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत थाना एसवी एवं एसीबी, करनाल में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है।यह ट्रैप एसवी एवं एसीबी करनाल के नेतृत्व में लगाया गया। मामले में अनुसंधान जारी है।
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