अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
डकैती के दौरान विरोध करने पर चाकू मार कर सनसनीखेज हत्या करने के एक मामले में वांछित आरोपित को दिल्ली पुलिस की डब्लूआर-II/अपराध शाखा की टीम ने आज गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपित का नाम गिरफ्तार किए गए आरोपित का नाम करण उर्फ कल्लू पुत्र विनोद निवासी वर्तमान पता पट्टू का मकान,गुंबद वाली गली, घाटी रोड,आनंद पर्वत, दिल्ली और स्थाई पता खान डेयरी के सामने, गली नंबर 18, राजीव नगर एक्सटेंशन, बेगमपुर ,दिल्ली,उम्र-28 वर्ष है। यह आरोपित कुख्यात विक्की टैकर उर्फ दाऊद गैंग का सदस्य है। आरोपित के खिलाफ दिल्ली के बेगमपुर में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है। और इस मुकदमे में कोर्ट से जमानत पर आया था,और वापिस नहीं गया। और फरार हो गया था।

डीसीपी क्राइम हर्ष इंदौरा ने आज जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली पुलिस की डब्लूआर-II/अपराध शाखा की टीम ने थाना बेगमपुर, दिल्ली में हत्या और हथियारबंद डकैती के मामले में वांछित एक फरार अपराधी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधी का नाम करण उर्फ कल्लू पुत्र विनोद निवासी वर्तमान पता पट्टू का मकान, गुंबद वाली गली, घाटी रोड, आनंद पर्वत, दिल्ली और स्थाई पता खान डेयरी के सामने, गली नंबर 18, राजीव नगर एक्सटेंशन, बेगमपुर, दिल्ली, उम्र-28 वर्ष है। आरोपित को न्यायालय विक्रम एएसजे-02, विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस), उत्तर पश्चिम, रोहिणी न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा दिनांक 28.02.2025 के आदेश द्वारा धारा 394/397/302/34 आईपीसी थाना बेगमपुर, दिल्ली के तहत एफआईआर संख्या 406/2019 दिनांक 10.12.2019 में भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया था।आरोपित को स्पेशल स्टाफ, आउटर नॉर्थ द्वारा मामला दर्ज होने के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में, 2024 में, उसे न्यायालय द्वारा 10 दिनों के लिए अंतरिम जमानत दी गई थी। जमानत पर बाहर आने के बाद, वह जमानत तोड़कर फरार हो गया। इसके बाद, उसे न्यायालय द्वारा पीओ घोषित किया गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह बार-बार अपना ठिकाना बदल रहा था
घटना के संक्षिप्त तथ्य:
शिकायतकर्ता ने बताया कि वह अपने भाई के परिवार के साथ रहता है। दिनांक 09.12.19 को रात्रि 10 बजे जब वह अपने भाई के साथ बैठा था, जिसके दाहिने पैर पर प्लास्टर चढ़ा हुआ है, क्योंकि 15 दिन पहले उसका एक्सीडेंट हुआ था, तभी अचानक 3 -4 लड़के उनके घर में घुस आए। इन लड़कों ने परिवार के सदस्यों को धमकी दी कि अगर उन्होंने आवाज उठाई तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे तथा अलमारी की चाबी मांगने लगे। उन्होंने शिकायतकर्ता के घर से नकदी लूट ली तथा फरार हो गए। लूट के दौरान नरेश निवासी राजीव नगर एक्सटेंशन बेगमपुर की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई।
सूचना, टीम एवं कार्रवाई:
दिनांक 25/06/2025 को उप निरीक्षक रविन्द्र एवं सिपाही मनोज को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि थाना बेगमपुर में हत्या एवं हथियारबंद डकैती के मामले में वांछित एक भगोड़ा अपराधी करण उर्फ कल्लू किसी से मिलने शास्त्री पार्क मेट्रो स्टेशन पर आने वाला है। अपराधी को पकड़ने के लिए उपायुक्त पुलिस/अपराध शाखा, हर्ष इंदौरा, भा.पु.से. द्वारा निरीक्षक पवन सिंह की कड़ी निगरानी और राजपाल डबास, सहायक आयुक्त पुलिस/डब्ल्यूआर-II के समग्र मार्गदर्शन में उप निरीक्षक अनुज छिकारा, उप निरीक्षक रविंद्र, प्रधान सिपाही प्रमोद, प्रधान सिपाही पवन, प्रधान सिपाही रविंदर सिंह और सिपाही मनोज की एक टीम गठित की गई थी। टीम के सदस्य उप निरीक्षक अनुज छिकारा और प्रधान सिपाही रविंद्र ने तकनीकी निगरानी लगाई और आरोपित के स्थान का पता लगाया। तदनुसार, 25 जून 25 को शास्त्री पार्क मेट्रो स्टेशन के पास टीम द्वारा जाल बिछाया गया और आरोपित को पकड़ लिया गया।
मामला सुलझा:
वह निम्नलिखित मामले में वांछित था: –
मामला एफआईआर संख्या 406/2019 दिनांक 10.12.2019 धारा 395/396/412/302/34 आईपीसी और 25 आर्म्स एक्ट के तहत थाना बेगमपुर, दिल्ली।
पिछली संलिप्तता:
1. एफआईआर संख्या 845/19 धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत थाना समयपुर बादली, दिल्ली
आरोपित से पूछताछ और उसका प्रोफाइल:
आरोपित करण उर्फ कल्लू का जन्म वर्ष 1997 में पश्चिम पुरी, दिल्ली में हुआ था। उसने डीसीएम स्कूल, करोल बाग, दिल्ली से 7वीं तक की पढ़ाई की है। बाद में वह बुरी संगत में पड़ गया और जेसीएल बन गया। उसके पिता लोकल मार्केट में कपड़े बेचते थे। वे दिल्ली के बेगमपुर में शिफ्ट हो गए। उसने अपने पिता के साथ बैटरी रिक्शा का काम करना शुरू कर दिया। इसी दौरान उसकी मुलाकात अजय उर्फ लल्लू (विक्की टक्कर गिरोह का सदस्य) से हुई। धीरे-धीरे वह विक्की टक्कर गिरोह में शामिल हो गया। पूछताछ में पता चला कि करण अपने साथियों और विक्की टक्कर गिरोह के सदस्य संजय, सोनू उर्फ गोसाई, विजय नेगी उर्फ बीसी, इशांत, सलीम, अरमान, इंद्रजीत उर्फ बाबू के साथ मिलकर कहीं डकैती डालने की योजना बना रहा था। सूचना मिलने पर वे शिकायतकर्ता के घर में घुसे और नकदी और मोबाइल फोन लूट लिए। जब शिकायतकर्ता ने विरोध करने की कोशिश की, तो करण और उसके साथियों ने उसे चाकू मार दिया। उनके पास देसी पिस्तौल भी थी। डकैती करने के बाद वे दो मोटरसाइकिलों पर भाग गए। इस मामले में कुल 8 आरोपित थे। संजय, करण, विजय नेगी और इशांत नाम के चार लोग घर में घुसे। बाकी साथी बाहर इंतजार करते रहे। घर में घुसने वाले चार लोगों में से वास्तव में करण ने उसे चाकू मार दिया और बाकी ने घर में तोड़फोड़ की और डकैती की।
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