
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:कांग्रेस ने धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे पर खुशी जताते हुए कहा कि वे देश की निम्न-स्तरीय शिक्षा प्रणाली, बेरोजगारी, लगातार हो रहे पेपर लीक, शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार, पुलिस की बर्बरता और सरकार की संवेदनहीनता के प्रतीक थे। पार्टी नेता पवन खेड़ा ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह लड़ाई सिर्फ प्रतीक से नहीं, बल्कि उस व्यवस्था से थी और रहेगी, जिसकी वजह से बीते कुछ महीनों में 21 छात्रों को आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ा।नई दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए पार्टी के मीडिया व प्रचार (संचार विभाग) के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने मांग की कि 20 जुलाई को छात्रों पर हुई बर्बरतापूर्ण कार्रवाई के लिए तुरंत जवाबदेही तय की जाए। साथ ही, छात्र आत्महत्याओं, पेपर लीक से उपजी निराशा और प्रदर्शन के दौरान युवाओं पर हुए अत्याचार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश से माफी मांगें।
राज्यसभा सांसद खेड़ा ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाना देश के छात्रों, युवाओं और बेरोजगारों के संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि देश की युवा पीढ़ी ने अपने साहस और हौसले से एक घमंडी सरकार के अहंकार को चूर-चूर कर दिया है।राहुल गांधी के बयान का हवाला देते हुए खेड़ा ने कहा कि नरेंद्र मोदी अतीत हैं और यह पूरी लड़ाई देश के भविष्य की है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के जाने की आहट सुनाई दे रही है, लेकिन वे करोड़ों लोगों का भविष्य तबाह करते हुए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष का अंत नहीं, बल्कि शुरुआत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए खेड़ा ने कहा कि देर रात सोशल मीडिया पर रील पोस्ट कर युवाओं को ‘फ्रेंड्स’ कह देने से सच्चाई नहीं बदलती। देश का युवा प्रधानमंत्री मोदी को अपना दोस्त नहीं मानता। उन्होंने कहा कि अगर मोदी सचमुच युवाओं के दोस्त होते तो उनपर लाठियां और पैलेट गन नहीं चलवाते, न ही इस संवेदनशील मुद्दे पर संसद में चर्चा से भागते और धर्मेंद्र प्रधान को भी तुरंत हटा दिया जाता। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को रील पर जमकर आलोचना और गालियां मिलीं, लेकिन भाजपा उन टिप्पणियों की संख्या लाखों में होने का भी जश्न मना रही है। कांग्रेस नेता ने 20 जुलाई को छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अपने हक की मांग कर रहे निर्दोष छात्रों पर पुलिस ने लाठियां बरसाईं, आंसू गैस के गोले छोड़े, वॉटर कैनन, शॉक बैटन और पैलेट गन तक का इस्तेमाल किया। उन्होंने इस बात पर भी गहरा रोष व्यक्त किया कि छात्रों की आवाज उठाने के लिए सड़कों पर उतरे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को सड़कों पर घसीटा गया।
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