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फरीदाबाद

सोशल मीडिया पर प्रत्याशियों द्वारा दिए जा रहे बिज्ञापन पर चुनाव आयोग की नजर

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
फरीदाबाद:जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अतुल कुमार द्विवेदी ने कहा कि लोकसभा आम चुनाव-2019 में फेसबुक,वाट्सएप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रत्याशियों द्वारा किए जाने वाले प्रचार पर नजर रखी जा रही है । आम लोकसभा चुनाव-2019 के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आदर्श आचार संहिता की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की हिदायतों के अनुरूप मानीटरिंग की जा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रिंट व इलेक्ट्रोनिक मीडिया पीसीआई व एनबीएसए की गाइडलाइंस के अनुरूप कार्य करे। स्वैच्छिक कोड ऑफ एथिक्स के तहत सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर प्रत्याशियों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बरकरार रखते हुए उपयुक्त नीतियों व प्रक्रियाओं को लागू करे। इस के साथ ही उन्होंने चुनाव लङ रहे प्रत्याशियों को चुनाव कानूनों व अन्य निर्देशों की पालना करानी चाहिए । जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 126 के संभावित उल्लंघनों व चुनाव कानूनों की सूचना 3 घंटे के भीतर प्रत्याशी तक पहुंचाने के लिए आयोग ने अधिसूचना तंत्र विकसित किया है। इसके साथ ही विज्ञापनों के पूर्व प्रमाण पत्र प्रदान करने के लिए भी एक तंत्र प्रदान किया गया है । इसके माध्यम से राजनीतिक विज्ञापनों में पारदर्शिता लाने तथा सोशल मीडिया प्लेटफार्म के दुरुपयोग को रोका जा रहा है। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार धारा 126 के तहत चुनाव संपन्न होने से 48 घंटे पहले हर प्रकार के चुनाव प्रचार पर रोक लग जाएगी और टेलीविजन व अन्य माध्यमों पर भी प्रचार नहीं किया जा सकेगा।


चुनाव को प्रभावित करने के लिए किए जाने वाले प्रचार या विज्ञापन का प्रसारण करने के दोषी व्यक्ति को दो वर्ष की सजा व जुर्माना अथवा दोनों हो सकते हैं। इसी प्रकार टीवी, रेडियो चैनल, केबल नेटवर्क, इंटरनेट वेबसाइट व सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर दिखाई जाने वाली चुनाव प्रचार सामग्री या विचार किसी पार्टी या प्रत्याशी विशेष के पक्ष को समर्थन करता हुआ नहीं होना चाहिए जो चुनाव के परिणाम को प्रभावित कर सके।ज़िला निर्वाचन अधिकारी ने निर्वाचन आयोग के हवाले से प्रिंट मीडिया से आह्वान किया है कि वह प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की गाइडलाइंस की अनुपालना करे। प्रेस प्रत्याशी व चुनाव के संबंध में निष्पक्ष रिपोर्टिंग करे। चुनाव प्रचार में सांप्रदायिक व जातीय सामग्री का प्रकाशन करना पूर्ण प्रतिबंधित है। किसी प्रत्याशी या पार्टी के पक्ष में प्रचार करने अथवा छवि बनाने के लिए किसी प्रकार का वित्तीय लाभ प्राप्त करना अनैतिक है। इसी प्रकार इलेक्ट्रोनिक मीडिया को भी एनबीएसए द्वारा निर्धारित गाइडलाइंस की अनुपालना चुनाव के दौरान करनी चाहिए। जनता के विचार, ओपिनियन पोल अथवा किसी ऐसे सर्वे का प्रसारण भी नहीं किया जा सकता है जो चुनाव को प्रभावित करे। उन्होंने बताया कि चुनाव मशीनरी द्वारा सभी प्रचार माध्यमों की सतत निगरानी की जा रही है। इसलिए सभी प्रकार के प्रचार माध्यम, प्रत्याशी व राजनीतिक दल आदर्श आचार संहिता के सभी नियमों की अनुपालना करें और शांतिपूर्ण, निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव संपन्न करवाने में सहयोग करें।

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