अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
फरीदाबाद: ग्रीन फिल्ड कालोनी के बिल्डरों ने जैसे कि कानूनी नियमों को सरेआम ठेंगा दिखा कर अपने निर्दोष ग्राहकों को लूटने का कोई न कोई उपाय ढूंढ लेते हैं। फिलहाल तीन ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें ग्राहकों को कोई भी फ्लैट्स खरीदते वक़्त सावधानी बरतना होगा। अन्यथा यहां के चतुर चंठ बिल्डर लोग बहुत ही मीठी-मीठी बातें बोल कर आपकी मेहनत की कमाई को लूट लेंगें। इसलिए ग्रीन फिल्ड कालोनी में कोई भी फ्लैट खरीदने के लिए पसंद तो करें पर उनकों एडवांस पेमेंट देने से पहले एक बार डीटीपी इंफोर्स्मेंट विभाग से अपने उस निर्माण की सही जानकारी अवश्य ले लें ।

ऐसे ग्रीन फिल्ड कालोनी के तीन बिल्डिगों के नंबर “अथर्व न्यूज़” को मिले हैं जिसका नंबर -1730, 1734 ,1736 है, इन तीनों बिल्डिंगों में अवैध निर्माण किए गए, वह कंप्लीशन सर्टिफिकेट लेने के बाद, इन अवैध निर्माणों वाले तीनों बिल्डिंगों के नबंरों को डीटीपी इंफोर्स्मेंट राजेंद्र टी शर्मा को फोन के व्हाट्सप्प पर जांच के लिए भेज दिया गया हैं। इस मामले में डीटीपी इंफोर्स्मेंट राजेंद्र टी शर्मा का कहना हैं कि उन्हें तीनों बिल्डिंगों के नंबर मिल चुके हैं। जल्द ही इन तीनों बिल्डिंगों में बने अवैध निर्माणों को चेक करवाएगें और जांच के दौरान शिकायतें सही मिली तो सख्त से सख्त कार्रवाई इन बिल्डरों और बनाएं अवैध निर्माणों के खिलाफ करेंगें।

बिल्डर सुरेंद्र अग्रवाल से जब “अथर्व न्यूज़” ने फोन पर पूछा कि ग्रीन फिल्ड के प्लाट नंबर-1730 आपका हैं तो उन्होनें कहा कि ये प्लाट मेरा हैं और इस प्लाट पर बनाए जा रहे फ्लैट्स भी उन्हीं का हैं। जब उनसे पूछा गया कि आपने कंप्लीशन सर्टिफिकेट लेने के बाद,आपने काफी अवैध निर्माण किया है, पर उन्होनें इस बात से साफ़ इंकार कर दिया। इसके बाद बिल्डर सुमित सरोहा से फोन पर ये पूछा गया कि प्लाट नंबर-1734 आपका हैं तो उन्होनें कहा कि जी हैं ये प्लाट नंबर मेरा हैं और इस प्लाट पर फ्लैट्स जो बने हुए हैं वह भी उन्हीं का हैं।

फिर उनसे पूछा गया कि क्या आपने कंप्लीशन सर्टिफिकेट लेने के बाद, अपने इन फ्लैटों में काफी अवैध निर्माण बनाए हैं,उनका जवाब ना में था। इसके बाद बिल्डर सुरेंद्र अग्रवाल से “अथर्व न्यूज़” ने बात की और उनसे पूछा कि ग्रीन फिल्ड में प्लाट नंबर -1730 आपका हैं तो उन्होनें कहा कि ये मेरा ही प्लाट हैं और इस प्लाट पर बनाए गए फ्लैट्स भी मेरे हैं। फिर उनसे पूछा गया कि आपने कंप्लीशन सर्टिफिकेट लेने के बाद अपने इन सभी फ्लैटों में अवैध निर्माण किया हैं फिर उन्होनें साफ़ मना कर दिया। फिर इनमें एक बिल्डर ने दिलेरी दिखाते हुए कहा कि थोड़ा बहुत अवैध निर्माण तो कर ही लेते हैं।

हालांकि इनमें से एक बिल्डर के पार्टनर का “अथर्व न्यूज़” के पास फोन आया की कृपया कर इस खबर को ना लिखें, इससे उनका नुकशान हो जाएगा। खबर ना लिखने के एवज में पैसे देने की पेचकश की। पेशकश को “अथर्व न्यूज़” ने ठुकरा दिया। और निर्दोष ग्राहक के साथ इंसाफ़ी ना हो और वह ठगा ना जाए। इन सभी तीनों नंबरों को डीटीपी इंफोर्स्मेंट राजेंद्र टी शर्मा को सौप दिया गया हैं और उन्होनें “अथर्व न्यूज़” को जांच के बाद सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया हैं। ग्रीन फिल्ड निवासियों से “अथर्व न्यूज़” ने साफ़ तौर पर अपील की हैं कि किसी बिल्डरों और किसी भी संस्थाओं के खिलाफ कोई शिकायत, या पानी-बिजली की समस्या हो तो आप लोग “अथर्व न्यूज़ ” से संपर्क कर सकते हैं और आपकी समस्याओं को सम्बंधित विभाग तक पहुंचाने और खबर के माध्यम से हल कराने का एक प्रयास करेंगें।
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