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अपराध दिल्ली

एम्/एस हीरो फिनकॉर्प लिमिटेड में ₹12,84,09,997/- धोखाधड़ी करने के मामले में 5 आरोपित पकड़े गए।

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ स्पेशल सेल की टीम ने आज बुधवार को एम/एस हीरो फिनकॉर्प लिमिटेड में ₹12,84,09,997/- धोखाधड़ी करने के मामले में 5 आरोपितों को फिरफ्तार किया है, जिनके नाम अभय कुमार सोलंकी, पुत्र सुभाष, निवासी पीएस-खुर्जा देहात, तहसील सिकंदराबाद, जिला बुलंदशहर,लवली, पुत्र चंद राम, निवासी कैलाश नगर, कुरुक्षेत्र, हरियाणा, आयु-26 वर्ष,3. नमन कुमार, पुत्र उमा सिंह, निवासी सुमेर नगर, क्यू ब्लॉक, मानसरोवर, जयपुर, राजस्थान,हरमन, पुत्र मनीराम, आयु 24 वर्ष, निवासी ग्राम-मंनकासर, तहसील-बज्जू, बीकानेर, राजस्थान,विकास, पुत्र अजय शर्मा, निवासी जयपुर, राजस्थान, आयु 30 वर्ष है। इनके पास से पुलिस टीम ने चेक बुकें,,पाँच मोबाइल फोन, प्रॉपर्टी गैलरी की रबर स्टैम्प बरामद किए है। 

पुलिस के मुताबिक वर्तमान मामला M/s Hero FinCorp Ltd. (अपने अधिकृत विधिक प्रतिनिधि के माध्यम से), जो एक पंजीकृत गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) है, की औपचारिक शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता कंपनी ने HDFC बैंक से प्राप्त सिस्टम अलर्ट के माध्यम से यह पता लगाया कि कॉर्पोरेट बैंक खाते से बिना किसी प्रकार की प्राधिकृति, निर्देश, सहमति या कंपनी प्रबंधन की पूर्व जानकारी के, अनधिकृत डेबिट लेनदेन व्यवस्थित रूप से किए गए थे। कुल 317 अनधिकृत डिजिटल लेनदेन, जिनकी राशि ₹12,84,09,997/- थी, 34 अलग-अलग प्राथमिक स्तर के बैंक खातों में भेजे गए। फलस्वरूप, थाना स्पेशल सेल में धारा 308/318(4)/319/340 बीएनएस के अंतर्गत मामला एफआई आर संख्या 135/26 दिनांक 21.08.26 दर्ज किया गया और जांच प्रारंभ की गई। हालांकि, आईएफएसओ यूनिट के त्वरित तकनीकी हस्तक्षेप के माध्यम से धोखाधड़ी वाले खातों में ₹1.7 करोड़ की राशि पर सफलतापूर्वक लियन/होल्ड लगाकर ठगी गई पूंजी को सुरक्षित कर लिया गया।तत्काल, एसआई अंकित नं. डी/3358, एचसी सुरेश नं. 194/आईएफएसओ, एचसी राजेश नं. 654/आईएफएसओ, एचसी कर्मवीर नं. 622/आईएफएसओ, तथा सीटी रोहित नं. 763/आईएफएसओ की एक टीम, जो प्रेम चंद्र खंडूरी, एसीपी/आईएफएसओ के पर्यवेक्षण में तथा गौरव त्यागी, डीसीपी/आईएफएसओ के समग्र पर्यवेक्षण में गठित की गई थी। टीम ने कथित बैंक खातों का विवरण प्राप्त कर उसका विश्लेषण किया तथा इस घोटाले में शामिल मोबाइल फोन रिकॉर्ड्स का भी विश्लेषण किया गया। पूरे भारत में छापेमारी की गई और इस मामले में 5 व्यक्तियों को गिरफ्तार/अभिरक्षा में लिया गया।
मामले में गिरफ्तार व्यक्ति:
1. अभय कुमार सोलंकी, पुत्र सुभाष, निवासी पीएस-खुर्जा देहात, तहसील सिकंदराबाद, जिला बुलंदशहर।
उनके खाते में 60,000 रुपये जमा किए गए और एटीएम से निकाले गए।
2. लवली, पुत्र चंद राम, निवासी कैलाश नगर, कुरुक्षेत्र, हरियाणा, आयु-26 वर्ष।
वे प्रॉपर्टी गैलरी, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, थानेसर, कुरुक्षेत्र के खाता धारक हैं, जिसमें 80 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई थी। उन्होंने यह बैंक खाता एक सत्याम, निवासी चीका, कैथल, हरियाणा, के बहकावे में आकर खोला था, जो अभी भी फरार है।
3. नमन कुमार, पुत्र उमा सिंह, निवासी सुमेर नगर, क्यू ब्लॉक, मानसरोवर, जयपुर, राजस्थानवह Infirmity Services., Yes Bank, Jaipur का खाता धारक है, जिसमें 40 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई थी। उसने अपना IndusInd Bank खाता भी दिया था, जिसमें लगभग 70 लाख रुपये जमा किए गए थे। (यह खाता पूरे भारत में NCRP पर 43 शिकायतों से जुड़ा हुआ है)।उसकी मुलाकात सह-अभियुक्त हरमन से एक विकास के माध्यम से हुई, जो नमन के मोबाइल फोन में एक APK फ़ाइल इंस्टॉल करके धोखाधड़ी की गई राशि प्राप्त करने और उसे स्थानांतरित करने के लिए उसके IndusInd Bank खाते का संचालन करता था। उसने नमन का परिचय दिल्ली के एक सौरव से भी कराया। नमन दिल्ली गया और होटल निर्वाणा रेजिडेंसी, कृष्णा नगर, दिल्ली में ठहरा, जहाँ उपर्युक्त कार्यप्रणाली का उपयोग करके उसके Yes Bank खाते का संचालन किया गया।
4. हरमन, पुत्र मनीराम, आयु 24 वर्ष, निवासी ग्राम-मंनकासर, तहसील-बज्जू, बीकानेर, राजस्थान
हरमन टेलीग्राम पर विभिन्न चीनी समूहों के संपर्क में था तथा टेलीग्राम पर उदयपुर, राजस्थान निवासी देवेंद्र सिंह चौहान के साथ भी सीधे संपर्क में था, जो ठगी गई धनराशि को यूएसडीटी में परिवर्तित करके विदेश स्थित ठगों को स्थानांतरित करता था। हरमन ने कमीशन के आधार पर नमन का बैंक खाता प्राप्त किया था और उसका संचालन किया था। उसे देवेंद्र सिंह से कमीशन के रूप में लगभग 1.5 लाख रुपये प्राप्त हुए थे।
5. विकास, पुत्र अजय शर्मा, निवासी जयपुर, राजस्थान, आयु 30 वर्ष
विकास आरबीएल बैंक, जयपुर में रिलेशनशिप मैनेजर है। उसने खाता धारक नमन को यस बैंक और इंडसइंड बैंक में खाते खोलने में सहायता की थी तथा उसका परिचय खाता सुविधा प्रदाता हरमन से कराया था।
जांच जारी है
अपराध को गंभीर, सुव्यवस्थित और अंतर-राज्यीय प्रकृति का पाया गया है, जिसमें परिष्कृत साइबर धोखाधड़ी तथा अपराध की आय की व्यवस्थित धन-शोधन प्रक्रिया शामिल है। दुबई और भारत में स्थित सिंडिकेट के अन्य प्रमुख सदस्यों की पहचान कर ली गई है और उन्हें शीघ्र ही गिरफ्तार किया जाएगा।

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