अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
मनी लॉन्ड्रिंग के केस की धमकी देते हुए डिजिटल अरेस्ट करके लाखों रुपए की ठगी करने के एक मामले में थाना साइबर अपराध पश्चिम ,गुरुग्राम की टीम ने आज एक प्रॉपर्टी डीलर और एक आरएमपी डॉक्टर सहित तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित प्रॉपर्टी डीलर और आरएमपी डॉक्टर ठगी के रकम के ट्रांसफर के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराने के काम किया करते थे। अब तक इस केस में कुल 7 आरोपित पकड़े जा चुके है। पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 14.05.2024 को एक व्यक्ति ने थाना साइबर अपराध पश्चिम, गुरुग्राम में एक लिखित शिकायत के माध्यम से बताया कि उसके पास एक फोन कॉल आया और फोन करने वाले ने स्वयं को संचार विभाग का अधिकारी/कर्मचारी बताया और उसने उससे कहा कि उसके मोबाइल नंबर का प्रयोग अवैध कामों में हुआ है, जिसके लिए उसके खिलाफ थाना कोलाबा मुम्बई में मुकदमा दर्ज किया गया है।
इसके बाद उसने किसी पुलिस अधिकारी को कॉल ट्रांसफर कर दी। पुलिस अधिकारी द्वारा बताया गया कि उसका आधार कार्ड मनी लॉन्ड्रिंग में प्रयोग हुआ है और उसके खिलाफ वारंट भी जारी किया हुआ है। दिनांक 16.04.2025 को फिर उन्होंने व्हाट्सएप पर कॉल कनेक्ट की और कहा इसको वीडियो कॉल के माध्यम से अदालत में पेश किया जा रहा और वीडियो कॉल पर एक जज (फर्जी जज) से मीटिंग करवाई और उसके खिलाफ वारंट दिखाकर उसको डराते हुए उससे रुपए ट्रांसफर करवा लिए। इस शिकायत पर थाना साइबर अपराध पश्चिम, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा अंकित किया गया।उनका कहना है कि सहायक पुलिस आयुक्त अपराध प्रियांशु दीवान HPS के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए थाना साइबर अपराध पश्चिम , गुरुग्राम के प्रभारी संदीप कुमार की पुलिस टीम ने उपरोक्त अभियोग में 3 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपितों के नाम 1. रामचरण (उम्र- 33 वर्ष, प्रोफेशन RMP डॉक्टर) निवासी नांगलोई (दिल्ली, जो दिल्ली में ही एक छोटा क्लीनिक चलाता है ), 2. अभिषेक (उम्र-23 वर्ष, प्रोफेशन-प्रॉपर्टी डीलर) निवासी लखनऊ (उत्तर-प्रदेश) व 3. शिप्रा जायसवाल (उम्र-35 वर्ष) निवासी नजदीक गोरखनाथ मंदिर, जिला गोरखपुर (उत्तर- प्रदेश) है। पुलिस टीम द्वारा आरोपी रामचरण को दिनांक 27.06.2025 को गिरफ्तार करके अदालत में पेश करके 2 दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया था। आरोपित अभिषेक व शिप्रा जायसवाल को दिनांक 30.06.2025 को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया। उनका कहना है कि आरोपितों से पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि ठगी गई राशि में से 2 लाख रुपए आरोपित राजीव झा के खाते में ट्रांसफर हुए थे। राजीव झा ने यह बैंक खाता आरोपित गणेश को 50 हजार रुपए में बेचा था। आरोपित गणेश ने यह बैंक खाता आरोपित मनीष को बेचा था जिससे उसे 32 हजार रुपए कमीशन मिला था। आरोपित मनीष ने यह बैंक खाता उपरोक्त आरोपित रामचरण को बेचा जिससे उसे 58 हजार रुपए कमीशन के रूप में मिले थे। आरोपित रामचरण ने यह बैंक खाता आरोपित अभिषेक उपरोक्त को बेचा था जिससे उसे 20 हजार रुपए कमीशन के मिले थे। आरोपित अभिषेक ने यह बैंक खाता आरोपित महिला शिप्रा जायसवाल को बेचा था जिससे उसे 15 हजार रुपए कमीशन का मिला था। आरोपित महिला शिप्रा जायसवाल ने यह बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को बेचा था जिससे उसे कमीशन के रूप में 30 हजार रुपए मिले थे। पुलिस टीम द्वारा अब तक कुल 7 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है । मुकदमा का अनुसंधान जारी है।
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