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चंडीगढ़ दिल्ली हरियाणा

विश्व पुस्तक मेले में डॉ. सतीश पूनियां की पुस्तक “अग्निपथ नहीं जनपथ।


अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
नई दिल्ली/चंडीगढ़:भारत मंडपम में आयोजित विश्व पुस्तक मेले में रविवार को भाजपा हरियाणा प्रदेश प्रभारी एवं भाजपा राजस्थान पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां की पुस्तक ‘अग्निपथ नहीं जनपथ’ के पांचवें संस्करण का विमोचन किया गया। जयपुर के वेरा प्रकाशन से प्रकाशित यह पुस्तक वर्ष 2018 से 2023 तक सतीश पूनियां के विधायक कार्यकाल के अनुभवों पर आधारित है, जिसमें विधानसभा की कार्यप्रणाली, जनहित के मुद्दे, धर्मांतरण को लेकर प्राइवेट मेंबर बिल, युवाओं एवं किसानों के मुद्दे, केंद्र की मोदी सरकार द्वारा कोरोना काल में किए गए शानदार कार्य एवं तत्कालीन कांग्रेस सरकार के अंतर्द्वंद्व एवं जनविरोधी नीतियों का विस्तार से उल्लेख किया गया है।

कार्यक्रम में दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि डॉ. पूनिया ने एक राजनेता के साथ-साथ लेखक के रूप में भी अपनी सशक्त पहचान बनाई है। यह पुस्तक मन से और आत्मा की गहराइयों से लिखी गई है। उन्होंने कहा कि विधानसभा संवाद का केंद्र होती है और डॉ. पूनियां द्वारा विधायक रहते हुए प्रस्तुत किया गया धर्मांतरण विरोधी प्राइवेट मेंबर बिल आज राजस्थान में कानून का रूप ले चुका है, जो किसी भी विधायक के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इसे युवा पीढ़ी और राजनीति में आने वाले युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया।

नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) के चेयरमैन प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे ने कहा कि डॉ. सतीश पूनियां का जीवन संघर्ष का प्रतीक रहा है और वही संघर्ष इस पुस्तक में भी परिलक्षित होता है। पहली पुस्तक का कुछ ही महीनों में पांचवें संस्करण तक पहुंचना उनके लिखे शब्दों की स्वीकृति और विजय है। उन्होंने पुस्तक को नई पीढ़ी के लिए संग्रहणीय बताया।वरिष्ठ पत्रकार पल्लवी घोष ने कहा कि पत्रकारों को अक्सर पढ़ने और शोध के लिए सीमित समय मिलता है, ऐसे में यह पुस्तक पत्रकारों के लिए भी अत्यंत उपयोगी और रोचक है। विधानसभा की कार्यवाही से इतर कई दिलचस्प पहलुओं को पुस्तक में स्थान दिया गया है। विशेष रूप से अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच चली राजनीतिक खींचतान को लेखक ने रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया है, जिससे उस दौर की परिस्थितियां जीवंत रूप में सामने आती हैं, सतीश पूनियां राजस्थान के सुलझे हुये विजनरी नेता हैं, उनकी यह पुस्तक लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने में सार्थक साबित होती है।डॉ. सतीश पूनियां ने कहा कि यह पुस्तक उनके विधायक कार्यकाल के अनुभवों का प्रामाणिक दस्तावेज है। इसके माध्यम से आम नागरिक और जन प्रतिनिधि यह समझ सकते हैं कि विधानसभा में जनहित के मुद्दों को किस प्रकार उठाया जाता है और जनता की बात को प्रभावी ढंग से कैसे रखा जाता है। उन्होंने विश्व पुस्तक मेले जैसे प्रतिष्ठित मंच पर पुस्तक के विमोचन को अपने लिए सौभाग्य बताया। कार्यक्रम में युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अभिनव प्रकाश, भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री विक्रांत खंडेलवाल, वर्ल्ड मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. नरेंद्र चौधरी, दिल्ली यूनिवर्सिटी पूर्व अध्यक्ष अक्षत दहिया, भाजपा महिला मोर्चा राष्ट्रीय पदाधिकारी लतिका शर्मा, नीतू डाबास, प्रो. आरबी सोलंकी, प्रो. भरत सिंह, प्रो. राजेंद्र बेनीवाल, प्रो. बीएल चौधरी, हरियाणा भाजपा मीडिया संयोजक अरविंद सैनी सहित दिल्ली के पत्रकारों, लेखकों, शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं और युवा राजनेताओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

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