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गुडगाँव

पशु धारकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना की गुरुग्राम में हुई शुरुआत।

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
गुरुग्राम: पशुपालकों को आत्मनिर्भर और प्रगतिशील बनाने के लिए पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत गुरुग्राम जिला में की गई है,जिसके तहत 1 लाख 60 हजार रूपए तक की राशि का ऋण पशुपालक इस पशु किसान क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल से बिना कुछ गिरवी रखे सरलता से प्राप्त कर सकते हैं। निर्धारित राशि से 1 रुपए भी अधिक होने पर ऋण के लिये कॉलेटरल सिक्योरिटी देनी पड़ेगी। योजना के बारे में जानकारी देते हुए उपायुक्त अमित खत्री ने बताया कि सरकार द्वारा पशुधन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना (पीकेसीसी) शुरू की गई है।
पीकेसीसी के बारे में पशुपालन तथा डेयरी विभाग की उपनिदेशक डॉ पुनीता ने बताया कि पशु पालक इस पशु किसान क्रेडिट कार्ड से 3 लाख रुपए तक का ऋण 4 प्रतिशत सालाना साधारण ब्याज दर पर कुछ गिरवी रख कर लिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि 1 लाख 60 हजार रूपए की राशि तक का ऋण बिना कुछ गिरवी रखे पशु पालक ले सकता है। इसके अतिरिक्त, यदि ऋण ज्यादा चाहिए तो क्रेडिट कार्ड धारक 3 लाख रुपए से अधिक राशि का ऋण 12 प्रतिशत सालाना के साधारण ब्याज दर पर ले सकता है। उन्होंने बताया कि सभी बैंक पशु किसान क्रेडिट कार्ड धारक को सालाना 7 प्रतिशत साधारण ब्याज दर पर ऋण देंगे। इस 7 प्रतिशत ब्याज दर में से समय पर भुगतान करते रहने पर भारत सरकार की ओर से 3 प्रतिशत ब्याज दर का अनुदान अधिकतम 3 लाख रुपए तक की ऋण राशि पर दिया जाता है।उन्होंने बताया कि क्रेडिट कार्ड को इस्तेमाल करने के लिए कार्ड धारक बाजार में प्रचलित किसी भी साधारण डेबिट कार्ड की भांति किसी भी एटीएम मशीन से राशि निकलवाने या बाजार में कोई भी खरीदारी करने हेतु प्रमाणित लिमिट के अनुसार इसका प्रयोग कर सकता है।

उन्होंने बताया कि ऋण की सुविधा पशुपालक अपनी जरूरत के अनुसार समय-समय पर ले सकता है और अपनी सुविधा अनुसार जमा भी करा सकता है। बस उस पशुपालक को यह याद रखना होगा कि पहली बार राशि निकलवाने या खर्च करने के 1 साल की समय अवधि के दौरान  किसी भी एक दिन पूरी राशि जमा करवानी अनिवार्य है  ताकि साल में एक बार ऋण मात्रा शून्य हो जाए। अन्यथा उसे ब्याज राशि पर 4 प्रतिशत की छूट नहीं मिल पाएगी और डिफॉल्ट होते हुए 12 प्रतिशत ऋण का भुगतान करना होगा। उन्होंने बताया कि यदि कोई कार्डधारक ऋण राशि को  1 साल की समयावधि के दौरान वापिस जमा नहीं करवाता है तो,उसे 12 प्रतिशत सालाना ब्याज की दर से भुगतान करना होगा। भुगतान ना करने पर वह अपनी कार्ड की लिमिट से आगामी राशि नहीं निकाल पाएगा । इस राशि का भुगतान करने के उपरांत वह फिर से आगामी 1 साल के लिए ऋण लेने का हकदार हो जाएगा । डॉ पुनीता ने उदाहरण देते हुए बताया कि यदि किसी पशुपालक के पास एक गाय है तो वह 40783 रुपए तक का ऋण ले सकता है। पशुपालक गाय के पालन पोषण के लिए 6 महीने  तक हर महीने  6797 रुपए अपने क्रेडिट कार्ड से ऋण के तौर पर प्राप्त कर सकता है । इस तरह 6 महीने में कुल प्राप्त राशि 40783 रुपए, उसे यह राशि एक साल में 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटानी होगी।  उन्होंने बताया कि कार्ड धारक का राशि लौटने का एक वर्ष का समय उस दिन से शुरू होगा जिस दिन वह पहली किस्त प्राप्त करेगा। उन्होंने बताया कि पशु किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने हेतु इच्छुक व्यक्ति आवश्यक दस्तावेज जैसे बैंक प्रारूप, आवेदन फार्म, केवाईसी दस्तावेज, वोटर कार्ड ,आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि अपने  बैंक में जमा करवाए और इस योजना का लाभ उठाए।

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