अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के अपमान तथा इस घटना के खिलाफ आवाज उठाने पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज किए जाने के विरोध में आज डॉ. उदित राज (पूर्व सांसद), राष्ट्रीय प्रवक्ता कांग्रेस, राष्ट्रीय चेयरमैन, असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (केकेसी) एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डोमा परिसंघ, के नेतृत्व में आरएसएस मुख्यालय के सामने सैकड़ों साथियों के साथ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने आरएसएस की ड्रेस और मनुस्मृति की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारे लगाए—

डॉ. उदित राज ने कहा कि एक ओर संविधान, सामाजिक समानता और सम्मान खत्म करने की साजिश हो रही है और दूसरी ओर इसके खिलाफ आवाज उठाने वालों पर ही एफआईआर दर्ज की जा रही है। यह स्थिति “एक तो चोरी, ऊपर से सीनाज़ोरी” वाली कहावत को चरितार्थ करती है।डॉ. उदित राज जी ने कहा कि हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद भाजपा से जुड़े लोगों द्वारा सभा स्थल का “शुद्धिकरण” कराया गया और बाद में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भी इस कार्रवाई का समर्थन किया। इस घटना के खिलाफ नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आवाज उठाई और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई तथा एफआईआर दर्ज करने की मांग की। लेकिन दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय राहुल गांधी के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी गई, जो लोकतांत्रिक विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास है।डॉ. उदित राज ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का जाति के आधार पर अपमान केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे दलित समाज का अपमान है। यह संविधान में निहित समानता, गरिमा और सामाजिक न्याय के मूल्यों पर भी हमला है। आरएसएस मुख्यालय के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे डॉ. उदित राज सहित कई नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लेकर पहाड़गंज थाने पहुंचाया। ऐसी कार्रवाई से संविधान, समानता, सामाजिक न्याय और सम्मान की रक्षा के लिए चल रही आवाज को दबाया नहीं जा सकता।“हम संविधान की रक्षा, सामाजिक समानता और प्रत्येक नागरिक के सम्मान के लिए अपनी आवाज पहले से भी अधिक बुलंद करेंगे।”
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