अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केरल में स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के शानदार प्रदर्शन पर कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को बधाई दी। केरल के कोच्चि में ग्राम पंचायतों, ब्लॉक पंचायतों, जिला परिषदों, नगरपालिकाओं और नगर निगम चुनावों में जीतकर आए हजारों नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों की महापंचायत में राहुल गांधी ने भरोसा जताया कि प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों में यूडीएफ भारी बहुमत से जीत हासिल करेगा।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि ग्राम पंचायत, ब्लॉक पंचायत, जिला परिषद, नगरपालिकाओं और नगर निगम- हर स्तर पर कांग्रेस और यूडीएफ को मजबूत जनसमर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि पंचायतें लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला हैं और संविधान की रक्षा के लिए पंचायतों और नगरपालिकाओं को सशक्त बनाना जरूरी है। उन्होंने याद दिलाया कि 73वां और 74वां संविधान संशोधन कांग्रेस की देन हैं। उन्होंने कहा कि संविधान का आधार ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ है और इसका मतलब यह है कि प्रत्येक भारतीय नागरिक की राय देश के संचालन में होनी चाहिए।

भाजपा-आरएसएस पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वे सत्ता के केंद्रीकरण में विश्वास रखते हैं, जबकि कांग्रेस सत्ता को जनता तक पहुंचाने की विचारधारा में विश्वास करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा-आरएसएस देश में मौन की संस्कृति फैलाना चाहते हैं, ताकि लोगों की आवाज दबाकर देश की संपदा कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों को सौंपी जा सके।केरल में बेरोजगारी की समस्या का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यूडीएफ को प्रदेश के लिए एक स्पष्ट और ठोस विजन पेश करना होगा, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि नेतृत्व तभी सफल होगा जब वह जनता के लिए सुलभ, विनम्र और उनसे जुड़ा हुआ हो।नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों में जोश भरते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यूडीएफ आगामी विधानसभा चुनावों में भारी बहुमत से जीत हासिल कर केरल के लोगों को एक ऐसी सरकार देगा जो उनकी बात सुनेगी, उनके प्रति जवाबदेह होगी और बेरोजगारी की गंभीर समस्या का समाधान करेगी।बाद में वहां उपस्थित लोगों से संवाद करते हुए उन्होंने मोदी सरकार द्वारा मनरेगा योजना को खत्म किए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मनरेगा से देश के करोड़ों सबसे गरीब लोगों के जीवन में बदलाव आया, लेकिन अब इसे व्यवस्थित रूप से कमजोर किया जा रहा है क्योंकि मोदी सरकार मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी नहीं देना चाहती। यह गरीबों के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि मनरेगा पर हमले का एक और कारण यह है कि केंद्र सरकार शासन के तीसरे स्तर (पंचायतों) को वित्तीय और निर्णय लेने की शक्तियां सौंपना नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश को दिल्ली से चलाना चाहती है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि प्रधानमंत्री ने एक बार लोकसभा में मनरेगा का मजाक उड़ाया था, जबकि कोविड काल के दौरान इस योजना ने लोगों को अहम सहारा दिया।
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