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दिल्ली राजनीतिक राष्ट्रीय हाइलाइट्स

दिल्ली ब्रेकिंग: भाजपा के 44 विधायकों और सांसदों पर दुष्कर्म व यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप-अलका लांबा


अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
नई दिल्ली:कांग्रेस ने कहा है कि भाजपा के 44 विधायकों और सांसदों पर दुष्कर्म व यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप हैं, लेकिन इसके बावजूद पार्टी उन आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण दे रही है। नई दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा कि गोवा से लेकर उत्तराखंड, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में सामने आए मामलों से एक पैटर्न दिखता है, जिसमें सत्ता के दबाव में भाजपा नेताओं पर कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि नाबालिगों से जुड़े मामलों में भी देरी और लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है।

गोवा में भाजपा पार्षद सुशांत नायक के बेटे सोहम सुशांत नायक द्वारा लगभग 20 से 30 नाबालिग बच्चियों से दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न का मामला उठाते हुए अलका लांबा ने कहा कि तीन साल तक यह खेल चलता रहा, लेकिन पार्षद पिता और डबल इंजन की सरकार खामोश रही। जब बच्चियों के परिवारों ने हिम्मत दिखाई, तब जाकर पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज हुआ। भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा अपनी ही पार्टी के नेतृत्व पर लगाए गए गंभीर आरोपों और किए गए खुलासों का हवाला देते हुए अलका लांबा ने कहा कि सार्वजनिक रूप से महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक व गंभीर बातें सामने आई हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा की स्वामी के आरोप अत्यंत गंभीर हैं। इसके बावजूद न तो उनकी जांच हो रही है और न ही कोई जवाबदेही तय की जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ऐसे मामलों पर सरकार चुप क्यों है।

लांबा ने कहा कि कुख्यात यौन अपराधी जेफ़री एपस्टीन से जुड़ी फाइल्स में मोदी सरकार के मंत्री हरदीप पुरी का नाम आया है; उन्होंने खुद माना कि वो एपस्टीन से मिले थे, लेकिन संसद में इस बात पर कोई चर्चा नहीं हो रही है। लांबा ने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एक स्वयंभू धर्मगुरु अशोक खरात पर 58 महिलाओं के साथ यौन शोषण और आपत्तिजनक वीडियो बनाने के आरोप हैं। उन्होंने एक वीडियो दिखाते हुए कहा कि महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर खरात के पैर धोती दिख रही हैं। वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इसकी जानकारी नहीं थी?अलका लांबा ने भाजपा नेताओं की संलिप्तता वाले कई मामलों को सामने रखा। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम का नाम सामने आ रहा है, लेकिन सीबीआई जांच को दबाया जा रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के उन्नाव कांड के दोषी कुलदीप सेंगर का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा हमेशा अपने दागी नेताओं के साथ खड़ी नजर आती है। उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों ने गंभीर आरोप लगाए थे, लेकिन मोदी सरकार आरोपी के बचाव में खड़ी रही।

लांबा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश से भाजपा विधायक हंसराज पर एक नाबालिग युवती ने यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए, लेकिन न तो उसे पार्टी से निकाला जा रहा है और न ही उसकी विधायकी खत्म की जा रही है। हरियाणा में कुछ समय पहले भाजपा सरकार में तत्कालीन खेल मंत्री संदीप सिंह पर महिला कोच द्वारा उत्पीड़न के आरोप लगाए गए। उन्होंने कहा कि सजायाफ्ता बालात्कारी गुरमीत राम रहीम को बार-बार पैरोल मिल रही है, क्योंकि उन्हें चुनाव में भाजपा के लिए वोट इकट्ठा करना है। लांबा ने आगे बताया कि दुष्कर्म के मामले में ही दोषी आसाराम को हाल ही में बनारस के बाबा विश्वनाथ मंदिर में वीआईपी गेट से एंट्री करवाकर दर्शन कराए गए। भाजपा की मानसिकता पर वार करते हुए उन्होंने कहा कि वो चुनाव में वोट बटोरने के लिए इन दुराचारी बाबाओं का सहारा लेती है। उन्होंने गुजरात में भाजपा सरकार द्वारा बिलकिस बानो मामले के दोषियों की रिहाई और फिर सुप्रीम कोर्ट द्वारा उन्हें वापस जेल भेजने के फैसले का जिक्र भी किया। लांबा ने याद दिलाया कि दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा पाने वाले कर्नाटक से जेडीएस के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना की करतूतों की जानकारी होने के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी ने उसके लिए वोट मांगे थे।कांग्रेस नेता ने दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा द्वारा आम आदमी पार्टी में रहते हुए विधानसभा में चलाई गई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीडी को लेकर भी भाजपा को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि कपिल मिश्रा ने बताया था कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए मोदी एक लड़की को सरकारी गाड़ी में अपने आधिकारिक निवास ले जाते थे, उसे साथ वाले कमरे में रखते थे। उन्होंने बताया कि इससे संबंधित सारी जानकारी उस सीडी में है, जो सुप्रीम कोर्ट को 2015 में सौंपी गई थी, लेकिन इसकी जांच रुकी हुई है। अलका लांबा ने प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि वहां पिछले एक साल में महिलाओं के विरुद्ध 1686 मामले दर्ज हुए हैं। हर 15 दिन में एक दुष्कर्म की घटना हो रही है, जो भाजपा की डबल इंजन सरकार की विफलता का प्रमाण है।

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