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ब्रेकिंग न्यूज़:भौंडसी जेल के डिप्टी सुप्रीटेंडट जेल में नशीला पदार्थ सप्लाई करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार- देखें वीडियो

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
गुरुग्राम: क्राइम ब्रांच,सेक्टर -39 ने आज भौंडसी जेल के डिप्टी सुप्रीटेंडेट धर्मवीर चौटाला को जेल में मोबाइल सिम व नशीला पदार्थ की सप्लाई करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया हैं। इस के साथ जो शख्स जेल के डिप्टी सुप्रीटेंडेट को यह सब सप्लाई देता था। क्राइम ब्रांच,सेक्टर -39 की छापामार टीम ने उसे भी गिरफ्तार किया हैं। पुलिस ने इन आरोपितों के कब्जे से  कुल 11 (4जी) सिम कार्ड व 230 ग्राम चर्स  बरामद की हैं। यह खुलासा आज दोपहर में एसीपी क्राइम प्रीतपाल सांगवान ने अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में किए। 

एसीपी क्राइम प्रीतपाल सांगवान ने पत्रकारों को आज सम्बोधित करते हुए कहा कि अक्सर खबरें आती रहती थी कि भौंडसी जेल के अंदर से मोबाइल फोन और नशीला पदार्थ मिले हैं, के नेटवर्क को पता लगाने का कार्य क्राइम ब्रांच ,सेक्टर -39 की कर रही थी। इसी दौरान क्राइम ब्रांच, सेक्टर -39 के इंचार्ज राजकुमार को पता चला की एक शख्स आज जिसका रवि उर्फ़ गोल्डी जो पीछे से लखनऊ का रहने वाला हैं हाल वजीराबाद में रहता हैं नशीला पदार्थो का एक खेप भौंडसी जेल में सप्लाई करने आने वाला हैं। उनका कहना हैं कि इंचार्ज राजकुमार ने पहले तो चुपके से उसकी पहचान की फिर उस का पीछा करते रहे। इस दौरान उन्होनें देखा की रवि उर्फ़ गोल्डी भौंडसी जेल के डिप्टी सुपिटेंडट धर्मवीर चौटाला के मकान में घुस गया। इसके बाद इंचार्ज राजकुमार अपने टीम के साथ घर में घुस गए जब उन्होनें तलाशी ली तो जेल सुप्रीटेंडेट धर्मवीर चौटाला के पास 11 (4 जी ) सिम कार्ड व 230 ग्राम चरस बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने जेल सुप्रीटेंडेट धर्मवीर चौटाला व रवि उर्फ़ गोल्डी को हिरासत में ले लिया। 

शुरूआती पूछताछ में पता चला हैं कि यह लोग जेल में कुख्यात अपराधियों को एक सिम कार्ड 20 हजार व नशीला पदार्थ मुहैया कराते थे। उनका कहना हैं कि जेल में अपराधियों को मोबाईल फोन, सिम कार्ड व नशीले पदार्थ सप्लाई  करने पर उक्त डिप्टी जेल सुपरिडेन्ट व रवि  उर्फ़ गोल्डी  के खिलाफ थाना भौन्डसी, गुरग्राम में कानून की उचित धाराओँ के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपितों से पूछताछ में ये भी ज्ञात हुआ कि ये जेल में बन्द अपराधियों को 4जी सिम उपलब्ध कराते थे,जिससे वे इन्टरनेट के माध्मय से व्ट्सएप व अन्य शोसल ऐप चला सके। एक सिम के बदले ये अपराधियों से 20 हजार रुपए वसूलते थे। इनके कब्जा से बरामद चर्स को ये लगभग 10 लाख रुपयों में अपराधियों को बेचते थे जिसे पुलिस ने बरामद किया हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपित  डिप्टी सुपरिडेन्ट जेल के बारे में और अधिक जानकारियां हासिल की जा रही हैं।  

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