
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
गुरुग्राम:दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) ने हरियाणा संविदा कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) अधिनियम, 2024 तथा हरियाणा सरकार के निर्देशों के अनुपालन में हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के माध्यम से कार्यरत अनुबंध एवं अन्य आउटसोर्स कर्मचारियों के सेवा अभिलेखों के सत्यापन के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान के प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध संचालन के लिए निगम के 11 ऑपरेशन सर्किलों, 4 गैर-ऑपरेशन कार्यालयों तथा मुख्यालय स्तर पर स्क्रूटनी कमेटियों का गठन किया गया है। डीएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह, आईएएस ने कहा कि निगम में कार्यरत प्रत्येक अनुबंध एवं आउटसोर्स कर्मचारी के सेवा अभिलेखों का सत्यापन निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दस्तावेजों के सत्यापन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, त्रुटि अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जारी आदेश के अनुसार प्रत्येक ऑपरेशन सर्किल में संबंधित अधीक्षण अभियंता को स्क्रूटनी समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि संबंधित कार्यकारी अभियंता एवं डीडीओ, मंडलीय लेखाकार, अधीक्षक तथा सहायक को समिति का सदस्य नामित किया गया है। मुख्यालय स्तर पर भी पृथक स्क्रूटनी समिति गठित की गई है।स्क्रूटनी समितियां प्रत्येक कर्मचारी के सेवा अभिलेख, नियुक्ति एवं विस्तार आदेश, सेवा की निरंतरता, शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, आयु तथा अन्य पात्रता संबंधी दस्तावेजों का गहन सत्यापन करेंगी। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित कर्मचारी नियुक्ति के समय निर्धारित शैक्षणिक योग्यता एवं अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करता हो। यह प्रक्रिया हरियाणा कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लॉइज (सिक्योरिटी ऑफ सर्विस) एक्ट, 2024 के तहत ऑनलाइन पोर्टल पर कर्मचारियों के सत्यापन के लिए संचालित की जा रही है।
जारी निर्देशों के अनुसार सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में कार्यरत एचकेआरएन एवं आउटसोर्स कर्मचारियों के लंबित मामलों का शीघ्र सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक स्क्रूटनी समिति प्रतिदिन कम से कम 30 मामलों का सत्यापन कर आवश्यक अंडरटेकिंग प्रमाण-पत्र सहित विशेष दूत के माध्यम से मुख्यालय भेजेगी। अधूरे अथवा त्रुटिपूर्ण मामलों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।मुख्यालय में अभिलेखों की जांच के बाद मामलों को मुख्य अभियंता (प्रशासन) के माध्यम से प्रबंध निदेशक की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। ऑनलाइन पोर्टल पर अंतिम अनुमोदन केवल स्क्रूटनी समिति की संस्तुति एवं विधिवत हस्ताक्षरित अंडरटेकिंग प्राप्त होने के बाद ही किया जाएगा।प्रबंध निदेशक ने कहा कि समिति के अध्यक्ष अभिलेखों की शुद्धता, दस्तावेजों की प्रमाणिकता, पात्रता सत्यापन तथा समय पर फाइलें भेजने के लिए व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे। निर्धारित संख्या में मामले प्रस्तुत न करने, अपूर्ण अभिलेख भेजने अथवा बिना अंडरटेकिंग के प्रकरण अग्रेषित करने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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