
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
फरीदाबाद: आजकल साइबर ठग तकनीकी का गलत उपयोग कर तथा लोगों को लालच देकर ठगी का शिकार बना रहे हैं। इसी तरह शेयर मार्केट में निवेश करने के नाम पर ठगी करने के मामले में साइबर थाना एनआईटी की टीम ने ठगों को खाता उपलब्ध करवाने वाले एक आरोपित नरेश कुमार निवासी सांवरीज , जिला फलोदी, राजस्थान को गिरफ्तार किया है। पुलिस प्रवक्ता अनुसार साइबर थाना एनआईटी में सेक्टर-21-C निवासी एक व्यक्ति ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि ठगो द्वारा पहले उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जो शेयर बाजार के प्रशिक्षण व निवेश की कला सीखने के लिए बनाया गया था। इसके बाद शिकायतकर्ता को लिंक से ऐप डाउनलोड करने और सत्यापन के लिए आधार कार्ड भेजने तथा पंजीकरण के लिए कहा गया।

ठगों द्वारा ऐप में 50,000/- रुपये टॉप अप करने के लिए कहा जिस पर शिकायतकर्ता ने टॉप अप किया। जिसके बाद स्टॉक अनुशंसा संदेश प्राप्त करने के लिए वीआईपी समूह में शामिल होने और प्रशिक्षण कक्षाओं के लिए एक लिंक भेजा। इसके उपरांत ठगों अधिक लाभ कमाने के लिए पूंजी इन्वेस्टमेंट करने के लिए कहा। ठगों के आश्वासन पर शिकायतकर्ता ने उनके द्वारा बताए गए निर्देशों का पालन जारी रखा और ट्रेडिंग ऐप पर अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए सिल-सिलेवार क्रम में पहले 1,50,000, फिर 50,000, फिर 2,50,000/-रुपए ऐसे कुल 16 ट्रांजेक्शन के माध्यम से 1,38,05,425/-रुपए ठगों के विश्वास में आकर निवेश किया। 23 अक्टूबर 2024 को शिकायतकर्ता के पास कॉल आया कि ग्रुप के ऑनर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, अगर पैसे वापस चाहिए तो 15,92,300/-रु टैक्स के रूप भुगतान करने होंगे।

शिकायतकर्ता ने मना किया तो 9,55,425/-रुपए भेजने को कहा, जिस पर शिकायतकर्ता ने दो ट्रांजेक्शन के माध्यम से इस पेमेंट का भी भुगतान किया। शिकायतकर्ता ने जब अपने निवेश किए हुए पैसे निकालना चाहे तो पेमेंट इन प्रोग्रेस दिखाता रहा परंतु खाता में पैसे नहीं आए। इस प्रकार शिकायतकर्ता के साथ साइबर फ्रॉड हुआ। जिस शिकायत पर साइबर थाना एनआईटी में मामला दर्ज किया गया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपित नरेश कुमार ने अपने गांव के ही एक साथी श्याम का खाता लेकर आगे ठगों को उपलब्ध करवाया था। श्याम के खाता में ठगी के 3 लाख रूपये आए थे। आरोपित अपने गांव में ही परचून की दुकान चलाता है। आरोपित को न्यायलय में पेश कर न्यायिक हिरासत जेल भेजा गया।
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