
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
पंचकूला: हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV & ACB) के प्रमुख अर शिन्दर सिंह चावला ने बुधवार को पंचकूला स्थित ब्यूरो मुख्यालय में सभी रेंजों के पुलिस अधीक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों की प्रगति की समीक्षा करते हुए भविष्य की रणनीति तय की गई तथा भ्रष्टाचार के मामलों में प्रभावी कार्रवाई, आधुनिक तकनीक के उपयोग, शिकायतकर्ताओं के विश्वास को मजबूत करने, विभिन्न रेंजों के प्रदर्शन और जन सहभागिता बढ़ाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए चावला ने बताया कि ब्यूरो ने पूरे प्रदेश में ऐसे 140 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पहचान कर सूची तैयार की है, जिनके बारे में लगातार शिकायतें प्राप्त हुई हैं कि वे बिना रिश्वत लिए सरकारी कार्य नहीं करते। उन्होंने इस सूची बारे कहा कि यह सूची किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि जनता को राहत दिलाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सूची पूरी तरह निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से तैयार की गई है। यदि किसी रेंज के अधिकारियों के पास ऐसे अन्य भ्रष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जानकारी है, तो वे एक सप्ताह के भीतर सूची को अपडेट कर मुख्यालय भेजें, ताकि भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। चावला ने कहा कि ब्यूरो का उद्देश्य केवल रिश्वतखोरों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि पूरे सरकारी तंत्र में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही की संस्कृति को मजबूत करना भी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी को इस लक्ष्य के प्रति पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा। चावला ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में शिकायत कर्ता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। शिकायतकर्ता ब्यूरो की रीढ़ हैं और उनके विश्वास पर ही हमारी पूरी कार्यप्रणाली आधारित है। यदि कोई व्यक्ति साहस दिखाकर भ्रष्टाचार की शिकायत करता है, तो उसकी सुरक्षा, गोपनीयता और सम्मान सुनिश्चित करना ब्यूरो का दायित्व है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ताओं के साथ लगातार संवाद बनाए रखें, समय-समय पर उनसे मिलें तथा ट्रैप कार्रवाई से लेकर न्यायालय में दोषियों को सजा दिलाने तक प्रत्येक स्तर पर उनकी सहायता करें। उन्होंने कहा कि यदि शिकायतकर्ता को यह भरोसा होगा कि ब्यूरो उसके साथ खड़ा है, तो अधिक से अधिक नागरिक भ्रष्टाचार के विरुद्ध आगे आएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी ट्रैप की सफलता केवल आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने तक सीमित नहीं होती, बल्कि दोषियों को सजा दिलाना भी उतना ही आवश्यक है।बैठक में ब्यूरो की उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जनवरी 2022 से जून 2026 तक ब्यूरो ने कुल 92 ट्रैप/रेड की हैं। इन अभियानों में अनेक भ्रष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। श्री चावला ने कहा कि प्रत्येक सफल ट्रैप आम नागरिकों के मन में कानून के प्रति विश्वास बढ़ाता है तथा यह संदेश देता है कि भ्रष्टाचार करने वाला कोई भी व्यक्ति कानून से बच नहीं सकता।ब्यूरो प्रमुख ने कहा कि भ्रष्ट अधिकारी एवं कर्मचारी दीमक की तरह सरकारी व्यवस्था को अंदर से खोखला करते हैं। ऐसे लोगों के कारण आम नागरिकों का सरकार और प्रशासन पर विश्वास कमजोर होता है।उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्रवाई करते समय किसी भी आरोपी का पद, रैंक, प्रभाव अथवा सामाजिक पहचान नहीं देखी जाएगी। कानून की नजर में सभी समान हैं और भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। श्री चावला ने कहा कि सरकार की स्पष्ट सोच है कि भ्रष्टाचार करने वालों के मन में कानून का भय होना चाहिए। उन्होंने कहा, “यदि प्रतिदिन प्रदेश में एक भी भ्रष्ट अधिकारी या कर्मचारी रंगे हाथ पकड़ा जाता है तो उसका व्यापक प्रभाव पड़ता है। इससे अन्य लोग भी रिश्वत लेने से पहले कई बार सोचेंगे और सरकारी व्यवस्था में स्वतः सुधार आएगा।”उन्होंने अधिकारियों से कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई में गति, गोपनीयता और दक्षता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। अधिकारियों का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से चावला ने घोषणा की कि जो अधिकारी 2 लाख या उससे ज़्यादा राशि की रिश्वत लेते हुए आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार करेंगे, उन्हें ‘क्लास-1 सर्टिफिकेट’ देकर सम्मानित किया जाएगा।उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भविष्य में भी सम्मानित किया जाएगा ताकि पूरी टीम अधिक उत्साह और समर्पण के साथ कार्य करे।
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