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दिल्ली राजनीतिक राष्ट्रीय हाइलाइट्स

1984 के सिख नरसंहार के लिए कांग्रेस आज तक माफी नहीं मांग सकी, उलटे राहुल गांधी आज प्रदर्शन की राजनीति कर रहे हैं।

अजीत सिन्हा / नई दिल्ली 
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आज रविवार कोहरियाणा के रोहतक में छोटू राम पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान से डी पार्क, मॉडल टाउन तक‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत मार्च का नेतृत्व किया। पदयात्रा केपश्चात राष्ट्रीय अध्यक्ष  ने डी पार्क स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा परमाल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। जिसके बाद उन्होंने पदयात्रा में आए विशालजनसमूह को संबोधित किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना और जनादेश का सम्मान करना है। नवीन ने कांग्रेस परचुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं और चुनाव आयोग पर निराधार आरोप लगाने काआरोप लगाया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने 1984 के सिख नरसंहार के लिए कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की। साथ ही, उन्होंने राहुल गांधी पर देश में अराजकता फैलाने काआरोप लगाया।

कार्यक्रम में हरियाणा भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, केंद्रीय राज्यमंत्री  जयंत चौधरी, हरियाणा की प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमतीस्मृति ईरानी, सह-प्रभारी एवं राष्ट्रीय सचिव डॉ. भोला सिंह सहितअन्य नेतागण उपस्थित रहे।   नितिन नवीन ने कहा कि यह पदयात्रा देश के लोकतंत्र को मजबूत करने केलिए है। इस यात्रा में भाजपा और एनडीए के कार्यकर्ताओं ने जो एक-एक कदम आगे बढ़ायाहै, वह देश के लोकतंत्र की ताकत को मजबूत करने के लिए बढ़ाया है। आज हरियाणा का स्थापना दिवस है। इस अवसर पर हम पूरे हरियाणा वासियों औरहरियाणा के एक-एक भाई-बहन को बहुत-बहुत बधाई देते हैं। आज हम लोकतंत्र की जड़ों कोमजबूत करने और जनादेश के सम्मान के लिए यह पदयात्रा निकाल रहे हैं।

लोग पूछते हैंकि जब दिल्ली से लेकर कई राज्यों में हमारी सरकार है, तो फिर लोकतंत्र को बचाने की आवश्यकता क्यों पड़ती है? जब विपक्ष जनता के मत और जनादेश का अपमान करता है, तब एनडीए का कार्यकर्ता जनता के साथ सड़कों पर उतरकरलोकतंत्र की आवाज बनता है और ऐसे विपक्ष को चुनौती देने तथा जवाब देने का काम करताहै। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि आज 1 नवंबर को हम हरियाणा का स्थापना दिवस मना रहे हैं। वहीं, आज ही के दिन 1984 में हमारे सिख भाइयों के साथ जो घिनौना व्यवहार हुआ और जिस तरह उन्हेंकुर्बानी देनी पड़ी और जिस प्रकार कत्लेआम तथा हत्याएं हुईं, उसके लिए कांग्रेस को प्रायश्चित करना चाहिए था औरमाफी मांगनी चाहिए थी। लेकिन कांग्रेस आज प्रदर्शन करने निकली है। जब हमारे सिखभाइयों की हत्याएं हो रही थीं और उनका कत्लेआम हो रहा था, तब उनके पिताजी ने कहा था कि ‘एक बड़ा पेड़गिरता है तो धरती कांपती है।’ उस धरती के कांपने से कितने सिख भाइयों का जीवनसमाप्त हो गया, इसका राहुल गांधी को पश्चाताप करना चाहिए था और माफीमांगनी चाहिए थी। लेकिन वे आज प्रदर्शन करने निकले हैं। हम राहुल गांधी से पूछनाचाहते हैं कि आखिर यह प्रदर्शन किस विषय को लेकर है? लोकतंत्र की व्यवस्था में चुनाव के दौरान जनता अपना मत देती है और सरकारचलाने के लिए जनादेश देती है। कांग्रेस को जनता का जनादेश नहीं मिला, जिसके कारण आज वह निराशा और हताशा में है। अपनी इसस्थिति का दोष वह संवैधानिक संस्थानों पर मढ़ रही है। नवीन ने चुनौती देते हुए कहा कि यदि कांग्रेस के नेताओं में इतनी ताकतहै, तो उन्हें सबसे पहले कांग्रेस के भीतर राहुल गांधी केनेतृत्व में चल रहे राजतंत्र को समाप्त करके लोकतंत्र लागू करना चाहिए। कांग्रेसमें केवल एक परिवार का शासन चलता है। कांग्रेस के नेता भी यही मानते हैं कि’खाता न बही, राहुल गांधी औरउनका पूरा परिवार जो कहेगा, वही सही।’ उनका मानना हैकि देश का कानून भी राहुल गांधी की इच्छा के अनुसार बनेगा। कांग्रेस के नेतासंविधान की प्रति लेकर घूमते हैं, लेकिन संविधान के पन्नों को तार-तार करने का कामकांग्रेस पार्टी ने ही किया है। दौरान जब इंदिरा गांधी ने चुनाव जीता था, तब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था किउन्होंने सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करके और गलत तरीके से चुनाव जीता था। हाईकोर्टने उनका चुनाव रद्द कर दिया था और छह वर्ष तक उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गईथी। सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग की विरासत पूरी तरह कांग्रेस की रही है। कांग्रेसने हमेशा वोटों की चोरी की है और जनता के मत का अपमान किया है। नितिन नवीन ने कहा कि आज कांग्रेस 13 करोड़ वोट काटने का आरोप लगा रही है। एनडीए का कार्यकर्ता और यहां तक किपार्टी का मंडल अध्यक्ष भी राहुल गांधी को इन 13 करोड़ वोटों का एक-एक हिसाब दे सकता है। राहुल गांधी सड़क पर हिसाबमांगेंगे तो सड़क पर और सदन के पटल पर मांगेंगे तो सदन में इसका जवाब दिया जाएगा।इन 13 करोड़ लोगों में ढाई करोड़ ऐसे लोग हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। राहुल गांधी मृत लोगों केवोटों की वकालत क्यों कर रहे हैं और इसके पीछे उनकी मंशा क्या है? इसके अलावा, छह करोड़ लोगऐसे हैं, जो एक स्थान से दूसरे स्थान पर चले गए हैं। क्या ऐसेलोगों के नाम मतदाता सूची से नहीं हटाने चाहिए? यदि नहीं, तो कांग्रेस उन्हें क्यों बचाना चाहती है और इसकेपीछे उसकी मंशा क्या है? तीन करोड़ घुसपैठिए हैं और हरियाणा की जनता जानती हैकि ये कौन लोग हैं। कांग्रेस इन घुसपैठियों को बचाने के लिए लड़ाई लड़ रही है। जबतक भाजपा और एनडीए के कार्यकर्ता मौजूद हैं, तब तक इन घुसपैठियों को देश से बाहर करने का प्रयास जारी रहेगा और किसी भीपरिस्थिति में उन्हें अधिकार नहीं मिलेगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नवीन ने कहा कि कांग्रेस को देश के 140 करोड़ लोगों पर विश्वास नहीं है। उसे देश की 140 करोड़ आबादी पर भरोसा नहीं है, बल्कि तीन करोड़ घुसपैठियों पर विश्वास है। आखिरराहुल गांधी की मंशा क्या है और वे लोकतंत्र को चुनौती क्यों देते हैं? लोकतंत्र में सबसे बड़ा मत जनता का होता है और जब-जबजनता ने अपना मत दिया है, तब-तब राहुल गांधी को हार का सामना करना पड़ा है। जबहिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में कांग्रेस जीतती है, तो वह कहती है कि लोकतंत्र जीत गया। लेकिन जब हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल में हारती है, तो उसे लोकतंत्र खतरे में नजर आने लगता है। आखिर यह कैसी दोहरी मानसिकता औरदोहरा चरित्र है? इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस लोकतंत्र को गांधीपरिवार के अनुसार चलाना चाहती है, जबकि लोकतंत्र देश के संविधान के अनुसार चलेगा, जिसका सम्मान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमेशा देश के लोकतंत्र का सम्मानकिया है। संविधान की रचना करने वाले डॉ. आंबेडकर जी का अपमान भी नेहरू-गांधीपरिवार ने ही किया था। इसी परिवार ने डॉ. आंबेडकर जी को चुनाव हराने के लिए बंगालसे लेकर देशभर में उनका अपमान करने का काम किया। नवीन ने कहा कि आज हम ‘लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा’ में शामिल हैं, जबकि कुछ लोग पूरे देश में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। राहुलगांधी विदेशी ताकतों के इशारे पर और उनके टूलकिट के रूप में काम कर रहे हैं। वेविदेशी विचारों के आधार पर देश के लोकतंत्र को चुनौती देना चाहते हैं। देश की 140 करोड़ जनता देख रही है और जानती है कि ये कौन लोगहैं। ये वही लोग हैं, जिन्होंने विदेशों में भी अराजकता फैलाने का काम कियाहै। उनके सहयोगी कम्युनिस्ट पार्टी के लोग और कांग्रेस के कुछ तथा कथित नेता कहतेहैं कि वे सत्ता परिवर्तन कर देंगे। जनता के मत से बनी सरकार का कोई कुछ नहींबिगाड़ सकता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे और वर्ष 2029 में एक बार फिर लाल किले की प्राचीर से देश कोसंबोधित करेंगे। जो लोग ऐसे दिवास्वप्न देख रहे हैं और मुगालते में हैं, उन्हें समझना चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेन्द्रमोदी सेवा भाव से काम करते हैं। हरियाणा के विकास और उन्नति के लिए वे अपना मन, तन और पूरी ताकत लगाते हैं। प्रधानमंत्री श्रीनरेन्द्र मोदी जी ने हरियाणा के गांवों और कस्बों में जाकर जितना समय दिया है औरसंगठन में जो काम किया है, वह उनके हरियाणा के प्रति लगाव को दर्शाता है। हाल हीमें हरियाणा के गायकों के साथ बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था, “मैं भले ही गुजरात से आताहूं और एक सांसद के नाते मेरी कर्मभूमि बनारस और उत्तर प्रदेश रही है, लेकिन मेरा मन हरियाणा में रहता है, क्योंकि हरियाणा के लोगों ने मुझे बहुत ताकत दी है।” देश का सच्चा प्रहरी और सच्चा सपूत प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जब तक देश का नेतृत्व कर रहे हैं, तब तक देश के एक-एक व्यक्ति की चिंता करेंगे। 

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