
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़: हरियाणा के ऊर्जा अनिल विज ने गुरूग्राम व नूंह में बिजली वितरण के लिए दिए लाईसेंस के विरोध में हरियाणा बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के संबंध में कहा कि हमने सारा इंतजाम किया है और यह जो हड़ताल की जा रही है वो बेवजह है क्योंकि हरियाणा बिजली विनियामक आयोग ने आदेश दिया है कि निजी कंपनी को बिजली दी जाए। हालांकि विनियामक के सामने हमने बड़ा वकील खड़ा करके और विभाग ने पूरी ताकत से उस कंपनी का विरोध किया है। मगर यह स्वायत्त संस्था है, हमने बिजली निजीकरण के लिए कोई आवेदन नहीं मांगा था, लेकिन यह केंद्रीय एक्ट है जिसमें यह प्रावधान है कि कोई भी व्यक्ति, कोई भी कंपनी आवेदन लगा सकती है कि हमें बिजली दी जाए।

ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि वह स्वयं निजीकरण के खिलाफ है क्योंकि हमारा इतना पैसा व ढांचा लगा है, कर्मचारियों की नौकरी का सवाल है इसलिए हमने इसका डटकर विरोध किया, मगर फैसला हमारे खिलाफ आया और इस फैसले की हम विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (एपीटीईएल) में अपील कर रहे हैं। हम कोशिश कर रहे हैं कि जल्दी वहां से विनियामक के आदेश के खिलाफ स्टे हासिल करें।

ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि वह कर्मचारी नेताओं को यह कहना चाहते हैं कि हड़ताल करना तब बनता जब हम अपील न करते, अपील करने के लिए 45 दिन का समय होता है, मगर हम पूरी तरह से अधिकारियों के साथ लगे है ताकि 5-6 दिन में यह अपील दायर कर स्टे हासिल कर लें। कर्मचारियों साथियों से वह कहना चाहते हैं कि हड़ताल का रास्ता छोड़कर वह हमारे साथ आए और केस तैयार कराने के लिए यदि हमारे वकील को कोई राय देना चाहते हैं तो वह दे, या वो अपना वकील खड़ा करना चाहते है तो वह खड़ा करे, या वो कोई और वकील का सुझाव देना चाहते है तो बताए हम वह वकील हायर कर लेंगे। उन्होंने कहा कि लड़ना तो कोर्ट में पड़ेगा क्योंकि यह विनियामक है, कुछ नासमझ लोग कह रहे हैं कि सरकार ने बिजली दी और सरकार अपील में जा रही है, ऐसा नहीं हो सकता, यह सरकार नहीं विनियामक है समझ नहीं है तो एकट लेकर पढ़ लें।
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