अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
गुरुग्राम:प्रबंध निर्देशक विक्रम सिंह के निर्देशानुसार दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) ने नए बिजली कनेक्शन, लोड परिवर्तन, लोड में कमी एवं नाम परिवर्तन से संबंधित आवेदन रद्द करने की स्वीकृति व्यवस्था में संशोधन किया है। यह निर्णय स्वीकृति एवं निरस्तीकरण की प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट, सरल और अधिकारिक स्तर के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।निगम द्वारा जारी नवीन निर्देशों के अनुसार अब आवेदन रद्द करने की स्वीकृति का अधिकार लोड श्रेणी के आधार पर निर्धारित किया गया है। 0 से 50 किलोवाट या केवीए तक के मामलों तथा लोड में कमी एवं नाम परिवर्तन के सभी मामलों में संबंधित ऑपरेशन के कार्यकारी अभियंता सक्षम अधिकारी होंगे। 50 से 500 किलोवाट या केवीए तक के मामलों में यह अधिकार संबंधित ऑपरेशन के अधीक्षण अभियंता को दिया गया है।
डीएचबीवीएन में 500 किलोवाट या केवीए से अधिक और 2 मेगावाट या 2 एमवीए तक (लोड स्वीकृति तक) के मामलों में अधीक्षण अभियंता ऑपरेशंस, 2 से 5 मेगावाट या 5 एमवीए तक के मामलों में मुख्य अभियंता ऑपरेशंस तथा 5 मेगावाट या 5 एमवीए से अधिक के मामलों में मुख्य अभियंता वाणिज्य को स्वीकृति प्राधिकारी बनाया गया है। वहीं, 500 किलोवाट या केवीए और उससे अधिक के मामलों में लोड स्वीकृति के बाद एससीओ जारी करने का अधिकार मुख्य अभियंता ऑपरेशंस के पास रहेगा।निगम प्रवक्ता संजय चुघ ने बताया है कि संबंधित अधिकारियों की यूज़र आईडी अधिकारों को संशोधित शक्ति प्रत्यायोजन के अनुसार मैप किया जाएगा। इसके साथ ही आईटी विंग को डीएचबीवीएन के नए कनेक्शन पोर्टल में आवश्यक तकनीकी बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं। इस संशोधन के साथ ही सेल्स सर्कुलर नंबर डी-29/2024 को निरस्त कर दिया गया है तथा सेल्स सर्कुलर नंबर डी-05/2022 में आवश्यक संशोधन लागू कर दिए गए हैं। निगम ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
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