
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़: सड़क सुरक्षा विषय पर आज पंचकूला स्थित ईआरएसएस बिल्डिंग के ऑडिटोरियम में आठवीं हरियाणा राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए बच्चों को सड़क सुरक्षा तथा यातायात नियमों की पालना करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उन्होंने विजेता प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। जो विद्यार्थी पुरस्कार प्राप्त नहीं कर पाए, उनका श्री सिंघल ने मनोबल बढ़ाया और उन्हें भविष्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। हरियाणा पुलिस महानिदेशक ने राज्य स्तरीय क्विज प्रतियोगिता 2025-26 को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निर्देश में राजकीय सड़क सुरक्षा परिषद् के माध्यम से इससे जुड़े विभिन्न विभागों के साथ मंथन किया जाता है वे स्वयं इस कौंसिल के अध्यक्ष है और इसकी मॉनिटरिंग करते है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका ड्राइवर की होती है और यह हर्ष का विषय है कि आप सभी बच्चे इस प्रकार की प्रतियोगिता के माध्यम से शुरू से ही ट्रैफिक नियमो की पालना का रुख कर रहे है। हरियाणा पुलिस ने इस प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को ट्रैफिक नियमो के महत्व को बताने का प्रयास है।

उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि हरियाणा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों में राज्यभर के 22,459 शैक्षणिक संस्थानों से लगभग 43 लाख विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो समाज में सड़क सुरक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि वाहनों की संख्या में निरंतर वृद्धि के बावजूद हरियाणा पुलिस के सक्रिय प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष 2026 (मार्च 2026 तक) में वर्ष 2025 की तुलना में 101 सड़क दुर्घटनाएं कम दर्ज की गई हैं, जो एक सराहनीय उपलब्धि है।डीजीपी ने कहा कि आईआईटी मद्रास के सहयोग से बेसलाइन सर्वे एप्लीकेशन के माध्यम से प्रदेश के सभी ट्रॉमा केयर सेंटरों का डेटा एकत्रित किया जा रहा है ताकि सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्ति को तुरंत निकटतम उपयुक्त ट्रॉमा सेंटर तक पहुंचाकर समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए 7 दिनों तक 1.5 लाख रुपये तक निःशुल्क उपचार की नीति लागू की गई है। इसके अतिरिक्त हिट एंड रन मामलों में मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये तथा घायल व्यक्ति को 50 हजार रुपये की सहायता राशि संबंधित जिला उपायुक्त के माध्यम से प्रदान की जाती है। डीजीपी ने कहा कि हरियाणा सरकार और हरियाणा पुलिस यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की सहायता करने वाले “गुड सेमेरिटन” नागरिकों को पूरा सम्मान, सुरक्षा और प्रोत्साहन मिले तथा भारत सरकार की नीति के तहत उन्हें उचित पुरस्कार भी प्रदान किया जाए।कार्यक्रम में सिंघल ने नशामुक्ति को लेकर अपने विचार रखते हुए कहा कि नशा हमारे समाज में युवाओ को भटका रहा है। गलत संगत के कारण युवा इसकी लत का शिकार हो जाते है। उन्होंने कहा कि यदि कोई दोस्त आपको नशा करने के लिए उकसाता है तो उससे किसी प्रकार का सम्बन्ध न रखे। उससे समय रहते दूरी बना ले। नशा हमारे समाज के लिए अभिशाप है ऐसे में जरुरी है कि हम सभी मिलकर इससे दूरी बनाने का संकल्प ले ।कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ट्रैफिक हरदीप दून ने आए हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख किया। इस मौके पर अपने विचार रखते हुए श्री दून ने कहा कि इस प्रतियोगिता की शुरुआत वर्ष 2012 में की गई थी जिसके बाद से हरियाणा पुलिस द्वारा इसे लगातार आयोजित किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं को ट्रैफिक नियमो के बारे में जागरूक किया जाता है ताकि वे ट्रैफिक नियमो का न केवल स्वयं गंभीरता से पालन करे बल्कि अन्य लोगों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें।कार्यक्रम में सिंघल ने इस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशंसा पत्र भेंट करते हुए उनका मनोबल बढ़ाया। इसके अलावा उन्होंने सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को भी सम्मानित किया। उन्होंने सभी सम्मानित अधिकरियों और कर्मचारियों को भविष्य में भी ऐसे ही अच्छा काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में आये हुए सभी अतिथियों का धन्यवाद पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक पुष्पा खत्री ने किया।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ट्रैफिक हरदीप सिंह दून, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक साइबर, शिबास कबिराज, पुलिस अधीक्षक साइबर मयंक गुप्ता, पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक पुष्पा , डिप्टी डायरेक्टर आरएफएसएल डॉ अजय,डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक पंचकूला अमरिंदर सिंह सहित कई अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
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