अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
गुरुग्राम:डीएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) ने कृषि श्रेणी के ट्यूबवेल (एपी) कनेक्शनों की निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। निगम ने एपी कनेक्शनों के जारी और लंबित मामलों की दैनिक रिपोर्टिंग को अनिवार्य कर दिया है, ताकि मुख्यालय स्तर पर प्रभावी, सटीक और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा सके।प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने यह निर्देश दिए कि एपी कनेक्शनों से संबंधित सभी जानकारी और मुद्दे निगम के ओआरसी (ऑफिशियल व्हाट्सएप ग्रुप) पर प्रतिदिन सांझा किए जाएं, जिससे वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय पर समीक्षा और आवश्यक निर्णय लिए जा सकें ।

निगम के अधीक्षण अभियंता (वाणिज्यिक) द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि एपी कनेक्शनों की निगरानी के लिए नोडल कार्यालय के रूप में कार्य कर रहे पीडी एंड सी विंग द्वारा संकलित और प्रमाणित आंकड़ों के आधार पर यह जानकारी ओआरसी ग्रुप में डाली जाएगी। इसमें जारी किए गए और लंबित एपी कनेक्शनों की स्थिति के साथ-साथ वर्ष 2018 से पूर्व, 2019 से 2021 तथा 2022 से 2023 की अवधि से संबंधित कनेक्शनों का विस्तृत ब्यौरा भी शामिल होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह दैनिक रिपोर्टिंग अब अनिवार्य होगी और इसका उद्देश्य केवल आंकड़ों का संकलन नहीं,बल्कि मुख्यालय स्तर पर समयबद्ध समीक्षा, त्वरित निर्णय और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाना है। इसके लिए मॉनिटरिंग विंग को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि फील्ड और ऑपरेशन विंग से अपेक्षा की गई है कि वे सही और अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराएं।निगम प्रवक्ता ने बताया कि डीएचबीवीएन प्रबंधन का मानना है कि इस व्यवस्था के लागू होने से एपी कनेक्शनों से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र समाधान में तेजी आएगी, किसानों को समय पर बिजली कनेक्शन उपलब्ध होंगे और निगम की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं जवाबदेही और मजबूत होगी।
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