Athrav – Online News Portal
हरियाणा

दूध की बिक्री में आई कमी को हरियाणा सरकार अधिशेष (सरप्लस) दूध की खरीद डेयरी सहकारी समितियों के माध्यम से करेंगी।

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
चंडीगढ़:भारत सरकार द्वारा कोविड-19 के प्रकोप को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन की घोषणा के पश्चात ढाबों,चाय की दुकानों, होटलों,रेस्तराओं और कैटररों के प्रतिष्ठान/व्यवसाय बंद होने के कारण दूध की बिक्री घटने पर राज्य सरकार द्वारा यह निर्णय लिया गया कि अधिशेष (सरप्लस) दूध की खरीद डेयरी सहकारी समितियों के माध्यम से की जाएगी और आने वाले दिनों में वीटा दूध और दूध उत्पादों की आपूर्ति में कोई व्यवधान नहीं होगा क्योंकि पिछले साल मार्च की तुलना में इस साल 40 प्रतिशत अधिक दूध की प्रोसेसिंग  हो रही है।इस संबंध में हरियाणा डेयरी विकास सहकारी प्रसंघ के प्रबंध निदेशक,ए.श्रीनिवास ने आज यहां बताया कि लोगों से अपील की गई कि वे न घबराएं हरियाणा डेयरी अपने दुग्ध उत्पादकों की सहकारी समितियों के माध्यम से उपलब्ध सभी दूध की प्रोसेसिंग कर रही है। हरियाणा डेयरी प्रति दिन 8.00 लाख लीटर दूध खरीद रही है जो पिछले वर्ष से 40 प्रतिशत अधिक है और इस अनुरूप हरियाणा डेयरी फेडरेशन पूरे राज्य में उपलब्ध अधिशेष (सरप्लस) दूध को ले रहा है।हरियाणा डेयरी विकास सहकारी प्रसंघ राज्यभर में निर्बाध रूप से वीटा दूध और दुग्ध उत्पादों की आपूर्ति कर रही है और कोविड-19 की वजह से लॉकडाउन के कारण आम जनता की खपत के लिए आपूर्ति जारी रहेगी।

उन्होंने बताया कि हरियाणा में उपलब्ध अधिशेष (सरप्लस) दूध भी हरियाणा डेयरी फेडरेशन द्वारा खरीदा जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों के अनुसार दूध और दूध उत्पादों की खरीद, प्रोसेसिंग / पैकिंग और आपूर्ति के दौरान उचित स्वच्छता का पालन किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि हरियाणा डेयरी फेडरेशन कोविड-19 लॉकडाउन से उत्पन्न किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार द्वारा लॉकडाउन की घोषणा के बाद समाज स्तर पर दूध की खरीद की प्रक्रिया, दूध की प्रोसेसिंग और वितरकों, खुदरा विक्रेताओं और वीटा दूध बूथों के माध्यम से सुचारू वितरण को सुनिश्चित किया गया। उन्होंने बताया कि आवश्यक वस्तु श्रेणी के तहत दूध को कवर किया जा रहा है, इसमें शामिल गतिविधियों को लॉकडाउन के दौरान शुरू करने की अनुमति दी गई है। हालाँकि, कई संबद्ध गतिविधियाँ हैं जिनमें बॉयलर के लिए भूसी की उपलब्धता, पैकिंग सामग्री, श्रमिकों की आवाजाही, परिवहन इत्यादि शामिल है, जो आम जनता के लिए वीटा दूध और दूध उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। गतिविधियों को निजी विक्रेताओं द्वारा सहायता प्राप्त है और इन विक्रेताओं के आड़े आने वाले मुद्दों को नियमित आधार पर हल किया जा रहा है। हरियाणा डेयरी फेडरेशन ने पंचकूला, फरीदाबाद और गुरूग्राम के क्षेत्रों में वीटा दूध और दूध उत्पादों की ऑनलाइन डिलीवरी के लिए ‘‘स्विगी’’ के साथ समझौता भी किया है।उन्होंने बताया कि यह सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत व्यवस्था की गई है कि उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षित और पौष्टिक दूध और दूध उत्पाद उपलब्ध हों और आने वाले दिनों में इसकी आपूर्ति में कोई व्यवधान नहीं होगा। उन्होंने बताया कि पौष्टिक दूध और दूध उत्पादों के उत्पादन को सुनिश्चित करने के लिए सभी एहतियाती उपाय उठाए गए हैं। हरियाणा डेयरी के कार्यबल पूरी तरह से संवेदनशील हैं और डब्ल्यूएचओ, केंद्र / राज्य सरकारों द्वारा जारी किए गए दिशानिर्देशों के अनुसार सभी सिद्ध उपाय किए जा रहे हैं। इसके अलावा , सभी वीटा मिल्क बार, मिल्क बूथ और रिटेल पॉइंट्स को सैनिटाइज किया जा रहा है और यह सुनिश्चित करने की सलाह दी जाती है कि सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे।

Related posts

विजिलेंस ने दर्ज मुकदमे से नाम हटाने के नाम पर महिला थाने में तैनात महिला एएसआई को दस हजार रिश्वत लेते हुए पकड़ा। 

Ajit Sinha

परिवहन मंत्री मूलचन्द शर्मा ने नियमों की अवहेलना करने वाले निजी बिल्डरों के खिलाफ करें कड़ी कार्रवाई के दिए निर्देश

Ajit Sinha

बजरंग पुनिया ने संभाला किसान कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष का पदभार

Ajit Sinha
error: Content is protected !!