अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
गुरुग्राम: हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने गुरुग्राम जिला में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम गुरुग्राम तथा गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे उपायों के दृष्टिगत शनिवार को संबंधित अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में अब तक की प्रगति का आकलन करने, चुनौतियों का समाधान करने के लिए अन्य उपायों पर भी चर्चा की गई।

कैबिनेट मंत्री ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि गुरुग्राम को जलभराव से मुक्त करना केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि निगम व प्राधिकरण ने जलभराव के जो भी क्रिटिकल पॉइंट्स चिन्हित किए हैं। उन प्रत्येक पॉइंट्स पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाए ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जा सके। उन्होंने पानी की निकासी के लिए आवश्यक उपायों को प्राथमिकता देने और समस्या की जड़ तक पहुंचने के लिए स्थायी समाधान निकालने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि निगम व प्राधिकरण के अधिकारी जलभराव को लेकर किए जा रहे उपायों व उसकी प्रगति रिपोर्ट निरंतर उनके कार्यालय तक भिजवाना सुनिश्चित करें। जिन स्थानों पर ड्रेन इनलेट मिसमैच है। उसके लिए दोनों विभाग मिलकर काम करें।राव ने संबंधित अधिकारियों को ड्रेनेज सिस्टम की तर्ज पर छोटे सीवरेज नेटवर्क की सफाई भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पर्यावरण मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में अधिकारियों से कहा कि ऐसा संज्ञान में आया है कि शहर में विभिन्न सेक्टरों व रिहायशी क्षेत्रों में पीने के पानी को पार्क सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में अधिकारी दोषी व्यक्तियों पर नियमानुसार कार्रवाई कर अन्य लोगों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करें। राव नरबीर सिंह ने नगर निगम क्षेत्र में स्थित 41 माइक्रो एसटीपी प्लांट की कार्यप्रणाली की मौजूदा स्थित की रिपोर्ट तलब करते हुए क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अगले 15 दिन में सभी एसटीपी की जांच करवाएं। इसके साथ ही जिन औधोगिक इकाइयों में एसटीपी का रखरखाव नही किया जा रहा, उन पर एफआईआर करवाने की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने निगम अधिकारियों से कहा कि निगम क्षेत्र में जो भी गैर कार्यात्मक बूस्टर है उनको निर्धारित समय में चालू कराएं।बैठक में जीएमडीए के अधिकारियों ने कैबिनेट मंत्री को जलभराव के उपायों की प्रगति से अवगत कराते हुए बताया कि स्टॉर्म वाटर ड्रेन में अभी 12 किलोमीटर क्षेत्र में डिसिल्टिंग का काम जारी है जोकि 30 जून से पहले पूरा कर लिया जाएगा। लेग 2 में भी सफाई के नए काम का अवार्ड किया गया है। इसी प्रकार सीवरेज सिस्टम की सफाई में अभी तक 85 किलोमीटर नेटवर्क की सफाई की जा चुकी है व 11 किलोमीटर पर काम चल रहा है। जिसे निर्धारित अवधि में पूरा कर लिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया की जिला में स्थित 404 रेन वाटर हार्वेस्टिंग की सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है जिसमें निर्धारित प्रक्रिया के तहत 10 जून तक सभी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम साफ कर दिए जाएंगे। इसी प्रकार सेक्टर 72ए से राष्ट्रीय राजमार्ग 48 तक मास्टर ट्रेन के 4500 मीटर नेटवर्क में 74 प्रतिशत सफाई का काम पूरा हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित पैदल पारपथ की सफाई व्यवस्था को लेकर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए निगम आयुक्त अशोक गर्ग ने बताया कि निगम द्वारा इनकी सफाई करवाई जा रही है। भविष्य में इनके रखरखाव व सफाई को लेकर भी एस्टीमेट तैयार करवाया जाएगा। निगम क्षेत्र में अभी 41 माइक्रो एसटीपी है जिसमें से 28 सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं।बैठक में नगर निगम आयुक्त अशोक गर्ग, अतिरिक्त निगम आयुक्त वाई. एस गुप्ता, जीएमडीए से चीफ इंजीनियर राजेश बंसल, डीएफओ राजकुमार, आरओ पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से आकांशा तंवर सहित नगर निगम व जीएमडीए के अधिकारीगण मौजूद रहे।
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