
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
दिल्ली पुलिस की एआरएससी क्राइम ब्रांच की टीम ने आज रविवार को एनसीईआरटी की डुप्लीकेट पायरेटेड किताबों की छपाई,भंडारण और वितरण में शामिल एक संगठित सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की मानें तो दिल्ली के दरियागंज में एक गोदाम के बारे में विश्वसनीय जानकारी प्राप्त हुई थी, जहाँ नकली/पायरेटेड एनसीईआरटी किताबें संग्रहीत और आपूर्ति की जा रही थीं। ये जानकारी एनसीईआरटी अधिकारियों के साथ साझा की गई। उसी पर कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच की टीम ने एनसीईआरटी, नई दिल्ली के अधिकृत कानूनी प्रतिनिधियों के साथ उक्त क्षेत्र में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान 12,755 डुप्लीकेट/पायरेटेड एनसीईआरटी किताबें बरामद की गईं। तदनुसार, धारा 318(4) बीएनएस और कॉपीराइट अधिनियम, 1957 की धारा 63/65 के तहत एफआईआर संख्या 336/25 के तहत पीएस अपराध शाखा, दिल्ली में मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान, धारा 338, 336(3), 340(2) और 238 बीएनएस बाद में जोड़ी गईं।
ncrtncert
पुनर्प्राप्ति
• कुल 44,862 नकली एनसीईआरटी किताबें।
• दो ऑफसेट प्रिंटिंग प्रेस मशीनें।
• जालसाजी के लिए उपयोग की जाने वाली पेपर रील, प्रिंटिंग स्याही और एल्युमीनियम प्रिंटिंग प्लेट।
आरोपी व्यक्तियों की प्रोफ़ाइल
1. सुमित (35 वर्ष) पुत्र नाथू सिंह, उत्तरी छज्जुपुर, शाहदरा दिल्ली, शाहदरा, दिल्ली से 10वीं पास है। वह शादीशुदा है और उसकी पहले से कोई भागीदारी नहीं है।
2. विनोद जैन (65 वर्ष) पुत्र मूलचंद जैन, निवासी। प्रीत विहार, दिल्ली 12वीं पास है। वह पहले भी डुप्लीकेट/पायरेटेड एनसीईआरटी पुस्तकों के इसी तरह के मामले में एफआईआर संख्या 159/23, आईपीसी की धारा 420 और 63/65 कॉपीराइट अधिनियम, पीएस अपराध शाखा, दिल्ली के तहत शामिल रहा है।
3. कनिष्क (32 वर्ष) पुत्र राजकुमार, निवासी यमुना विहार, दिल्ली। वह दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.ए. पास हैं। उसकी पहले से कोई संलिप्तता नहीं है.
Related posts
0
0
votes
Article Rating
Subscribe
Login
0 Comments
Oldest
Newest
Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

