
अरविन्द उत्तम की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने बीती रात अपने परिणाम घोषित किए, जिसमें नोएडा की होनहार बेटी करिश्मा चौहान ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। करिश्मा चौहान ने पूरे प्रदेश में 17वीं रैंक हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है। 5-6 साल की कड़ी तपस्या और असफलताओं से लड़ने के बाद आज करिश्मा के घर में खुशी का माहौल है।करिश्मा की इस सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और अनुशासन है। वे रोजाना लाइब्रेरी में 10 से 12 घंटे बिना किसी ब्रेक के पढ़ाई करती थीं। करिश्मा ने बताया कि प्रशासनिक सेवा में आने की प्रेरणा उन्हें अपने पिता से मिली, जो हमेशा से उन्हें एक अफसर के रूप में देखना चाहते थे।

करिश्मा के पिता कहते है कि असली मेहनत तो इसी ने की है, हमारा सिर्फ सपोर्ट रहा। लोग कहते थे कि लड़की को इतना क्यों पढ़ा रहे हो, शादी क्यों नहीं कर देते? लेकिन हमें पता था कि इसे पढ़ने का शौक है। आज हमारी तपस्या का फल मिल गया है.करिश्मा की मां बहुत खुश है, कहती है कि सारी मेहनत वसूल हो गई। हम हमेशा उसके साथ खड़े रहे, सुबह उठकर नाश्ता-खाना बनाना और उसे पूरा सपोर्ट देना ही हमारा काम था ताकि वह सिर्फ अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे सके।

चयन के बाद करिश्मा ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। वे मुख्य रूप से हेल्थ सेक्टर, महिला सशक्तिकरण (शिक्षा) और जन शिकायत निवारण पर काम करना चाहती हैं। करिश्मा ने अन्य युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, तैयारी करते रहिए, हार मत मानिए, एक दिन आपका सिलेक्शन जरूर होगा। मैंने भी कई फेलियर देखे हैं, लेकिन आज सफलता मिल ही गई।

करिश्मा की यह सफलता उन सभी लड़कियों के लिए एक मिसाल है जो समाज की रूढ़ियों को तोड़कर आसमान छूना चाहती हैं। अब करिश्मा एक प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर समाज में बदलाव लाने के लिए तैयार हैं।
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