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हरियाणा की बेटियों का दम पूरी दुनिया ने देखा – राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू


अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
चंडीगढ़: भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि बेटियां शक्ति का स्वरूप हैं। परिवार और समाज को सदैव बेटियों को आगे बढा़ने में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा की बेटियों की ऊर्जा और दमखम को आज खेल के माध्यम से पूरी दुनिया ने देखा है। यही संदेश समाज में देने के लिए हम सभी को बेटियों को सशक्त बनाना चाहिए। श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने यह आह्वान आज हरियाणा राजभवन, चंडीगढ़ में आशा वर्कर्स, एनएनएम, डॉक्टरों और खिलाड़ियों से सीधा संवाद करते हुए किया। इस अवसर पर हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री  मनोहर लाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। राष्ट्रपति ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को हरियाणा में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं अभियान के सफल कार्यान्वयन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि आज यहां आई सभी बेटियों से संवाद करके बेहद खुशी हुई है कि कैसे हरियाणा की बेटियां आज आगे बढ़ रही हैं। भविष्य में भी सरकार इस प्रकार के प्रयासों को निरंतर जारी रखे।       

उन्होंने कहा कि पुरुष और महिलाएं साथ चलेंगे तो परिवार, समाज और देश आगे बढ़ेगा। हालांकि, महिलाओं को अपने जीवन में पुरुषों के मुकाबले अधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, इसलिए परिवार, समाज और सरकार का यह दायित्व बनता है कि वे बेटियों को आगे बढ़ाएं और उन्हें सशक्त बनाएं।        श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने डॉक्टरों, आशा वर्कर्स और एएनएम से सीधा संवाद करते हुए उनसे बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ अभियान के कार्यान्वयन और इस दौरान आई कठिनाईयों से जुड़े अनुभवों को जाना। संवाद के दौरान एक डॉक्टर ने बताया कि वर्ष 2015 में पानीपत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अभियान की शुरुआत की थी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस अभियान के लिए अलग से एक सेल का गठन किया था। मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई करने और व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। उनके मार्गदर्शन में हमने लिंग जांच करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की और ऐसे लोगों को सलाखों के पीछे भेजा।   
  
 राष्ट्रपति ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार और जमीनीस्तर पर कार्य कर रहे सभी लोगों को अपने इन प्रयासों को निरंतर जारी रखना है। जिन बेटियों को बचाया गया है और आगे भी यदि कोई ऐसे मामले आते हैं, जहां परिवार से विरोधाभास का सामना करना पड़ता है, तो इन परिस्थितियों में बेटियों को बचाने के बाद उन बेटियों को परिवार का प्यार मिले, इस ओर भी प्रयास करने होंगे। एक अन्य डॉक्टर ने बताया कि पहले लिंग जांच करने वाले अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती थी, लेकिन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हमें सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये और झज्जर में एक अल्ट्रासाउंड केंद्र में लोगों को लिंग जांच करते हुए पकड़ा और उन्हें गिरफ्तार किया गया। यह पूरे हरियाणा में पहला मामला था जब लिंग जांच के मामले में कोई गिरफ्तारी हुई हो। यह सब मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन से ही संभव हुआ। इसी प्रकार, गांवों में दायी के माध्यम से किया जाने वाले गर्भपात को भी रोका गया और उन पर भी सख्त कार्रवाई कर यह संदेश दिया कि अब हरियाणा में इस प्रकार का घृणत कार्य नहीं करने दिया जाएगा। एक आशा वर्कर ने राष्ट्रपति को बताया कि किस प्रकार वे 2015 से ही इस अभियान से जुड़ी हैं और लिंग जांच से जुड़ी 19 रेड में शामिल रही हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने पड़ोस में ही भ्रूण हत्या किये जाने के एक मामले की जानकारी अपनी टीम को दी और टीम ने मौके पर पहुंच कर उचित कर्रवाई की। राष्ट्रपति ने महिला खिलाड़ियों से भी सीधा संवाद किया और उनके जीवन के अनुभवों को जाना। इस दौरान 3 बार माउंट एवरेस्ट तथा सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर तिरंगा लहराने वाली हिसार जिले की पर्वतारोही अनीता कुंडू ने अपने जीवन के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता के निधन के बाद उनकी मां ने किस प्रकार उनका साथ दिया और वे आज इस मुकाम पर पहुंची हैं। उनकी इस यात्रा में हरियाणा सरकार का भी भरपूर सहयोग मिला। इसी प्रकार, पूजा सिहाग और सूचिका ने भी अपनी विकट परिस्थितियों से गुजरते हुए आज एक खिलाड़ी के तौर पर अपना मुकाम हासिल करने की कहानी को सांझा किया।श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने मुख्यमंत्री को कहा कि बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जब भी किसी परिवार को जागरूक करने जाते हैं तो ऐसी श्रेष्ठ महिला खिलाड़ियों से भी ऐसे परिवारों की मुलाकात करवानी चाहिए, ताकि वे लोग समझ सकें कि बेटियां जीवन में क्या- क्या हासिल नहीं कर सकती और बेटियां बोझ नहीं होती हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राष्ट्रपति को अवगत कराया कि हरियाणा में बेटों के जन्म होने पर कुआं पूजन करने का रिवाज है। पहले बेटियों के जन्म होने पर यह रीति-रिवाज नहीं किए जाते थे, लेकिन आज सरकार के प्रयासों से परिवारों की मानसिकता में बदलाव आया है और अब बेटियों के जन्म होने पर भी बेटों की तरह कुआं पूजन किया जाता है और पूरे गांव में मिठाईयां बांटी जाती है, उत्सव का माहौल होता है। उन्होंने कहा कि अब परिवार बेटियों को पढ़ाने और उन्हें आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग करते हैं। आज हरियाणा की बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और उनके परिवार के साथ-साथ हरियाणा सरकार भी बेटियों की हर मदद रही है, ताकि वे अपने जीवन में कीर्तिमान स्थापित कर अपने परिवार, प्रदेश और देश का नाम रौशन कर सकें। इस अवसर पर मुख्य सचिव  संजीव कौशल और अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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