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अपराध पंचकूला

भ्रष्टाचार के विरुद्ध हर सूचना पर गंभीरता से कार्रवाई करें, शिकायतकर्ताओं को दें प्रोत्साहन: डॉ. अरशिंदर सिंह चावला

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
पंचकूला:राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV & ACB), हरियाणा की तीसरी तिमाही समीक्षा बैठक आज पंचकूला स्थित मुख्यालय में ब्यूरो प्रमुख डॉ. अरशिंदर सिंह चावला की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पिछले नौ महीनों के दौरान ब्यूरो द्वारा की गई कार्रवाई, प्राप्त इंक्वायरी, उनके निस्तारण, रिश्वतखोरी के विरुद्ध रेड तथा भ्रष्टाचार संबंधी सूचनाओं पर कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई। डॉ. चावला ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए सटीक सूचना, शिकायतकर्ताओं का सहयोग और अधिकारियों की जवाबदेही बेहद महत्वपूर्ण है।

बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, तीसरी तिमाही के दौरान विजिलेंस विभाग में 44 जांचे (इंक्वायरी) दर्ज की गई है और इस तिमाही में 20 जांचो की रिपोर्ट सरकार को भेजी गई है। पिछले नौ महीनों के दौरान प्रदेश में कुल 90 जांचे दर्ज की गई है जबकि इसी अवधि के दौरान 60 जांचो का निपटान करके रिपोर्ट सरकार को भेजा गया है जिनमें पिछले नौ महीनों से पूर्व की अवधि से लंबित मामले भी शामिल हैं, मुख्यालय स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद सरकार को भेजा गया है।

डॉ. अरशिंदर सिंह चावला ने पूर्व में एक समाचार पत्र में इंक्वायरी के संबंध में प्रकाशित खबर को तथ्यों से परे बताते हुए कहा कि पिछले नौ महीनों में प्राप्त 90 इंक्वायरी में से 60 जांचो का निस्तारण किया जा चुका है। यह ब्यूरो की कार्यप्रणाली और मामलों के निस्तारण की गति को दर्शाता है। औसतन हर महीने छह से सात इंक्वायरी का निस्तारण किया जा रहा है, जो निर्धारित प्रक्रिया के तहत मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने के प्रयासों को प्रदर्शित करता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इंक्वायरी का निस्तारण समयबद्ध तरीके से किया जाए तथा लंबित मामलों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से संबंधित प्रत्येक शिकायत और सूचना को गंभीरता से लेते हुए तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई में अधिकारियों एवं कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से डॉ. चावला ने कहा कि क्लास-1 अधिकारी को रिश्वत लेते हुए पकड़ने वाली विजिलेंस टीम को एक लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा। वहीं, भ्रष्ट अधिकारी के संबंध में विश्वसनीय सूचना देकर उसे पकड़वाने में मदद करने वाले व्यक्ति को निर्धारित इनाम राशि का 30 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि रिश्वतखोरी के मामलों में शिकायतकर्ता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। शिकायतकर्ता के सहयोग से ही कई मामलों में भ्रष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों को रंगे हाथों पकड़ना संभव हो पाता है। इसलिए शिकायतकर्ताओं के साथ सम्मानजनक एवं संवेदनशील व्यवहार किया जाए और उन्हें भ्रष्टाचार के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।बैठक में बताया गया कि ऐसे अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पहचान के लिए *‘डोंट मूव विदाउट मनी’* नाम से एक विशेष सूची तैयार की गई है, जिनके संबंध में रिश्वत लिए बिना काम नहीं करने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इस सूची में प्रदेश के 190 अधिकारी-कर्मचारी चिह्नित किए गए हैं। इनमें से छह के विरुद्ध रेड कर गिरफ्तारी की जा चुकी है। डॉ. चावला ने निर्देश दिए कि ऐसे अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संबंधित सूचनाओं पर कड़ी निगरानी रखी जाए और शिकायतों की पुष्टि होने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बैठक में प्रदेश की सात विजिलेंस रेंज में की गई कार्रवाई की समीक्षा के दौरान बताया गया कि तीसरी तिमाही में कुल 64 रेड की गईं, जबकि पिछले नौ महीनों में यह संख्या 155 रही। डॉ. चावला ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाए और शिकायतकर्ताओं के सहयोग से रेड को प्रभावी ढंग से अंजाम दिया जाए।डॉ. चावला ने ‘सतर्क हरियाणा’ मोबाइल ऐप के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में आमजन को इस ऐप के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के संबंध में नागरिकों से प्राप्त होने वाली सूचनाएं ब्यूरो के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन सूचनाओं के आधार पर भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की पहचान करने, आवश्यक जांच करने और प्रभावी कार्रवाई करने में सहायता मिल सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐप पर प्राप्त प्रत्येक सूचना को गंभीरता से लिया जाए और उसकी उचित जांच सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जानबूझकर गलत या भ्रामक सूचना देने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।बैठक के दौरान प्रदेशभर में उत्कृष्ट कार्य करने वाली चार टीमों को सम्मानित किया गया। डीएसपी सुरिंदर कुमार सहित बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यों की सराहना की गई। डॉ. चावला ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि अपेक्षाओं के अनुरूप प्रदर्शन नहीं करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाना होगा। उन्होंने ठोस परिणाम देने, शिकायतों का प्रभावी निस्तारण करने और भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में ब्यूरो के पास उपलब्ध उपकरणों एवं संसाधनों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। डॉ. चावला ने कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई, शिकायतकर्ताओं का विश्वास और जवाबदेह कार्यप्रणाली ब्यूरो की प्राथमिकताएं हैं। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण के साथ कार्य करें।

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