
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:कांग्रेस ने पश्चिम एशिया संकट का हवाला देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कायराना विदेश नीति और अमेरिका-इजरायल के सामने नतमस्तक होने के कारण भारत ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है, जिससे आर्थिक संकट का भी खतरा मंडरा रहा है। कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए पार्टी के मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के इजरायल से लौटने के 48 घंटे के भीतर इजराइल-अमेरिका ने भारत के पुराने दोस्त ईरान पर हमला कर दिया। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का हिमायती रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इस युद्ध को गैर-कानूनी कहने की हिम्मत नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह ख़ामेनई की मृत्यु पर भी शोक व्यक्त नहीं किया।

‘साहिब, बीबी और गुलाम’ के पोस्टर के साथ गुरुदत्त की फ़िल्म के किरदारों का उल्लेख करते हुए खेड़ा ने कहा कि मोदी ने साहिब (डोनाल्ड ट्रंप) और बीबी (बेंजामिन नेतन्याहू) के सामने गुलाम की तरह घुटने टेक दिए हैं। उन्होंने कुख्यात यौन अपराधी जेफ़री एपस्टीन से जुड़ी फाइल्स का जिक्र करते हुए पूछा कि अमेरिका के पास मोदी की ऐसी कौन सी खुफिया जानकारी है कि वे देशहित में सोचना भी बंद कर चुके हैं। उन्होंने लोकसभा में पश्चिम एशिया संकट पर प्रधानमंत्री के संबोधन पर तंज कसते हुए कहा कि 23 दिन बाद साहिब और बीबी ने गुलाम को बोलने की अनुमति दी है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जहां से 85 प्रतिशत गैस की आपूर्ति होती थी, वो रास्ता भारत के लिए बंद हो गया है, जबकि यह रूस और चीन के लिए खुला है। उन्होंने कहा कि भारत के 37 जहाज, 1109 नाविक, 60 हजार मीट्रिक टन चावल और 10,000 करोड़ रु का सामान समुद्र में फंसा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान इस मार्ग से व्यापार के लिए भारत समेत आठ देशों से बातचीत कर रहा है, जो चीन की करेंसी युआन में भुगतान करेंगे। खेड़ा ने कहा कि भारत पहले ईरान से भारतीय करेंसी रुपये में तेल खरीदता था, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित रहता था। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री ने थोड़ी हिम्मत दिखाई होती और सही रुख अपनाया होता, तो होर्मुज स्ट्रेट भारत के लिए भी खुला रहता।

खेड़ा ने गंभीर आंकड़े पेश करते हुए बताया कि आज हर भारतीय नागरिक, किसान और व्यापारी संकट में है। उन्होंने कहा कि देश के लगभग 50 प्रतिशत घरों में एलपीजी सिलेंडर की कमी है और बाजार में यह 5,000 रु तक में ब्लैक में बिक रहा है। छोटे-बड़े उद्योग और होटल-रेस्टोरेंट बंद हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्रियल डीजल की कीमत 22 रु और प्रीमियम पेट्रोल की कीमत दो रु बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों के बाद कीमतों में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि एयरलाइंस से प्राइस कैप हटने के बाद हवाई सफर भी महंगा होने वाला है। उन्होंने यह भी कहा कि 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर में 10 किलो गैस आपूर्ति करने की तैयारी हो रही है। उन्होंने बताया कि युद्ध के कारण कर्नाटक के लगभग 3,000 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग तबाह हो रहे हैं और 15,000 अन्य इकाइयों पर सीधा प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि पिछले 23 दिनों में शेयर मार्केट में निवेशकों के 48 लाख करोड़ रुपये डूब चुके हैं। खेड़ा ने कहा कि छोटा सा देश श्रीलंका अमेरिका को अपने बेस इस्तेमाल नहीं करने दे रहा, जबकि भारत जैसे बड़े देश के प्रधानमंत्री होने के बावजूद मोदी कुछ बोलने की हिम्मत ही नहीं जुटा पा रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे भारत ने दो परमाणु निरीक्षण के समय और पाकिस्तान के साथ बांग्लादेश युद्ध के दौरान तीन बार दृढ़ रुख अपनाया था और अमेरिका की आंखों में आंखें डालकर देखा था। उन्होंने कहा कि आज अगर ईरान भारत को कोई छूट दे रहा है, तो यह साफ तौर पर सरकार की वजह से नहीं, बल्कि ईरान के साथ खड़े भारतीय लोगों की वजह से है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने पहले भी जीएसटी और कोरोना पर चेताया था, तब उनका मजाक उड़ाया गया। अब उन्होंने ऊर्जा एवं आर्थिक संकट को लेकर फिर से आगाह किया है।
Related posts
0
0
votes
Article Rating
Subscribe
Login
0 Comments
Oldest
Newest
Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

