
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
पुलिस आयुक्त विकास कुमार अरोड़ा की अधयक्षता में आज शनिवार पुलिस आयुक्त कार्यालय, गुरुग्राम के सभागार में एक महत्वपूर्ण अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई जिसमें गुरुग्राम पुलिस के सभी डीसीपी, एसीपी,एसएचओ एवं कार्यालय के इंचार्जों ने भाग लिया। इस मीटिंग के दौरान पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा ने जिले में घटित अपराधों की विस्तृत समीक्षा करते हुए विशेष रूप से संगीन अपराध, संपत्ति संबंधी अपराध, साइबर अपराध, महिला अपराध, नशा तस्करी, सड़क अपराध एवं लंबित मामलों की स्थिति पर गहन चर्चा की।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी रणनीति, त्वरित कार्रवाई एवं सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना गुरुग्राम पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि अपराधियों की पहचान कर के उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा वांछित व उद्घोषित अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए साथ ही, लंबित मामलों के त्वरित निपटारे और विवेचना की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष बल दिया गया।महिला सुरक्षा के विषय में उन्होंने निर्देश दिए कि महिला अपराधों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाए तथा पीड़ितों को संवेदनशील एवं त्वरित न्यायिक सहायता प्रदान की जाए। साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए तकनीकी दक्षता बढ़ाने, जन-जागरूकता अभियान चलाने और त्वरित शिकायत निस्तारण पर जोर दिया गया।

बैठक में नशा तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों की समीक्षा की गई तथा इस सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई और अंतर-जिला समन्वय को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। यातायात व्यवस्था एवं सड़क सुरक्षा को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
अरोड़ा ने पुलिस कार्यशैली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जन-हितैषी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों और उन्नत पुलिस प्रणालियों का प्रयोग करने के सम्बन्ध में निर्देश देते हुए कहा कि आधुनिक उपकरणों से अपराधों की निगरानी व नियंत्रण में सहायता मिलती है। डिजिटल रिकॉर्ड कार्य में तेजी और पारदर्शिता आती है।इसके अतिरिक्त, फॉरेंसिक तकनीक, डाटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग से अपराध की पहचान, विश्लेषण और रोकथाम अधिक सटीक होती है। जीपीएस और आधुनिक संचार प्रणालियाँ पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को बढ़ाती हैं। इस प्रकार नई तकनीकों व प्रणालियों का प्रयोग पुलिस व्यवस्था को अधिक सक्षम, जवाबदेह और जन-विश्वास योग्य बनाता है।सरकार की राहवीर योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उसकी जान बचाने वाले व्यक्ति को 25,000 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक SHO को कम से कम 01 राहवीर चिन्हित/तैयार करना अनिवार्य होगा। हर वर्ष सभी जिलों द्वारा 03 राहवीरों के नाम सरकार को भेजे जाएंगे, जिनमें से 10 चयनित राहवीरों को 01 लाख रुपये देकर सम्मानित किया जाएगा। राहवीरों को किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई में शामिल नहीं किया जाएगा।पुलिस आयुक्त ने सभी अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करने, जनसंपर्क को सुदृढ़ करने एवं आम नागरिकों के साथ पुलिस के विश्वास को और मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम पुलिस जनता की सेवा, सुरक्षा एवं विश्वास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बैठक के अंत में सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप समयबद्ध एवं परिणामोन्मुखी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि गुरुग्राम को अपराध मुक्त एवं सुरक्षित शहर बनाया जा सके।
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