Athrav – Online News Portal
अपराध चंडीगढ़ दिल्ली राष्ट्रीय हरियाणा हाइलाइट्स

नए अपराधिक कानूनों के आधार पर अब जो एफआईआर दर्ज होगी उसका निपटान कर मिलेगा 3 साल में न्याय : अमित शाह

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
चंडीगढ़:केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश की जनता में एक धारणा बनी थी कि कई सालों तक न्याय नहीं मिलने वाला है। इन नए आपराधिक कानूनों के आधार पर जो भी एफआईआर वर्ष 2026 में दर्ज होगी, उसका पूरा निपटान 3 साल के अंदर कर दिया जाएगा और न्याय सुनिश्चित होगा। पहले जो कानून थे उन्हें अंग्रेजों ने बनाया था। उनका उद्देश्य अपने शासन को बरकरार रखना था। कानून बनाने का उद्देश्य भारत की जनता का कल्याण करना नहीं था। 1947 में अंग्रेजों से आजादी तो मिली, लेकिन देश के लोगों को अंग्रेजी कानूनों से मुक्ति नहीं मिली। अब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 1 जुलाई 2024 से भारतीय न्याय संहिता को लागू करके नए युग का उदय किया है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कुरुक्षेत्र के केडीबी मेला ग्राउंड में तीन नए कानूनों पर लगाई प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहे। अतिथियों ने प्रदर्शनी का भ्रमण किया और नए कानूनों से आए सकारात्मक परिणामों को जाना। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री ने 825 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास भी किया। इसके अलावा, उन्होंने गृह विभाग द्वारा नए आपराधिक कानूनों पर तैयार पुस्तिका का भी विमोचन किया।

उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को इन कानूनों में दंड की जगह न्याय, गरीब से गरीब नागरिक को सम्मान, संपत्ति और शरीर की सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने कहा कि कई लोगों के मन में सवाल था कि परिणाम क्या आएंगे। प्रदर्शनी देखोगे तो मालूम पड़ेगा कि 112 दिन में हत्या के अपराधी को सजा सुना कर जेल की सलाखों में भेजा गया है। जो अपराधी बॉड नहीं भर सकते थे, सालों जेल में रहते थे। अब नए कानून में एक तिहाई सजा होने पर जेल खुद उनकी सजा माफ करवाने की अर्जी लगाएगी।उन्होंने कहा कि पुराने कानूनों में केवल 40 प्रतिशत को ही न्याय मिल पाता था। नए कानूनों को लागू होने के बाद 80 फीसदी मामले न्याय तक पहुंच रहे हैं। अब पुलिस तथ्य जुटाने पर काम कर रही है, जिस कारण से न्याय की दर पहले से दोगुना हुई है। सरकार इसमें कई प्रावधान लेकर आई हैं, इनमें सिटीजन, डिग्निटी व कानून को शामिल किया है। अब पुलिस डंडे की जगह डाटा जुटाने पर काम कर रही है, थर्ड डिग्री की जग साइंटिफिक तथ्यों को इकट्ठा करने पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानूनों के माध्यम से पुलिस, जेल, न्यायपालिका, अभियोजन और फोरेंसिक सभी पांचों को ऑनलाइन जोड़ दिया गया है। महिलाओं और बच्चों के लिए अलग से कानून बनाया गया है। सभी बिंदुओं की वीडियोग्राफी सुनिश्चित कर दी गई है। सात साल से ज्यादा के अपराधों में फोरेंसिक जांच को सुनिश्चित कर दिया है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद, मॉब लिंचिंग, डिजिटल अपराध और समय सीमा का निर्धारण भी जोड़ा गया है। अब एक जगह पर पुलिस, न्याय और प्रॉसिक्यूशन को इकट्ठा किया गया है।केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि ट्राइल इन एबसेंसिया का प्रावधान किया है। जो अपराधी अपराध के बाद देश छोडक़र भागे जाते हैं, अब नए कानून में इनके खिलाफ अनुपस्थिति में भी ट्रायल चलेगा और उसे सजा तक लेकर जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब तारिख पे तारिख के जुमले खत्म होंगे और तीन साल में न्याय मिलना तय होगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा में 71 प्रतिशत चार्जशीट का चालान 60 दिनों में पेश किया जा चुका है, जिसके लिए 90 दिन का समय निर्धारित था। इसके लिए पुलिस, कोर्ट से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों, एडवोकेट्स, लोक अभियोजनाओं के लोगों को ट्रेनिंग दी गई।केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि हाल ही में 365 सामानों में जीएसटी की दरों को कम किया है, जो देशवासियों के लिए बहुत बड़ा तोहफा है। देश के हर घर, हर उपभोक्ता ने यह तय करना है कि रोजाना प्रयोग की चीजों के लिए स्वदेशी उत्पादों को ही खरीदें। उन्होंने कहा कि स्वदेशी का मंत्र महात्मा गांधी ने आजादी के आंदोलन में दिया था, तब अंग्रेजों को इसका सामना करना पड़ा था। देश के लोगों ने इसको अपनाया और हमें आजादी मिली। उन्होंने कहा कि इन प्रयोगों से हमारे देश की अर्थ व्यवस्था बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था को 11वें स्थान से चौथे स्थान पर पहुंचाने का काम किया है और वर्ष 2047 तक भारत की अर्थव्यवस्था को विश्व में पहले नंबर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है।केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि कुरुक्षेत्र की इस भूमि ने सिद्ध किया कि विजय हमेशा धर्म की होती है, सत्य की होती है, अधर्म और असत्य की नहीं। उन्होंने कहा कि हरियाणा की मातृशक्ति  देश की सुरक्षा के लिए सेना और सीएपीएफ में सबसे ज्यादा अपने लाल भेज रही है। यहां सरस्वती के तट पर वेद उपनिषदों की रचना हुई। यह वहीं हरियाणा की भूमि है। मैं इस भूमि को प्रणाम करता हूं।

Related posts

झुग्गी बस्तियों में रहने वाले परिवारों के पुनर्वास के लिए 9315 फ्लैट्स तैयार, सीएम ने आवंटन प्रक्रिया शुरू करने के दिए निर्देश

Ajit Sinha

कांग्रेस पार्टी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष, मल्लिकार्जुन खरगे को सोनिया व प्रियंका गांधी ने दी बधाई, खरगे को सुने इस वीडियो में

Ajit Sinha

ऑनलाइन ऐप के जरिए आईपीएल मैच पर लोगों से सट्टा लगा रहे 7 सट्टेबाज गिरफ्तार

Ajit Sinha
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
error: Content is protected !!
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x