
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
फरीदाबाद: पुलिस आयुक्त राकेश कुमार आर्य ने सभी डीसीपी, एसीपी और थाना प्रबंधकों को आदेश दिए हैं कि जो महिला/ व्यक्ति दुष्कर्म व छेड़छाड़ आदी समान के आरोप की बार-बार शिकायत देती हैं उनकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज करने से पहले पूर्ण जांच की जानी चाहिए। आरोप सही पाए जाने पर किया जाएगा मुकदमा दर्ज। अक्सर देखा गया है कि महिला द्वारा छेड़छाड़ व दुष्कर्म की शिकायत दी जाती है बाद में शिकायतकर्ता द्वारा समझौता कर लिया जाता है। इस प्रकार की महिलाएं/ व्यक्ति बार-बार शिकायत देने की प्रक्रिया को अपना रहे हैं। इस प्रकार के मामलों का संज्ञान लेते हुए पुलिस आयुक्त द्वारा सभी डीसीपी, एसीपी एवं थाना प्रबंधक को आदेश दिए गए हैं कि एक ही आरोप की शिकायत एक से अधिक बार मिलती है तो शिकायत पर पहले पूर्ण जांच की जाए। शिकायत में सत्यता पाए जाने पर ही मुकदमा दर्ज कर आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

सभी थाना व चौकी प्रभारियों को उनके अधिकारिक क्षेत्र में इस प्रवृत्ति की महिलाओं/ व्यक्तियों की सूची तैयार किए जाने के निर्देश दिए है। पुलिस आयुक्त के द्वारा पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ के आदेश के माध्यम से वर्ष -2021 के सीआरएम-एम नंबर 5147 के तहत निर्देश दिए है कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ बलात्कार या छेड़छाड़ का एक से अधिक बार आरोप लगाने पर सिधे एफआईआर दर्ज नहीं की जाए,लगाए गए आरोपो की पहले जांच की जानी आवश्यक है। यह भी निर्देश दिया गया है कि सभी डीसीपी द्वारा ऐसे या समान शिकायतकर्ताओं के संबंध में रिकॉर्ड बनाए रखा जाना चाहिए, जिन्होंने बलात्कार के आरोप की एक से अधिक शिकायतें दर्ज की हैं या जहां हनीट्रैप के पीड़ितों द्वारा शिकायत की गई है। पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट ने उपरोक्त दिए गए सीआरएम नंबर के अंतर्गत केस का हवाला देते हुए पुलिस को निर्देश दिए थे ताकि निर्दोष व्यक्ति शिकार होने से बच सकें। ऐसी महिलाओं / व्यक्तियों द्वारा मकसद से दी गई शिकायतों पर पहले निष्पक्ष जांच की जाएगी और सच्चाई अपने पर ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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