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पंचकूला राजनीतिक हरियाणा

हरियाणा के युवा लावारिस नहीं हैं, हम युवाओं के साथ हर लड़ाई लड़ेंगे-दीपेन्द्र हुड्डा

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
पंचकूला: सांसद दीपेन्द्र हुड्डा आज हरियाणा यूथ कांग्रेस द्वारा आयोजित HPSC दफ्तर घेराव में पहुंचे और हरियाणा की नौकरियों में हरियाणवी युवाओं की उपेक्षा, HPSC भर्तियों में धांधली प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ युवाओं की आवाज बुलंद की। सेक्टर 5 में सभा के बाद HPSC दफ्तर जाते समय रास्ते में पुलिस ने बेरकेडिंग लगाकर रोका और भीड़ को तितर बितर करने के लिए वॉटर कैनन का प्रयोग किया। इसके बाद सांसद दीपेन्द्र हुड्डा, सांसद वरुण चौधरी, यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष समेत सभी नेताओं को हिरासत में ले लिया। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा के युवा लावारिस नहीं हैं, हम युवाओं के साथ हैं और प्रदेश के युवाओं के हक के लिए हर लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने मांग करी कि HPSC चेयरमैन को तुरंत बर्खास्त कर किसी हरियाणवी को चेयरमैन नियुक्त किया जाए। HPSC को भंग करके तमाम भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और 35% न्यूनतम अंक क्राईटेरिया हटाकर HPSC के सारे खाली पदों का दोबारा से विज्ञापन किया जाए।

दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणवी युवाओं के लिए HPSC सेलेक्शन की बजाय रिजेक्शन कमीशन बन चुका है। पिछले 12 साल से बीजेपी सरकार भर्तियों के नाम पर हरियाणा के युवाओं को ठग रही है। HPSC भर्ती घोटाले, पेपर लीक, रिश्वतखोरी और हरियाणा के बाहर के लोगों को हरियाणा की नौकरी देने का अड्डा बन गये हैं। बीजेपी सरकार हर भर्ती में हरियाणवी युवाओं की उपेक्षा कर रही है और गैर-हरियाणवियों को नौकरी में प्राथमिकता दे रही है। हरियाणा में या तो ज्यादातर पद खाली रह जाते हैं या तो बाहर के युवा लग जाते हैं। देश में ऐसा अन्याय कहीं नहीं हो रहा है। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि विकास के बड़े बड़े प्रोजेक्ट जैसे इंटरनेशनल एयरपोर्ट, रेल कोच फैक्ट्री, गुरुग्राम का रक्षा विश्वविद्यालय, झज्जर के 11 राष्ट्रीय स्तर के स्वास्थ्य संस्थान, जो हमने मंजूर कराये थे उनका भी हरियाणा से बाहर पलायन हो गया। ये प्रोजेक्ट हरियाणा में लगते तो यहाँ के लाखों युवाओं को रोजगार मिलता। अब एचपीएससी में भी बाहर के नौजवान लग रहे हैं। ऐसे में हरियाणा के युवा कहां जाएं। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा के युवा यूपीएससी, IIT, NET, JRF एवं अन्य बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में टॉप कर लेते हैं लेकिन, HPSC सोची-समझी साजिश के तहत अपनी परीक्षाओं में इन्हें अयोग्य ठहरा रहा है। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने तंज़ करते हुए कहा कि हरियाणा की भर्तियों की लिस्ट में हरियाणा के नौजवान का नाम है गायब और मुख्यमंत्री का नाम है नायब! उन्होंने आगे कहा कि HPSC द्वारा बाहरी युवाओं के चयन से न केवल स्थानीय युवाओं में निराशा बढ़ रही है अपितु बाहरी उम्मीदवारों के चयन से हरियाणा का प्रशासन पंगु हो गया है। सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार चरम पर है। हरियाणा देश के 28 प्रदेशों में अकेला ऐसा प्रदेश है जहाँ HPSC चेयरमैन बाहर से लाकर बनाया गया। दूसरा ऐसा कोई प्रदेश नहीं है जहां पब्लिक सर्विस कमीशन का चेयरमैन उस प्रदेश की बजाए किसी दूसरे प्रदेश का बनाया गया हो। जब से बाहर के प्रदेश से लाकर एचपीएससी चैयरमैन बनाया गया है तब से ज्यादातर अन्य प्रदेशों के बच्चे ही चयनित हो रहे हैं। जबकि अन्य प्रदेशों में वहाँ की सरकारें अपने राज्य के युवाओं को नौकरियों में प्राथमिकता देती है। उन्होंने आगे कहा कि सोची समझी साजिश के तहत हरियाणावासियों का हक मारा जा रहा है और जिन वर्गों को आरक्षण का लाभ मिलता है उनके साथ भी बड़ा धोखा हो रहा है। हरियाणा के युवा डंकी रूट से पलायन कर रहे और हरियाणा में ग्रुप ए, बी की, सी की नौकरियों का पलायन दूसरे प्रदेशों में हो रहा है। हरियाणा के बाहर के प्रदेशों के बच्चों के चयन और आरक्षित वर्गों की सीट खाली छोड़े जाने का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि HCS 100 में से 39 खाली, ADO Agriculture 600 में से 550 खाली, PGT फिजिकल एजुकेशन 1325 में से 683 खाली, PGT कम्प्यूटर साइंस 1711 में से 1672 खाली, PGT मैथ्स 456 में से 269 खाली, PGT फिजिकल एजुकेशन (2024)  226 में से 180 खाली, PGT फिजिक्स 410 में से 310 खाली और जो थोड़े बहुत लगे भी, उनमें ज्यादातर हरियाणा से बाहर के लोगों का चयन हुआ। इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि लेक्चरर टेक्निकल एजुकेशन 157 में 103 बाहर के, SDO Electrical 80 में से 78 बाहर के, SDO Electrical दूसरी भर्ती आई तो 99 में से 77 बाहर के, असिस्टेंट प्रोफेसर पोलिटिकल साइंस 18 में से 11 बाहर के लगे, AMO 394 में से 275 बाहर के लगे। इससे पहले हरियाणा पावर यूटिलिटीज (HPU) में असिस्टेंट इंजीनियर AE/SDO भर्ती में 214 अभ्यर्थियों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया जिसमें से केवल 29 हरियाणा के थे। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि इससे पहले सिविल जज के चयन में 110 में से 60 बाहर के, सिंचाई विभाग में 49 में से 28 हरियाणा से बाहर के उम्मीदवार थे। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि जिन वर्गों को आरक्षण से लाभ मिलना चाहिए था, उन वर्गों के साथ भी बैकडोर से बड़ा धोखा किया जा रहा है। इसका भी उदाहरण देते हुए बताया पिछले हफ्ते असिस्टेंट प्रोफेसर, इंग्लिश 613 में से कुल 151 अभ्यर्थियों का चयन हुआ, बाकी पद खाली रहे। डीएससी वर्ग के साथ बड़ा अन्याय करते हुए 60 रिजर्व सीट्स में से केवल 1 का चयन किया गया, 35% समेत कई कंडीशंस की आड़ में बाकी सीटें खाली छोड़ दी गई। इस अवसर पर प्रमुख रूप से सांसद वरुण चौधरी, यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु छिब, विधायक देवेन्द्र हंस, प्रदेश यूथ कांग्रेस के प्रधान निशित कटारिया, सत्यवान गहलोत, यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धिराजा, यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सचिन कुंडू, श्वेता ढुल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष संजय चौहान, जिलाध्यक्ष दुष्यंत चौहान, जिलाध्यक्ष राजेश वैद्य, पूर्व विधायक सुखबीर कटारिया, पूर्व विधायक जयवीर बाल्मीकि, पूर्व विधायक सुरेन्द्र पँवार, पूर्व विधायक चौ. लहरी सिंह, पूर्व विधायक सुल्तान सिंह जडोला, रमन त्यागी, मनोज बागड़ी समेत अनेक नेता व बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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