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अपराध दिल्ली नई दिल्ली

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने रियल एस्टेट, 53 ग्राहकों से 9 करोड़ की ठगी के आरोपी निदेशक को किया अरेस्ट।  

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा पुलिस ने  रियल एस्टेट में ग्राहक जनों से ठगी करने के आरोप में आज एक सिविल इंजिनियर और कथित कंपनी में प्रोजेक्ट हेड व निदेशक को अरेस्ट किया है। इस आरोपित का नाम संजय चावला हैं इसे सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अरेस्ट किया गया है। इस आरोपित पर 53 ग्राहकों  के 9 करोड़ रूपए की ठगी करने के आरोप हैं। इस आरोपित को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। ये आरोपित मकान नंबर -1303 ,अंबर कोर्ट -1, एस्सेल टावर , एमजी रोड , गुरुग्राम का रहने वाला हैं। 

पुलिस के मुताबिक 2016 थाना आर्थिक अपराध शाखा,दिल्ली में दर्ज एफआईआर नंबर- 84 के माध्यम से एक मामला आर्थिक अपराध शाखा को कंपनी मेसर्स अदेल लैंडमार्क लिमिटेड के खिलाफ पुनीत भाटिया और अन्य शिकायतकर्ताओं/निवेशकों की संयुक्त शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। (पूर्व में युग स्थलों लिमिटेड के रूप में जाना जाता है) बी-39, ग्राउंड फ्लोर, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी (पश्चिम), नई दिल्ली में अपना पंजीकृत कार्यालय होने से एक करोड़ रुपये की राशि शामिल है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मार्च 2011 में कथित कंपनी मेसर्स अदेल लैंडमार्क लिमिटेड( पूर्व में युग स्थलों लिमिटेड के रूप में जाना जाता है) गुड़गांव के सेक्टर -86 में आने वाले कॉस्मो कोर्ट के नाम से एक प्रोजेक्ट को प्री-लॉन्च किया था। कथित कंपनी और उसके प्रतिनिधियों ने निवेशकों को गुमराह किया कि उक्त कंपनी पहले ही 17 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर परियोजना शुरू करने के लिए लाइसेंस हासिल कर चुकी है। कथित कंपनी और उसके एजेंटों ने शिकायतकर्ताओं को प्री-लॉन्च चरण में परियोजना के लिए बुकिंग के लिए भुगतान कर ना शुरू करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि यह इस स्तर पर बहुत नाममात्र है और एक बार परियोजना आधिकारिक रूप से शुरू होने के बाद, दरें दोगुनी हो जाएंगी ।कथित कंपनी ने आवश्यक अनुमोदनों से बहुत पहले निवेशकों से बुकिंग राशि स्वीकार करना शुरू कर दिया. प्राधिकरण से प्राप्त किए गए। बाद में कथित कंपनी ने 12 एकड़ जमीन हस्तांतरित कर दी,जिस पर उक्त प्रोजेक्ट को अपनी 100% सब्सिडियरी कंपनी यानी अंसल हाउसिंग को ट्रांसफर कर दिया।संकल्प संपदा प्राइवेट लिमिटेड बाद में, कथित परियोजना को छोड़ दिया  था। न तो आम जनता से मिली राशि वापस की गई और न ही प्रोजेक्ट पूरा हुआ। तदनुसार, उपरोक्त मामला दर्ज किया गया था और जांच की गई थी। 

जांच के दौरान पीड़ितों की जांच की गई और दस्तावेज लिए गए । जांच में पता चला है कि आरोपी संजय चावला कथित कंपनी यानी कंपनी में निदेशकों और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता में से एक है। एडील लैंडमार्क लिमिटेड कथित व्यक्ति को अदालत के निर्देशानुसार 5 अप्रैल -2021 को गिरफ्तार किया गया है और बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया है ।इससे पहले जांच के दौरान इस मामले में दो आरोपी व्यक्ति यानी सुमित भड़ाना  और हेम सिंह भरथना जो इस परियोजना के प्रमोटर थे, को गिरफ्तार किया गया था ।इस मामले में चार्जशीट और सप्लीमेंट्री चार्जशीट पहले ही दाखिल हो चुकी है।
पुलिस की माने तो आरोपी  व्यक्ति संभावित ग्राहकों तक पहुंचने के लिए इस्तेमाल किया और एक गुलाबी तस्वीर प्रस्तुत की जिससे इस परियोजना में निवेश आमंत्रित किया । वह अधिकांश ग्राहक/शिकायतकर्ताओं को इस आश्वासन के साथ अपनी गाढ़ी कमाई के साथ भाग लेने के लिए मनाते थे कि इसे थोड़े समय के अंतराल में दोगुना कर दिया जाएगा ।  इस मामले में आरोपी संजय चावला को  न्यायालय के निर्देशानुसार गिरफ्तार कर जमानत पर रिहा कर दिया गया है। आरोपियों का विवरण: संजय चावला, पिता  लेफ्टिनेंट वीडी चावला निवासी -1303, अंबर कोर्ट-1, एस्सेल टावर, एमजी रोड, गुड़गांव हैं 

प्रोफाइल: आरोपी संजय चावला एक सिविल इंजीनियर है और वह कई बिल्डरों/प्रमोटरों के सहयोग से इस कथित कंपनी में प्रोजेक्ट हेड के साथ-साथ निदेशक बन गया । वह संभावित ग्राहकों से बातचीत करते थे और उन्हें कथित परियोजना में निवेश करने के लिए मनाते थे ।

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