
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़:हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास संत कबीर कुटीर में भारत में रूसी संघ के राजदूत श्री डेनिस अलीपोव से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और सुदृढ़ करने तथा नए सहयोग के अवसरों की तलाश को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक की शुरुआत भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत और भरोसेमंद संबंधों की समीक्षा की गई। इसके साथ-साथ, हरियाणा से रूस को निर्यात बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने आई. टी. ऑटोमोबाइल, एग्रो-प्रोसेसिंग, वस्त्र और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में राज्य की क्षमताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि हरियाणा रूसी बाजार की मांगों को पूरा करने में सक्षम है। दोनों पक्षों ने व्यापार को सुगम बनाने, लॉजिस्टिक चुनौतियों को दूर करने, बाजार पहुंच बढ़ाने और निर्यात-उन्मुख निवेश को प्रोत्साहित करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया।बैठक में हरियाणा और रूस के विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

उद्योग प्रतिनिधियों के आदान-प्रदान, प्रत्यक्ष व्यवसाय-से-व्यवसाय (बी2बी) संपर्क बढ़ाने और संयुक्त मंचों के आयोजन पर सहमति बनी, ताकि दोनों पक्षों की कंपनियां साझा हितों की पहचान कर दीर्घकालिक साझेदारी विकसित कर सकें। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर मंथन किया गया। डेनिस अलीपोव ने हरियाणा के लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र की सराहना करते हुए राज्य में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया। उन्होंने दोनों पक्षों के बीच सहयोग बढ़ाकर रोजगार के और अधिक अवसर सृजित करने की संभावनाओं पर बल दिया। व्यापार सुगमता के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने हरियाणा स्थित उद्यमों के लिए रूसी बाजार तक पहुंच को सुगम बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। राजदूत ने राज्य के कुशल मानव संसाधन की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि हरियाणा का प्रशिक्षित और सक्षम कार्यबल आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और भविष्य के सहयोगों को समर्थन देने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा में विकसित हो रहे नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम का उल्लेख करते हुए रूसी संस्थानों और कंपनियों को इसमें सहयोग के लिए आमंत्रित किया। लेबर माइग्रेशन और वर्कफोर्स मोबिलिटी पर भी बातचीत हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने आर्थिक तरक्की को आगे बढ़ाने में स्किल्ड ह्यूमन रिसोर्स की अहमियत को मानते हुए सहयोग पर सहमति बनी। इसके अतिरिक्त, दोनों पक्षों ने शैक्षणिक आदान-प्रदान, छात्र गतिशीलता कार्यक्रमों तथा हरियाणा और रूस के विश्वविद्यालयों एवं अनुसंधान संस्थानों के बीच साझेदारी सहित खेल और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रभावी बनाने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के प्रति हरियाणा की प्रतिबद्धता दोहराते हुए राज्य की प्रगतिशील नीतियों, मजबूत आधारभूत संरचना और निवेश-अनुकूल वातावरण को रेखांकित किया।

उन्होंने रूसी व्यवसायों और संस्थानों को हरियाणा में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने और राज्य के विकास में सहभागी बनने के लिए आमंत्रित किया। वहीं, डेनिस अलीपोव ने हरियाणा सरकार के सक्रिय दृष्टिकोण की सराहना करते हुए राज्य की आर्थिक संभावनाओं को स्वीकार किया। उल्लेखनीय है कि हरियाणा में विदेशी सहयोग विभाग स्थापित है, जो राज्य की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीति, द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय संबंधों तथा हरियाणवी प्रवासियों को सहायता प्रदान करने का कार्य करता है। यह विभाग ‘गो ग्लोबल एप्रोच’ के तहत राज्य सरकार के हरियाणा को वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने के विजन को आगे बढ़ा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, विदेशी सहयोग विभाग के प्रधान सचिव अमनीत पी. कुमार, मुख्यमंत्री के सलाहकार (विदेशी सहयोग विभाग) पवन कुमार चौधरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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