
अरविन्द उत्तम की रिपोर्ट
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में गगनचुंबी इमारतों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन क्या हम ऊँचाई पर लगने वाली आग से लड़ने के लिए तैयार हैं? इसी सवाल का जवाब देने के लिए आज नोएडा में दुनिया की आधुनिकतम CAF (Compressed Air Foam) तकनीक का प्रदर्शन किया गया। 300 मीटर की ऊँचाई तक आग बुझाने में सक्षम यह फायर फाइटिंग व्हीकल अब यूपी के फायर ब्रिगेड बेड़े का हिस्सा बन सकता है।ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए आज एक बड़ा कदम उठाया गया। मुंबई से चलकर गौतमबुद्धनगर पहुंची ‘कम्प्रेश्ड एयर फोम’ (CAF) आधारित हाई-राइज फायर फाइटिंग व्हीकल का आज सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर मौजूद उत्तर प्रदेश के डीजी फायर सुजीत पांडेय ने मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यूपी फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज पिछले कुछ वर्षों में तकनीकी रूप से बहुत अपग्रेड हुई है। शासन की प्राथमिकता है कि विभाग के पास विश्व स्तरीय उपकरण और वाहन हो।

फायरफ्लाई पंप्स के डायरेक्टर दर्शन मालिये ने बताया कि आधुनिकतम CAF (Compressed Air Foam) तकनीक पानी की बर्बादी को कम करती है और आग को किसी कंबल की तरह ढक लेती है,जिससे ऑक्सीजन कट-ऑफ हो जाता है और आग मिनटों में बुझ जाती है। खास बात यह है कि इसका वजन पारंपरिक होज़ पाइप से बहुत कम है, जिससे अग्निशमन कर्मी बिल्डिंग की ऊपरी मंजिलों तक तेजी से दौड़ सकते हैं। दर्शन मालिये ने बताया कि इस तकनीक का इस्तेमाल करने वाले वाहन को विशेष रूप से हाई-राइज सोसायटियों के लिए डिजाइन किया गया है। यह 300 मीटर यानी करीब 80 से 90 मंजिला इमारत तक प्रभावी ढंग से काम कर सकता है। अभी तक यह तकनीक गुजरात में इस्तेमाल हो रही है और 4 यूनिट्स साउथ अफ्रीका भी एक्सपोर्ट की गई हैं। नोएडा में हाल ही में हुई आग की घटनाओं को देखते हुए, यह तकनीक यहाँ के लोगों के लिए संजीवनी साबित हो सकती है। अगर प्रशासन इस तरह के वाहनों को अपने बेड़े में शामिल करता है, तो नोएडा की गगनचुंबी इमारतें आग के खतरे से काफी हद तक सुरक्षित हो जाएंगी।
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